नशा-मुक्त युवा शपथ अभियान: PM मोदी ने की देशव्यापी पहल की शुरुआत, गुजरात में NFSU बना केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को देशव्यापी 'विकसित भारत के लिए नशा-मुक्त युवा शपथ अभियान' का शुभारंभ किया। गुजरात में इस अभियान का राज्य स्तरीय आयोजन गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) में हुआ, जहाँ राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे के विरुद्ध संकल्प दिलाया।
अभियान का स्वरूप और राष्ट्रीय विस्तार
यह अभियान एक समन्वित राष्ट्रीय पहल के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया और उनसे नशा-मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस देशव्यापी कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपालों और 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भागीदारी की। देश भर में हजारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लाखों युवाओं ने नशीले पदार्थों के विरुद्ध सामूहिक प्रतिज्ञा ली।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री का संदेश
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रतिभागी युवाओं से सीधी बातचीत की और उन्हें 'नशा-मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प' लेने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नशा-मुक्त विकसित भारत का सपना देखा है और उस लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं।
आचार्य देवव्रत ने युवाओं से हानिकारक नशों की जगह रचनात्मक गतिविधियाँ अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को जल संरक्षण, पर्यावरण रक्षा और बड़ों के प्रति सम्मान की 'लत' लगानी चाहिए। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और भगत सिंह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों का राष्ट्र-समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्राकृतिक खेती और ग्रामीण संपर्क
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि वे नियमित रूप से गुजरात के दूरदराज के गाँवों का दौरा करते हैं, किसानों के साथ रात बिताते हैं और प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पंचायत की बेकार ज़मीन पर वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने बताया कि हर पेड़ को एक स्थानीय परिवार से जोड़ा गया है ताकि दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित हो सके और प्रगति की निगरानी के लिए मासिक आधार पर तस्वीरें व वीडियो एकत्र किए जाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवारों से मिलते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं और ग्रामीणों के साथ शिक्षा, नशा-मुक्ति तथा प्राकृतिक खेती पर संवाद करते हैं। रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों को देखते हुए गुजरात में अब तक लगभग 8.5 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाई है।
मुख्यमंत्री का आह्वान: जन-आंदोलन बने अभियान
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'माय भारत' के एक स्वयंसेवक के सुझाव का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार इस अभियान को जन-आंदोलन में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "गुजरात में 'ड्रग-फ्री यूथ फॉर विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान' को एक जन-आंदोलन बनना चाहिए। 'माय भारत' की भावना खुद तक सीमित नहीं, बल्कि देश के लिए होनी चाहिए।"
युवा संगठन और भागीदारी
'माय भारत' के राज्य निदेशक सचिन शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित युवा, विकसित भारत' के विज़न के तहत यह संगठन देश भर में 2.5 करोड़ से अधिक युवाओं से जुड़ा है, जिनमें गुजरात के 9 लाख से अधिक युवा शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान नशे के दुरुपयोग पर एक जागरूकता फिल्म प्रदर्शित की गई और नुक्कड़ नाटक के ज़रिए नशाखोरी की रोकथाम तथा जिम्मेदार नागरिकता के संदेश को रेखांकित किया गया। इस अभियान का दीर्घकालिक लक्ष्य 2047 तक 'विकसित भारत' के विज़न को साकार करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करना है।