गाजा में हमास के कमांडर यूनुस अलियान का खात्मा, ईरान के नेता की भी मौत का दावा
सारांश
Key Takeaways
- गाजा में हमास के कमांडर का खात्मा: यूनुस अलियान की मौत एक बड़े हमले की योजना को नाकाम करने के लिए की गई।
- ईरान के खुफिया मंत्री की मौत: इस्माइल खतिब की मौत का दावा भी किया गया है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव: यह घटनाएँ क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने एक हमले में हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड के नौसैनिक दस्ते के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान के खात्मे का दावा किया है।
आईडीएफ के अनुसार, अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा था और जल्द ही किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था। आम नागरिकों को नुकसान पहुंचने का खतरा था।
आईडीएफ ने बताया कि अलियान हमारे सैनिकों के लिए एक खतरा बन चुका था, इसलिए उसे निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अलियान ने गाजा पट्टी में सक्रिय आईडीएफ सैनिकों और इजरायल राज्य के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश रची थी।
आईडीएफ ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "हमास की उत्तरी गाजा ब्रिगेड के नौसेना विंग के कमांडर यूनुस मोहम्मद हुसैन अलियान का खात्मा हुआ है। हाल के हफ्तों में, अलियान गाजा में ब्रिगेड की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने में लगा हुआ था और जल्द ही हमले करने की योजना बना रहा था।''
इसके अलावा, आईडीएफ ने एक एयर स्ट्राइक में ईरान के एक अन्य शीर्ष नेता की मौत का भी दावा किया है। आईडीएफ के अनुसार, मंगलवार रात को हुए हमले में खुफिया मंत्री इस्माइल खतिब मारे गए। इजरायली रक्षा मंत्रालय के कार्यालय ने काट्ज का बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। हालांकि, ईरान ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "इस्माइल खतीब ने हाल ही में पूरे ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हत्याएं शामिल थीं। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया भर में इजरायलियों और अमेरिकियों के खिलाफ हमले की गतिविधियों का नेतृत्व किया। उन्होंने महसा अमीनी विरोध प्रदर्शनों (2022–2023) के दौरान भी ईरानी नागरिकों के खिलाफ काम किया था।
ईरानी खुफिया मंत्रालय के पास उन्नत खुफिया क्षमताएं हैं, जिसके माध्यम से वह दुनिया भर में निगरानी, जासूसी और गुप्त अभियानों का संचालन करता है, विशेषकर इजरायली और ईरानी नागरिकों के खिलाफ।