IAEA महासम्मेलन में चीन ने लॉन्च की 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल', परमाणु ऊर्जा में अग्रणी भूमिका का दावा
सारांश
मुख्य बातें
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 70वें महासम्मेलन के दौरान चीन ने सोमवार, 15 सितंबर 2026 को लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण साइड इवेंट आयोजित किया। इसी कार्यक्रम में चीन ने औपचारिक रूप से 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल' की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य तकनीकी नवाचार, मानकों के समन्वय और क्षमता निर्माण के माध्यम से वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में योगदान देना है।
साइड इवेंट का विषय और उद्देश्य
इस साइड इवेंट का विषय था — 'SMR नवाचार में एकजुटता, परमाणु ऊर्जा से सुंदर घर का सह-निर्माण'। आयोजन का मुख्य उद्देश्य SMR प्रौद्योगिकी में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना, व्यावहारिक उपयोग को गति देना और वैश्विक सतत विकास एजेंडा को परमाणु ऊर्जा के माध्यम से आगे बढ़ाना था। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन-निम्न विकल्पों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
चीन के परमाणु ऊर्जा प्रमुख का बयान
चीन के राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा प्रशासन के निदेशक शान चोंगदे ने कार्यक्रम में कहा कि चीन परमाणु ऊर्जा को नई ऊर्जा प्रणाली के निर्माण और कार्बन उत्सर्जन के चरम स्तर तथा कार्बन तटस्थता के लक्ष्यों को हासिल करने का एक अहम विकल्प मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु उद्योग की समग्र नवाचार श्रृंखला, औद्योगिक श्रृंखला और प्रतिभा श्रृंखला के आधार पर चीन SMR के विकास और उपयोग में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
शान चोंगदे ने भविष्य की कार्ययोजना भी रेखांकित की। उनके अनुसार, चीन तकनीकी नवाचार में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और गहरा करेगा, SMR क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखेगा, पेशेवर प्रतिभाओं के संयुक्त प्रशिक्षण को प्रोत्साहन देगा और बहुपक्षीय सहयोग मंचों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगा।
IAEA की प्रतिक्रिया और समर्थन
IAEA के महानिदेशक के विशेष प्रतिनिधि ह्वांग वेई ने चीन की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि IAEA चीन और सभी इच्छुक सदस्य देशों को SMR के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, मानकों के समन्वय, क्षमता निर्माण और व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने में पूर्ण समर्थन देने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि IAEA के इस 70वें महासम्मेलन में दुनिया भर के सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो परमाणु ऊर्जा के भविष्य पर महत्वपूर्ण विमर्श कर रहे हैं।
वैश्विक संदर्भ और भारत की प्रासंगिकता
यह पहल ऐसे समय में आई है जब अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और भारत सहित कई देश SMR तकनीक को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। SMR पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की तुलना में आकार में छोटे, अपेक्षाकृत कम लागत वाले और तेज़ी से स्थापित होने योग्य होते हैं — जिससे वे ऊर्जा-संक्रमण की दृष्टि से आकर्षक विकल्प बनते हैं। चीन की यह पहल वैश्विक SMR मानकों और आपूर्ति श्रृंखला में उसकी केंद्रीय भूमिका स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
आने वाले महीनों में इस पहल के अंतर्गत किन देशों के साथ किस स्तर का सहयोग आकार लेता है, यह वैश्विक परमाणु ऊर्जा परिदृश्य के लिए निर्णायक होगा।