यमुना प्राधिकरण का बुलडोजर अभियान: अलीगढ़ के टप्पल में ₹450 करोड़ की अवैध कॉलोनियाँ ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 10 जुलाई 2026 को जनपद अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र स्थित ग्राम मरोरगढ़ी और आसपास के गाँवों में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के विरुद्ध बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्राधिकरण के अनुसार, इस कार्रवाई में लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर भूमि को अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण से मुक्त कराया गया, जिसका अनुमानित बाज़ार मूल्य करीब ₹450 करोड़ बताया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, मरोरगढ़ी क्षेत्र में हरित वाटिका सहित कई अवैध कॉलोनियाँ बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के विकसित की जा रही थीं। इन कॉलोनियों में सड़क निर्माण, प्लॉटिंग और अन्य अनधिकृत कार्य YEIDA के नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।
अभियान का नेतृत्व
यह अभियान YEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (IAS) शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया। मौके पर उप जिलाधिकारी अभिषेक शाही, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारी और अलीगढ़ पुलिस की टीम भी तैनात रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में JCB और अन्य भारी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को गिराया गया और कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अनधिकृत प्लॉटिंग और अवैध कॉलोनियों के विकास पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आम जनता पर असर और प्राधिकरण की अपील
YEIDA ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की अनिवार्य रूप से जाँच करें। बिना स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब NCR के आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
क्या होगा आगे
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और अवैध कब्जों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान क्षेत्र में भूमि अतिक्रमण पर अंकुश लगाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।