महुआ मोइत्रा पर नदिया के तेहट्टा में अंडा हमला, TMC सांसद ने BJP पर लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कृष्णानगर लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बुधवार, 16 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के तेहट्टा में एक पार्टी बैठक से निकलते समय भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी पर अंडे फेंके। मोइत्रा ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया कि BJP पदाधिकारियों ने बैठक स्थल को घेरकर उनके काफिले को निशाना बनाया।
घटना का विवरण
मोइत्रा के अनुसार, वे अपनी लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले तेहट्टा में एक आधिकारिक पार्टी बैठक में भाग लेने पहुँची थीं। उन्होंने दावा किया कि इस दौरे की जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस को पहले से दी गई थी। बैठक समाप्त होने के बाद जब वे वहाँ से निकल रही थीं, तो BJP पदाधिकारियों ने उस स्थान को घेर लिया और उनके वाहन पर अंडे फेंके।
सांसद मोइत्रा ने स्पष्ट किया कि यह हमला आम जनता की ओर से नहीं, बल्कि BJP पदाधिकारियों की ओर से किया गया। उन्होंने कहा, 'भाजपा पदाधिकारियों (आम जनता ने नहीं) ने मेरी मीटिंग वाली जगह को घेर लिया और मेरे निकलने पर अंडे फेंके।'
जस्टिस दीपांकर दत्ता की टिप्पणी का संदर्भ
मोइत्रा ने इस घटना को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस दीपांकर दत्ता की हालिया टिप्पणी से जोड़ा, जिसमें न्यायाधीश ने कहा था कि जब स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियों का सामना किया, तो नेताओं को अंडे फेंके जाने पर अधिक चिंतित नहीं होना चाहिए। मोइत्रा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'जस्टिस दीपांकर दत्ता को बहुत-बहुत धन्यवाद! मैंने उनका सामना वैसे ही किया जैसे आजादी की लड़ाई लड़ने वाले गोलियों का सामना करते थे।'
उन्होंने कहा कि बुधवार को वे आधिकारिक तौर पर 'आजाद भारत की एक सांसद और एक स्वतंत्रता सेनानी' की तरह थीं — यह कथन न्यायाधीश की टिप्पणी पर सीधी प्रतिक्रिया थी।
पुलिस सूचना विवाद
मोइत्रा ने तेहट्टा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सुप्रिया रंजन माजी की भी आलोचना की। उनके अनुसार, माजी ने कैमरे पर दावा किया कि उन्हें सांसद के तेहट्टा दौरे की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। मोइत्रा ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नदिया के जिला पुलिस अधीक्षक ने इस दौरे के संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया था, जिसकी एक प्रति संबंधित इंचार्ज को भी भेजी गई थी। मोइत्रा ने तंज कसते हुए पूछा, 'क्या मिस्टर माजी को भी भाजपा वाली शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस की बीमारी हो गई है?'
BJP का पक्ष
तेहट्टा से भाजपा विधायक सुब्रत कोबिराज ने इस घटना में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की किसी भी भूमिका से इनकार किया। कोबिराज ने दावा किया कि यह हमला दरअसल नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस के भीतर गुटबाजी का परिणाम था, न कि BJP का कोई कृत्य।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है और सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर हमलों की घटनाएँ विपक्ष के लिए एक बड़ा मुद्दा रही हैं। गौरतलब है कि मोइत्रा पहले भी कई विवादास्पद मुद्दों पर राष्ट्रीय सुर्खियों में रह चुकी हैं।
आगे क्या होगा
अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। TMC की ओर से यह देखना होगा कि पार्टी इस घटना को कानूनी या राजनीतिक रूप से कैसे आगे बढ़ाती है। BJP और TMC के बीच यह ताजा टकराव नदिया जिले में दोनों दलों की सियासी लड़ाई को और तीखा कर सकता है।