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'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत' अभियान लॉन्च, 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया संकल्प

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'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत' अभियान लॉन्च, 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया संकल्प

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए 'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत की। 26 राज्यों के राज्यपाल और 1 करोड़ से अधिक युवा इस पहल से जुड़े। 2.26 करोड़ सदस्यीय माई भारत संगठन इस राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन की धुरी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए 'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान' लॉन्च किया।
1 करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया; 28 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित हुए।
26 राज्यों के राज्यपाल इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
माई भारत युवा संगठन अब 2 करोड़ 26 लाख सदस्यों का संगठन बन चुका है।
अभियान की नींव 'काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र' के माध्यम से एक वर्ष पूर्व रखी गई थी।
मनसुख मांडविया ने कहा कि यह अभियान युवाओं का जीवन बदलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 2 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान' का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपाल उपस्थित रहे और 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। 28 स्थानों पर एक साथ आयोजित इस अभियान को माई भारत युवा संगठन की अगुवाई में संचालित किया गया।

अभियान की पृष्ठभूमि

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री के उस संकल्प की कड़ी है जो उन्होंने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले की प्राचीर से व्यक्त किया था — कि देश को 'नशा मुक्त' बनाना है। गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान लाल किले से ही 'विकसित भारत' की संकल्पना रखी गई थी, जिसमें 140 करोड़ नागरिकों को सहयोगी के रूप में देखा गया था।

माई भारत की भूमिका

डॉ. मांडविया ने बताया कि युवाओं को दिशा देने के लिए स्थापित 'माई भारत' युवा संगठन आज 2 करोड़ 26 लाख सदस्यों का संगठन बन चुका है। इसी संगठन ने नशा मुक्ति के संकल्प को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा, 'युवा देश के अमृत काल के सारथी हैं' — प्रधानमंत्री के इस आह्वान को माई भारत ने अपनी कार्ययोजना का केंद्र बनाया है।

काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र

अभियान की नींव लगभग एक वर्ष पूर्व रखी गई थी, जब देश के आध्यात्मिक गुरुओं, संगठनों के युवा प्रकोष्ठों और नशा मुक्ति कार्य से जुड़े लोगों को एकजुट कर दो दिवसीय आध्यात्मिक युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। उस सम्मेलन में 'काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र' तैयार किया गया, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित की गई।

सरकार का दृष्टिकोण

डॉ. मांडविया ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि उसके नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। उनके अनुसार, 'स्वस्थ नागरिक से स्वस्थ समाज और स्वस्थ समाज से समृद्ध राष्ट्र' का निर्माण होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान युवाओं का जीवन बदलने में सक्षम होगा।

आगे की राह

माई भारत संगठन के नेतृत्व में यह अभियान देशभर में जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। 26 राज्यों के राज्यपालों की उपस्थिति और 1 करोड़ से अधिक युवाओं के संकल्प ने इसे एक व्यापक सामाजिक पहल का दर्जा दिया है। आने वाले महीनों में इस अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

28 स्थान और 1 करोड़ संकल्प — लेकिन असली परीक्षा इसके क्रियान्वयन तंत्र में है। नशा मुक्ति के पिछले सरकारी अभियानों की समीक्षा बताती है कि जागरूकता कार्यक्रमों और ज़मीनी नशा उपचार अवसंरचना के बीच की खाई अक्सर पाटी नहीं जा सकी। 'काशी घोषणापत्र' और आध्यात्मिक संगठनों की भागीदारी एक नया कोण देती है, परंतु युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या — विशेषकर पंजाब, मणिपुर और शहरी केंद्रों में — के लिए संकल्प-आधारित जन आंदोलन पर्याप्त नहीं, बल्कि पूरक हो सकता है। मापने योग्य लक्ष्यों और पारदर्शी प्रगति रिपोर्टिंग के बिना यह पहल भी भावनात्मक घोषणाओं की उस श्रृंखला में जुड़ने का जोखिम उठाती है जो सुर्खियाँ तो बनाती हैं, पर आँकड़े नहीं बदलतीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान' क्या है?
यह केंद्र सरकार और माई भारत युवा संगठन की एक संयुक्त राष्ट्रव्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना है। PM मोदी ने 2 अगस्त को इसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लॉन्च किया।
माई भारत युवा संगठन की इस अभियान में क्या भूमिका है?
माई भारत युवा संगठन इस अभियान का मुख्य क्रियान्वयन संगठन है, जिसके अब 2 करोड़ 26 लाख सदस्य हैं। इसी संगठन ने काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र के आधार पर अभियान की कार्ययोजना तैयार की और देशभर में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए।
काशी आध्यात्मिक समिति घोषणापत्र क्या है?
यह एक कार्ययोजना दस्तावेज़ है जो लगभग एक वर्ष पूर्व आयोजित दो दिवसीय आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में तैयार किया गया था। इसमें देश के आध्यात्मिक गुरुओं, संगठनों के युवा प्रकोष्ठों और नशा मुक्ति कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आगामी अभियान की रूपरेखा निर्धारित की।
इस अभियान का विचार कब और कहाँ से आया?
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले से देश को 'नशा मुक्त' बनाने का संकल्प व्यक्त किया था। इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में माई भारत संगठन ने कदम उठाए और अंततः 2 अगस्त को यह अभियान औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।
इस अभियान में कितने युवाओं और राज्यों की भागीदारी रही?
लॉन्च कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपाल उपस्थित रहे और 1 करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम एक साथ 28 स्थानों पर आयोजित किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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