'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत' अभियान लॉन्च, 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 2 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान' का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपाल उपस्थित रहे और 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। 28 स्थानों पर एक साथ आयोजित इस अभियान को माई भारत युवा संगठन की अगुवाई में संचालित किया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री के उस संकल्प की कड़ी है जो उन्होंने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले की प्राचीर से व्यक्त किया था — कि देश को 'नशा मुक्त' बनाना है। गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान लाल किले से ही 'विकसित भारत' की संकल्पना रखी गई थी, जिसमें 140 करोड़ नागरिकों को सहयोगी के रूप में देखा गया था।
माई भारत की भूमिका
डॉ. मांडविया ने बताया कि युवाओं को दिशा देने के लिए स्थापित 'माई भारत' युवा संगठन आज 2 करोड़ 26 लाख सदस्यों का संगठन बन चुका है। इसी संगठन ने नशा मुक्ति के संकल्प को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, 'युवा देश के अमृत काल के सारथी हैं' — प्रधानमंत्री के इस आह्वान को माई भारत ने अपनी कार्ययोजना का केंद्र बनाया है।
काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र
अभियान की नींव लगभग एक वर्ष पूर्व रखी गई थी, जब देश के आध्यात्मिक गुरुओं, संगठनों के युवा प्रकोष्ठों और नशा मुक्ति कार्य से जुड़े लोगों को एकजुट कर दो दिवसीय आध्यात्मिक युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। उस सम्मेलन में 'काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र' तैयार किया गया, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित की गई।
सरकार का दृष्टिकोण
डॉ. मांडविया ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि उसके नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। उनके अनुसार, 'स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज से समृद्ध राष्ट्र' का निर्माण होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान युवाओं का जीवन बदलने में सक्षम होगा।
आगे की राह
माई भारत संगठन के नेतृत्व में यह अभियान देशभर में जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। 26 राज्यों के राज्यपालों की उपस्थिति और 1 करोड़ से अधिक युवाओं के संकल्प ने इसे एक व्यापक सामाजिक पहल का दर्जा दिया है। आने वाले महीनों में इस अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी।