20 जुलाई 2026
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क्या ईडी ने कट्टरपंथी मॉड्यूल की जांच में 40 जगहों पर रेड कर करोड़ों की संपत्ति बरामद की?

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क्या ईडी ने कट्टरपंथी मॉड्यूल की जांच में 40 जगहों पर रेड कर करोड़ों की संपत्ति बरामद की?

सारांश

ईडी ने मुंबई में कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़े 40 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान करोड़ों की संपत्ति बरामद हुई है, जिसमें नकद और आभूषण शामिल हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। जानिए पूरी जानकारी इस लेख में।

मुख्य बातें

ईडी ने 40 स्थानों पर रेड मारी।
लगभग 9.70 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई।
संबंधित 25 बैंक खाते फ्रीज किए गए।
कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।
जांच में हवाला गतिविधियों की जानकारी भी मिली।

नई दिल्ली, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 11 दिसंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई के समीप पडघा–बोरीवली क्षेत्र, दिल्ली, कोलकाता, हजारीबाग, प्रयागराज, दमन और रत्नागिरी सहित विभिन्न जिलों और राज्यों में 40 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

यह अभियान साकिब नाचन और अन्य के मामले में आईएसआईएस से जुड़े एक कट्टरपंथी मॉड्यूल से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा था। तलाशी के दौरान लगभग 9.70 करोड़ रुपये की चल संपत्ति बरामद की गई, जिसमें नकद (लगभग 3.70 करोड़ रुपये) और सोने के आभूषण (लगभग 6 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, आरोपियों और संदिग्धों से संबंधित 25 बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। विभिन्न अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज, कट्टरता को बढ़ावा देने वाला साहित्य, डिजिटल उपकरण आदि भी जब्त किए गए। तलाशी के दौरान आरोपियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की विभिन्न अचल संपत्तियों से संबंधित विवरण और दस्तावेज भी बरामद किए गए।

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एनआईए द्वारा दर्ज एफआईआर और आरसी-29/2023/एनआईए/डीएलआई में दायर आरोपपत्रों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त व्यक्ति एक अत्यधिक कट्टरपंथी आईएसआईएस से जुड़े मॉड्यूल का हिस्सा थे और आतंकी मॉड्यूल के संचालन को बनाए रखने के लिए भर्ती, प्रशिक्षण, हथियार और विस्फोटकों की खरीद तथा धन जुटाने में लगे हुए थे।

इसके अलावा, मुंबई स्थित एटीएस से खुफिया जानकारी प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि इस आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े व्यक्ति अवैध राजस्व-सृजन गतिविधियों में भी शामिल थे, विशेष रूप से खैर (कैथ) लकड़ी की गुप्त कटाई, तस्करी और बिक्री में, जिसकी आय को चरमपंथी गतिविधियों के समर्थन में इस्तेमाल किए जाने का संदेह था।

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि विभिन्न संदिग्धों का इस मामले के आरोपियों के साथ वित्तीय संबंध था, जिनकी पहचान उनके बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर की गई। अपराध की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को होने वाले खतरे को देखते हुए अभियुक्तों, उनके करीबी सहयोगियों और परिवार के सदस्यों से संबंधित परिसरों तथा अभियुक्तों के साथ वित्तीय संबंध या संदिग्ध मौद्रिक लेनदेन दर्शाने वाली संस्थाओं की तलाशी पीएमएलए के तहत ली गई।

जांच के दौरान हवाला गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी मिली। इसके अलावा, ईडी द्वारा किए गए वित्तीय विश्लेषण में पता चला कि बोरीवली–पडघा आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े विभिन्न व्यक्ति पडघा–बोरीवली क्षेत्र के आरक्षित वन क्षेत्रों से कैथ वृक्षों की अवैध कटाई और तस्करी में शामिल थे। पूरे गठजोड़ का और अधिक खुलासा करने के लिए कैथ वृक्ष उत्पादन से जुड़ी विभिन्न कंपनियों/संस्थाओं पर भी तलाशी अभियान चलाया गया, जो संदिग्धों/आरोपियों से कैथ की लकड़ी प्राप्त कर रही थीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने क्यों रेड मारी?
ईडी ने कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ चल रही जांच के तहत रेड मारी।
कितनी संपत्ति बरामद हुई?
तलाशी अभियान के दौरान लगभग 9.70 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई।
कौन से स्थानों पर रेड मारी गई?
रेड मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, हजारीबाग, प्रयागराज, दमन और रत्नागिरी सहित 40 स्थानों पर मारी गई।
राष्ट्र प्रेस
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