शांति निकेतन हाउसिंग सोसाइटी घोटाला: ईडी ने ₹6.63 करोड़ की नकदी-सोना-चांदी जब्त, 8 ठिकानों पर छापे
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 9 जुलाई 2026 को शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी (एसजीएचएस) से जुड़े कथित धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में ₹6.63 करोड़ मूल्य की बेहिसाबी नकदी, सोने की ईंटें, आभूषण और चांदी बरामद की गई, साथ ही कई बैंक खाते भी फ्रीज किए गए।
मामले की पृष्ठभूमि
यह जांच गुरुग्राम के सुशांत लोक थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष मंगल सैन मित्तल, मेसर्स कॉनोइसर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड (सीआईपीएल) के निदेशक अनिल शर्मा और अरुण शर्मा पर सोसाइटी सदस्यों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की।
मुख्य आरोप और घोटाले का स्वरूप
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर सोसाइटी पर अवैध नियंत्रण स्थापित किया और सदस्यों के फंड का गबन किया। जहाँ सोसाइटी में केवल 98 सदस्यताओं की अनुमति थी, वहीं कथित तौर पर 34 अतिरिक्त अवैध सदस्यताएँ बेची गईं। फ्लैटों की बिक्री में दोहरे भुगतान की व्यवस्था अपनाई गई — खरीदारों से बैंकिंग चैनलों के साथ-साथ नकद भुगतान भी लिया गया।
आरोप है कि फर्जी सदस्य बनाए गए, आधिकारिक रिकॉर्ड छिपाए गए और बड़ी रकम जुटाने के बाद हाउसिंग प्रोजेक्ट को अधूरा छोड़ दिया गया। अब तक की जांच में करीब ₹90.50 करोड़ की वसूली का पता चला है, जिसमें बैंक खातों और नकद के माध्यम से प्राप्त धन शामिल है।
धन की लेयरिंग और रोटेशन
जांच में यह भी सामने आया कि सोसाइटी के फंड को आरोपियों से जुड़ी विभिन्न व्यावसायिक कंपनियों में स्थानांतरित किया गया। बैंक खातों के विश्लेषण से धन की लेयरिंग और रोटेशन के प्रमाण मिले हैं। गौरतलब है कि मेसर्स कॉनोइसर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड तथा अनिल शर्मा के खातों में ₹12 करोड़ नकद जमा किए जाने का भी उल्लेख है।
जब्त संपत्ति का विवरण
तलाशी के दौरान ईडी ने कुल ₹6.63 करोड़ मूल्य की संपत्ति बरामद की, जिसमें शामिल हैं:
₹55 लाख की बेहिसाबी नकदी; ₹1.85 करोड़ की सोने की ईंटें; ₹1.95 करोड़ के सोने के आभूषण; और करीब 100 किलोग्राम चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2.28 करोड़ है। इसके अलावा कई डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज, ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, टैली डेटा और फंड डायवर्जन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।
आगे की कार्रवाई
ईडी ने आरोपियों से जुड़े कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। एजेंसी के अनुसार धनशोधन और वित्तीय अनियमितताओं के पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में को-ऑपरेटिव सोसाइटी घोटालों के खिलाफ ईडी की कार्रवाइयाँ देशभर में तेज हुई हैं।