चीन की 15वीं पंचवर्षीय कार्बन पीकिंग योजना: 2030 तक GDP कार्बन उत्सर्जन में 17% कटौती का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राज्य परिषद ने 10 जुलाई 2026 को '15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कार्बन पीकिंग कार्य योजना' जारी की, जिसमें 2030 तक प्रति यूनिट जीडीपी कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 2025 की तुलना में 17 प्रतिशत घटाने और गैर-जीवाश्म ऊर्जा की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना चीन की दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं — कार्बन पीक और कार्बन तटस्थता — को ठोस नीतिगत ढाँचे में बदलने का प्रयास है।
योजना की मुख्य प्राथमिकताएँ
कार्य योजना में पाँच प्रमुख कार्यों की रूपरेखा दी गई है। इसमें उद्योगों के हरितकरण को बढ़ावा देना, कोयले और तेल की खपत को स्थिर चरम पर पहुँचाना, तथा राष्ट्रीय आर्थिक चक्र के विभिन्न क्षेत्रों में हरित एवं कम-कार्बन अभिविन्यास को एकीकृत करना शामिल है। योजना के अनुसार, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक-सामाजिक विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना इस पूरी रणनीति की धुरी है।
2030 और 2035 के लक्ष्य
2030 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा की खपत का हिस्सा 25% तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कार्बन पीक की समयबद्ध उपलब्धि सुनिश्चित होगी। इसके आगे, यह योजना 2035 में राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDC) लक्ष्य को प्राप्त करने और दीर्घकालिक कार्बन तटस्थता को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस आधार तैयार करने की बात करती है। गौरतलब है कि चीन ने 2060 तक कार्बन तटस्थता का वैश्विक वादा किया हुआ है।
हरित विकास का दृष्टिकोण
योजना में ऊर्जा संरक्षण और कार्बन कटौती के प्रयासों को उच्च गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। हरित उत्पादन और जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ, अधिक हरित आर्थिक विकास बिंदुओं को विकसित करने का भी लक्ष्य रखा गया है। आलोचकों का कहना है कि कोयले पर चीन की वर्तमान निर्भरता को देखते हुए इन लक्ष्यों को हासिल करना एक बड़ी चुनौती होगी।
वैश्विक जलवायु संदर्भ में महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन में कटौती को लेकर दबाव बढ़ रहा है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ अपने-अपने NDC लक्ष्यों को अद्यतन कर रही हैं। चीन, जो दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक देश है, की इस योजना को वैश्विक जलवायु वार्ताओं में महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। आँकड़ों के अनुसार, चीन वर्तमान में वैश्विक कुल CO₂ उत्सर्जन का लगभग 30% हिस्सा उत्सर्जित करता है। आगे की राह में इस योजना के क्रियान्वयन की निगरानी और पारदर्शिता पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र रहेगी।