दिल्ली चिड़ियाघर में शेरनी महागौरी ने तीन एशियाई शेर शावकों को जन्म दिया, एक साल में दूसरी बार दुर्लभ सफलता
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में शेरनी महागौरी ने शेर महेश्वर के साथ एक ही वर्ष में तीन और एशियाई शेर शावकों को जन्म दिया है — जिसे चिड़ियाघर अधिकारियों ने एक दुर्लभ प्रजनन उपलब्धि बताया है। 10 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, तीनों नवजात शावकों और उनकी माँ को फिलहाल एक सुरक्षित प्रसूति कक्ष में रखा गया है।
शावकों की देखभाल और निगरानी
चिड़ियाघर अधिकारियों के बयान के अनुसार, तीनों शावक अपनी माँ महागौरी की निरंतर देखरेख में हैं। पशु चिकित्सा और पशु देखभाल टीमें सीसीटीवी निगरानी प्रणाली के ज़रिए शावकों की स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही हैं। शुरुआती विकास के इस संवेदनशील चरण में उन्हें शांत और अबाधित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी जोड़ी की पहले भी सफल प्रजनन
गौरतलब है कि इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को भी महेश्वर और महागौरी ने दो स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था — एक नर जिसका नाम कार्तिक है और एक मादा जिसका नाम करणी है। दोनों शावक अभी चिड़ियाघर में स्वस्थ रूप से पल-बढ़ रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब एशियाई शेर की वैश्विक आबादी अत्यंत सीमित है और संरक्षण प्रयास तेज़ हो रहे हैं।
राष्ट्रीय चिड़ियाघर में एशियाई शेरों की वर्तमान स्थिति
इन तीन नए शावकों के जन्म के बाद राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में एशियाई शेरों की कुल संख्या छह हो गई है — तीन नर: सुंदरम, महेश्वर और कार्तिक; और तीन मादा: महागौरी, शैलजा और करणी। अधिकारियों ने इस जोड़ी की बार-बार प्रजनन सफलता को लुप्तप्राय एशियाई शेर के संरक्षण के लिए चिड़ियाघर के प्रजनन कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
चिड़ियाघर में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार
पिछले महीने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दिल्ली चिड़ियाघर में 'एनजेडपी साथी ऐप' नामक स्मार्ट डिजिटल गाइड लॉन्च किया। एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध यह ऐप इंटरैक्टिव डिजिटल मैप, स्मार्ट नेविगेशन, और एक्सप्रेस टूर, फैमिली टूर, ग्रैंड जू टूर तथा 'माई टूर' जैसे थीम-आधारित भ्रमण विकल्प प्रदान करता है।
इसके अलावा सेल्फ-टिकटिंग कियोस्क का भी उद्घाटन किया गया, जिस पर यूपीआई-आधारित डिजिटल भुगतान और मुफ्त वाई-फाई के ज़रिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। इससे आगंतुक जानवरों के बाड़े, शौचालय, बग्गी पॉइंट और निकास द्वार का आसानी से पता लगा सकते हैं।
संरक्षण की दृष्टि से महत्व
एशियाई शेर वर्तमान में मुख्यतः गुजरात के गिर वन तक सीमित हैं और इनकी संख्या अत्यंत कम होने के कारण ये संकटग्रस्त प्रजातियों की श्रेणी में आते हैं। दिल्ली चिड़ियाघर जैसे संस्थानों में सफल प्रजनन कार्यक्रम इस प्रजाति के दीर्घकालिक अस्तित्व के लिए अहम भूमिका निभाते हैं। एक ही जोड़ी द्वारा एक वर्ष में दो बार सफल प्रजनन इस कार्यक्रम की मज़बूती का प्रमाण है।