ग्रेटर नोएडा में डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का सख्त कदम

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ग्रेटर नोएडा में डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का सख्त कदम

सारांश

ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ निर्णायक कदम उठाया। 15000 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया गया है। जानिए इस अभियान की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई।
  • 15 हजार वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
  • स्थानीय प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किए।
  • भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
  • लोगों को अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचने की सलाह।

ग्रेटर नोएडा, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरण ने कठोर कदम उठाते हुए बुलडोजर चलाया। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने ग्राम आमका और बिसरख में अभियान चलाकर लगभग 15 हजार वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपए है।

इस कार्रवाई में डूब क्षेत्र में बने कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह अभियान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के नेतृत्व में किया गया। प्राधिकरण की टीम ने आमका गांव में खसरा संख्या 295, 296, 297, 298 और 299 पर अवैध कब्जे की सूचना मिलने के बाद वहां ध्वस्तीकरण का कार्य आरंभ किया। यहां कुछ कालोनी विकासकर्ता डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया और पूरी भूमि को कब्जे से मुक्त किया।

इस अभियान का नेतृत्व प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक नरोत्तम चौधरी ने किया। उनके साथ प्रबंधक रोहित गुप्ता और वर्क सर्किल-2 की टीम भी मौजूद रही। प्राधिकरण की टीम ने दोपहर लगभग दो बजे से कार्रवाई शुरू की जो लगभग दो घंटे तक चली।

इस दौरान पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया। इसके अलावा बिसरख क्षेत्र में भी डूब क्षेत्र में किए गए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। वर्क सर्किल-3 के प्रभारी प्रभात शंकर और प्रबंधक प्रशांत समाधिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन तीन मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण की अनुमति नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से भूमि पर कब्जा करता है या अवैध कॉलोनी विकसित करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में भूमि खरीदने से पहले प्राधिकरण से पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी में निवेश करना लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए अपनी गाढ़ी कमाई लगाने से पहले भूमि की वैधता की जांच अवश्य करें। प्राधिकरण ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

Point of View

NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

ग्रेटर नोएडा में बुलडोजर चलाने का कारण क्या था?
ग्रेटर नोएडा में डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई से कितनी भूमि अतिक्रमण मुक्त हुई?
करीब 15 हजार वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व कौन कर रहा था?
इस अभियान का नेतृत्व नरोत्तम चौधरी ने किया।
क्या लोगों को अवैध कॉलोनियों में निवेश करना चाहिए?
नहीं, अवैध कॉलोनियों में निवेश करना लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
प्राधिकरण की भविष्य की योजनाएँ क्या हैं?
प्राधिकरण भविष्य में भी अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
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