16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

IAEA महासम्मेलन में चीन ने लॉन्च की 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल', परमाणु ऊर्जा में अग्रणी भूमिका का दावा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
IAEA महासम्मेलन में चीन ने लॉन्च की 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल', परमाणु ऊर्जा में अग्रणी भूमिका का दावा

सारांश

चीन ने IAEA के 70वें महासम्मेलन में 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल' का ऐलान कर परमाणु ऊर्जा के वैश्विक मानकों में अपनी केंद्रीय भूमिका का दावा किया। यह कदम कार्बन तटस्थता और स्वच्छ ऊर्जा की दौड़ में चीन की रणनीतिक स्थिति को मज़बूत करता है।

मुख्य बातें

चीन ने IAEA के 70वें महासम्मेलन में 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल' औपचारिक रूप से लॉन्च की।
राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा प्रशासन के निदेशक शान चोंगदे ने कहा कि चीन SMR विकास और उपयोग में अग्रणी भूमिका में है।
पहल का लक्ष्य तकनीकी नवाचार, मानकों का समन्वय, क्षमता निर्माण और वैश्विक जलवायु शासन में योगदान है।
IAEA के विशेष प्रतिनिधि ह्वांग वेई ने चीन की पहल का स्वागत करते हुए सभी इच्छुक सदस्य देशों को समर्थन का आश्वासन दिया।
चीन SMR क्षेत्र में पेशेवर प्रतिभाओं के संयुक्त प्रशिक्षण और बहुपक्षीय सहयोग मंचों के सक्रिय उपयोग की योजना बना रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 70वें महासम्मेलन के दौरान चीन ने सोमवार, 15 सितंबर 2026 को लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण साइड इवेंट आयोजित किया। इसी कार्यक्रम में चीन ने औपचारिक रूप से 'वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल' की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य तकनीकी नवाचार, मानकों के समन्वय और क्षमता निर्माण के माध्यम से वैश्विक जलवायु लक्ष्यों में योगदान देना है।

साइड इवेंट का विषय और उद्देश्य

इस साइड इवेंट का विषय था — 'SMR नवाचार में एकजुटता, परमाणु ऊर्जा से सुंदर घर का सह-निर्माण'। आयोजन का मुख्य उद्देश्य SMR प्रौद्योगिकी में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना, व्यावहारिक उपयोग को गति देना और वैश्विक सतत विकास एजेंडा को परमाणु ऊर्जा के माध्यम से आगे बढ़ाना था। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा और कार्बन-निम्न विकल्पों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

चीन के परमाणु ऊर्जा प्रमुख का बयान

चीन के राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा प्रशासन के निदेशक शान चोंगदे ने कार्यक्रम में कहा कि चीन परमाणु ऊर्जा को नई ऊर्जा प्रणाली के निर्माण और कार्बन उत्सर्जन के चरम स्तर तथा कार्बन तटस्थता के लक्ष्यों को हासिल करने का एक अहम विकल्प मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु उद्योग की समग्र नवाचार श्रृंखला, औद्योगिक श्रृंखला और प्रतिभा श्रृंखला के आधार पर चीन SMR के विकास और उपयोग में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

शान चोंगदे ने भविष्य की कार्ययोजना भी रेखांकित की। उनके अनुसार, चीन तकनीकी नवाचार में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को और गहरा करेगा, SMR क्षेत्र में विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखेगा, पेशेवर प्रतिभाओं के संयुक्त प्रशिक्षण को प्रोत्साहन देगा और बहुपक्षीय सहयोग मंचों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगा।

IAEA की प्रतिक्रिया और समर्थन

IAEA के महानिदेशक के विशेष प्रतिनिधि ह्वांग वेई ने चीन की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि IAEA चीन और सभी इच्छुक सदस्य देशों को SMR के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, मानकों के समन्वय, क्षमता निर्माण और व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने में पूर्ण समर्थन देने के लिए तैयार है। गौरतलब है कि IAEA के इस 70वें महासम्मेलन में दुनिया भर के सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जो परमाणु ऊर्जा के भविष्य पर महत्वपूर्ण विमर्श कर रहे हैं।

वैश्विक संदर्भ और भारत की प्रासंगिकता

यह पहल ऐसे समय में आई है जब अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और भारत सहित कई देश SMR तकनीक को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। SMR पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की तुलना में आकार में छोटे, अपेक्षाकृत कम लागत वाले और तेज़ी से स्थापित होने योग्य होते हैं — जिससे वे ऊर्जा-संक्रमण की दृष्टि से आकर्षक विकल्प बनते हैं। चीन की यह पहल वैश्विक SMR मानकों और आपूर्ति श्रृंखला में उसकी केंद्रीय भूमिका स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है।

आने वाले महीनों में इस पहल के अंतर्गत किन देशों के साथ किस स्तर का सहयोग आकार लेता है, यह वैश्विक परमाणु ऊर्जा परिदृश्य के लिए निर्णायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

चीन का यह कदम वैश्विक परमाणु ऊर्जा कूटनीति में नेतृत्व की दावेदारी के रूप में पढ़ा जाना चाहिए। भारत के लिए यह विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है — क्योंकि SMR मानकों में चीनी प्रभुत्व भविष्य में भारत की ऊर्जा स्वायत्तता और तकनीकी विकल्पों को सीमित कर सकता है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैश्विक SMR नवाचार सहयोग पहल क्या है?
यह चीन द्वारा IAEA के 70वें महासम्मेलन में लॉन्च की गई एक अंतर्राष्ट्रीय परमाणु सहयोग पहल है, जिसका उद्देश्य लघु मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, मानकों के समन्वय और क्षमता निर्माण को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। इसे IAEA का भी समर्थन प्राप्त है।
SMR यानी लघु मॉड्यूलर रिएक्टर क्या होते हैं?
SMR पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की तुलना में आकार में छोटे और कम लागत वाले परमाणु रिएक्टर होते हैं, जिन्हें तेज़ी से स्थापित किया जा सकता है। ये स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए एक आशाजनक विकल्प माने जाते हैं और कई देश इन्हें अपनी ऊर्जा-संक्रमण रणनीति में शामिल कर रहे हैं।
चीन इस पहल के ज़रिए क्या हासिल करना चाहता है?
चीन SMR तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करना चाहता है। राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा प्रशासन के निदेशक शान चोंगदे के अनुसार, चीन का लक्ष्य तकनीकी नवाचार, पेशेवर प्रतिभाओं के संयुक्त प्रशिक्षण और बहुपक्षीय सहयोग मंचों के माध्यम से SMR उद्योग की वैश्विक नींव को मज़बूत करना है।
IAEA ने इस पहल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
IAEA के महानिदेशक के विशेष प्रतिनिधि ह्वांग वेई ने चीन की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि IAEA चीन समेत सभी इच्छुक सदस्य देशों को SMR के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण में समर्थन देने के लिए तैयार है।
भारत के लिए इस पहल का क्या महत्व है?
भारत भी SMR तकनीक को अपनी स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का हिस्सा मान रहा है। चीन द्वारा वैश्विक SMR मानकों में अग्रणी भूमिका लेने की कोशिश भारत की ऊर्जा स्वायत्तता और तकनीकी विकल्पों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए भारत को इस क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र क्षमता विकसित करने पर ध्यान देना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले