गाजा में इजरायली हवाई हमले: आईडीएफ का दावा, हमास के दो कमांडर खलील माना और ओसामा मुहराब ढेर
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया है कि गाजा पट्टी में दो अलग-अलग हवाई हमलों में हमास के दो वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया गया है। आईडीएफ के अनुसार, दोनों कमांडर इजरायली सैनिकों के लिए सक्रिय खतरा बने हुए थे, जिसके चलते यह सैन्य कार्रवाई की गई।
मुख्य घटनाक्रम
आईडीएफ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'गाजा पट्टी में दो अलग-अलग हमलों में आईडीएफ ने हमास के प्रोडक्शन मुख्यालय के एक कमांडर और नुसेरात बटालियन के एक कमांडर को मार गिराया।' इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तरी गाजा पट्टी में किए गए पहले हमले में हमास की सैन्य शाखा के प्रोडक्शन मुख्यालय के कमांडर खलील जमाल खलील माना को निशाना बनाया गया।
खलील माना की भूमिका
आईडीएफ के मुताबिक, खलील माना पूरे युद्ध के दौरान रॉकेट लॉन्चर बनाने वाली वर्कशॉप्स का नेतृत्व करता था और उनके निर्माण के अंतिम चरण की जिम्मेदारी संभालता था। वह हमास के प्रोडक्शन मुख्यालय की समूची उत्पादन प्रक्रिया में एक अहम भूमिका में था। आईडीएफ ने यह भी आरोप लगाया कि युद्धविराम की अवधि के दौरान माना ने इस मुख्यालय को पुनः सक्रिय करने की कोशिशों में भाग लिया।
दूसरा हमला: ओसामा मुहराब
गुरुवार को उत्तरी गाजा पट्टी में किए गए दूसरे हमले में हमास की नुसेरात बटालियन के प्लाटून कमांडर ओसामा वलीद दियाब मुहराब को मार गिराने का दावा किया गया। आईडीएफ के अनुसार, हाल के दिनों में मुहराब के पास ऐसे विस्फोटक थे जिनका उपयोग गाजा पट्टी में तैनात इजरायली सैनिकों पर हमले के लिए किया जाना था।
आईडीएफ का रुख और आगे की कार्रवाई
आईडीएफ ने स्पष्ट किया कि दोनों कमांडर उसकी सेना के लिए तत्काल खतरा थे और इसीलिए हवाई हमलों के जरिए उस खतरे को समाप्त किया गया। सेना ने यह भी कहा कि दक्षिणी कमान के अंतर्गत उसकी तैनाती समझौते के अनुसार है और किसी भी उभरते खतरे से निपटने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में युद्धविराम की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है और दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।