16 सितंबर 2026
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13वां पेइचिंग श्यांगशान फोरम शुरू: चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने 100+ देशों के सामने रखा वैश्विक सुरक्षा का एजेंडा

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13वां पेइचिंग श्यांगशान फोरम शुरू: चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने 100+ देशों के सामने रखा वैश्विक सुरक्षा का एजेंडा

सारांश

बीजिंग में 13वें पेइचिंग श्यांगशान फोरम का आगाज हुआ — यह चीन का सबसे बड़ा रक्षा-कूटनीति मंच है। 100 से अधिक देशों के 2,000 प्रतिनिधियों के सामने चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने बहुपक्षवाद और संवाद को वैश्विक सुरक्षा की कुंजी बताया। फोरम की यह 20वीं वर्षगांठ वैश्विक उथल-पुथल के बीच चीन की कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं का आईना है।

मुख्य बातें

13वां पेइचिंग श्यांगशान फोरम 16 सितंबर 2026 को बीजिंग में आरंभ हुआ; यह फोरम की 20वीं वर्षगांठ भी है।
चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने मुख्य भाषण दिया और वैश्विक सुरक्षा शासन का रोडमैप प्रस्तुत किया।
फोरम में 100 से अधिक देशों के करीब 2,000 प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
इस वर्ष का विषय: 'स्थिरता पर आम सहमति बनाएं, सुरक्षा शासन को संयुक्त रूप से बढ़ावा दें' ।
तोंग चुन ने वैश्विक सुरक्षा पहल के क्रियान्वयन और मानव जाति साझा भविष्य समुदाय के निर्माण में चीनी सेना की प्रतिबद्धता दोहराई।

बीजिंग के पेइचिंग अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में बुधवार, 16 सितंबर 2026 को 13वें पेइचिंग श्यांगशान फोरम का उद्घाटन हुआ। चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने मुख्य भाषण दिया और 100 से अधिक देशों, क्षेत्रों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के करीब 2,000 गणमान्य प्रतिनिधियों के समक्ष वैश्विक सुरक्षा शासन का रोडमैप प्रस्तुत किया। इस वर्ष यह फोरम अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ भी मना रहा है।

फोरम का विषय और परिप्रेक्ष्य

इस वर्ष के फोरम का केंद्रीय विषय है — 'स्थिरता पर आम सहमति बनाएं, सुरक्षा शासन को संयुक्त रूप से बढ़ावा दें'। तोंग चुन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में दुनिया में 'सदी में एक बार होने वाले बड़े बदलाव' तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था एक नाजुक दौर से गुजर रही है।

उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित मानव जाति साझा भविष्य समुदाय की अवधारणा और चार वैश्विक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका ऐतिहासिक महत्व लगातार उभर कर सामने आ रहा है।

चीनी रक्षा मंत्री के प्रमुख संदेश

तोंग चुन ने वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नई सुरक्षा अवधारणा के जरिए आम सहमति बनानी चाहिए और बहुपक्षवाद के माध्यम से स्थिरता कायम रखनी चाहिए। साथ ही, ऐतिहासिक अनुभवों से सीख लेते हुए जोखिमों से बचना चाहिए।

उन्होंने जोर दिया कि संवाद और परामर्श के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए तथा साझा विकास को आधार बनाकर सहयोग को मजबूत करना चाहिए। तोंग चुन ने स्पष्ट किया कि वैश्विक सुरक्षा शासन की 'असली कसौटी कार्रवाई और उसके नतीजे हैं।'

चीनी सेना की प्रतिबद्धता

तोंग चुन ने घोषणा की कि चीनी सेना दुनिया के सभी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर वैश्विक सुरक्षा पहल को लागू करने, आपसी सुरक्षा विश्वास को मजबूत करने और साझा सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि चीनी सेना उभरते क्षेत्रों में सुरक्षा शासन को मजबूत करने, सार्वजनिक सुरक्षा सेवाओं की आपूर्ति बढ़ाने और मानव जाति साझा भविष्य समुदाय के निर्माण में अधिक योगदान देने को तैयार है।

फोरम की भागीदारी और वैश्विक महत्व

इस फोरम में 100 से अधिक देशों के आधिकारिक प्रतिनिधियों के साथ-साथ विद्वान, विशेषज्ञ और पर्यवेक्षक शामिल हुए। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य — यूरोप में संघर्ष, एशिया-प्रशांत में तनाव और बहुपक्षीय ढाँचों पर बढ़ते दबाव — के कारण नई जटिलताओं से जूझ रहा है।

गौरतलब है कि पेइचिंग श्यांगशान फोरम को चीन का प्रमुख रक्षा-कूटनीति मंच माना जाता है, जो एशिया में सिंगापुर के शांगरी-ला संवाद के समकक्ष स्थान रखता है। इस वर्ष 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है।

आगे की दिशा

फोरम के दौरान विभिन्न देशों के रक्षा प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें अपेक्षित हैं। वैश्विक सुरक्षा पहल के क्रियान्वयन को लेकर विशेष चर्चाएँ होंगी। इस फोरम के निष्कर्ष आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये ताइवान, दक्षिण चीन सागर और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर चीन की स्थिति से कैसे मेल खाते हैं — यह सवाल फोरम में अनुत्तरित रहा। भारत के लिए यह फोरम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सामान्यीकरण की प्रक्रिया के बीच चीन का सुरक्षा विमर्श किस दिशा में जा रहा है, इसे समझना ज़रूरी है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेइचिंग श्यांगशान फोरम क्या है?
पेइचिंग श्यांगशान फोरम चीन का सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा संवाद मंच है, जिसे एशिया में सिंगापुर के शांगरी-ला डायलॉग के समकक्ष माना जाता है। इसका आयोजन चीनी सेना के तत्वावधान में बीजिंग में किया जाता है और इसमें दुनियाभर के रक्षा अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता भाग लेते हैं।
13वें पेइचिंग श्यांगशान फोरम में कितने देशों ने भाग लिया?
इस वर्ष के फोरम में 100 से अधिक देशों, क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के करीब 2,000 प्रतिनिधियों, विद्वानों, विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
चीनी रक्षा मंत्री तोंग चुन ने फोरम में क्या कहा?
तोंग चुन ने वैश्विक सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद, संवाद और साझा विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीनी सेना वैश्विक सुरक्षा पहल को लागू करने और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय बढ़ाने के लिए सभी देशों की सेनाओं के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
इस वर्ष के फोरम का विषय क्या है?
2026 के पेइचिंग श्यांगशान फोरम का विषय 'स्थिरता पर आम सहमति बनाएं, सुरक्षा शासन को संयुक्त रूप से बढ़ावा दें' है। यह विषय वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
मानव जाति साझा भविष्य समुदाय की अवधारणा क्या है?
यह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित एक वैश्विक दृष्टिकोण है, जिसके तहत सभी देश साझा हितों और सहयोग के आधार पर एक सुरक्षित और समृद्ध विश्व व्यवस्था बनाएं। इसके साथ चीन ने चार वैश्विक पहलें भी प्रस्तुत की हैं, जिन्हें तोंग चुन ने फोरम में ऐतिहासिक महत्व का बताया।
राष्ट्र प्रेस
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