10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हीरा ग्रुप घोटाला: ईडी ने ₹159 करोड़ की 23 संपत्तियाँ नीलाम कीं, हजारों निवेशकों को मिलेगी राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हीरा ग्रुप घोटाला: ईडी ने ₹159 करोड़ की 23 संपत्तियाँ नीलाम कीं, हजारों निवेशकों को मिलेगी राहत

सारांश

ईडी ने हीरा ग्रुप की ₹159 करोड़ की 23 संपत्तियाँ नीलाम कर दीं — यह उस ₹5,978 करोड़ के कथित घोटाले में पीड़ितों के लिए राहत की पहली ठोस किरण है जिसमें 36% वार्षिक रिटर्न का वादा कर हजारों निवेशकों को ठगा गया था। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में यह प्रक्रिया जवाबदेही की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

ईडी ने 19 जून 2026 को हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की 23 अचल संपत्तियाँ नीलाम कीं, जिनका मूल्य लगभग ₹159 करोड़ है।
नीलामी एमएसटीसी के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई।
आरोप है कि नोहेरा शेख और हीरा ग्रुप ने 36% से अधिक वार्षिक रिटर्न का वादा कर ₹5,978 करोड़ से अधिक का निवेश जुटाया।
नोहेरा शेख को 21 मई 2026 को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया; जमानत पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द की थी।
सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ आबिदा को नीलामी में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
नीलामी से प्राप्त राशि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज की प्रमुख नोहेरा शेख और उनसे जुड़ी संस्थाओं की ₹159 करोड़ मूल्य की 23 अचल संपत्तियों की नीलामी सम्पन्न कर दी है। यह नीलामी 19 जून 2026 को मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएसटीसी) के माध्यम से कराई गई, और इससे प्राप्त राशि देशभर के उन हजारों निवेशकों को लौटाई जाएगी जो कथित तौर पर इस निवेश घोटाले में ठगे गए थे।

नीलामी का आधार और कानूनी प्रक्रिया

ईडी के अनुसार, नीलाम की गई संपत्तियाँ पहले धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जब्त की गई थीं और इन्हें अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में चिह्नित किया गया था। पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने भी इनकी जब्ती को विधिवत मंजूरी दी थी।

यह पूरी कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के उन निर्देशों के अनुपालन में की गई है जो मामले की चल रही सुनवाई के दौरान दिए गए थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ढंग से पूरी की गई।

घोटाले का मूल स्वरूप

ईडी की हैदराबाद यूनिट ने नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य संबद्ध व्यक्तियों के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की थी। जाँच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपियों ने आम निवेशकों को 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक रिटर्न का प्रलोभन देकर ₹5,978 करोड़ से अधिक का निवेश जुटाया। कथित तौर पर निवेशकों को मूलधन तक वापस नहीं किया गया, जिससे कई राज्यों के हजारों परिवारों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

गौरतलब है कि यह मामला उन पोंजी-शैली के निवेश घोटालों की श्रृंखला का हिस्सा है जिनमें अत्यधिक रिटर्न के वादे कर आम जनता से पैसा जुटाया जाता है और बाद में भुगतान ठप हो जाता है।

नोहेरा शेख की गिरफ्तारी और न्यायिक स्थिति

सर्वोच्च न्यायालय ने नोहेरा शेख की जमानत इसलिए रद्द कर दी क्योंकि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया था। इसके बाद हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 7 मई 2026 को उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया।

विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर ईडी अधिकारियों ने 21 मई 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम से नोहेरा शेख को गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और वह फिलहाल जेल में बंद हैं।

सहायक की गिरफ्तारी और नीलामी में बाधा

ईडी ने आरोप लगाया है कि नोहेरा शेख की निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ आबिदा ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की जानकारी होने के बावजूद नीलामी प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डाली। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने जब्त संपत्तियों के निरीक्षण में रुकावट पैदा की और उन्हें अपराध से असंबंधित बताने की कोशिश की।

इस आरोप के बाद नाजनीन अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया गया और विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जाँच जारी है।

निवेशकों को राहत की राह

नीलामी से प्राप्त समस्त राशि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में वास्तविक पीड़ित निवेशकों को लौटाई जाएगी। ईडी का कहना है कि इस कदम से कथित निवेश घोटाले से प्रभावित हजारों परिवारों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। आने वाले समय में अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान और नीलामी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

978 करोड़ के कथित घोटाले के सापेक्ष मात्र एक अंश है — यानी पीड़ितों के पास अभी लंबा इंतजार बाकी है। असली सवाल यह है कि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी के बावजूद नीलामी प्रक्रिया में बाधा डाली गई, जो दर्शाता है कि आरोपी पक्ष अभी भी संपत्तियों को बचाने की कोशिश में है। भारत में पोंजी-शैली घोटालों में पीड़ितों को वसूली में वर्षों लग जाते हैं — शारदा और रोज वैली जैसे मामले इसके उदाहरण हैं। बिना त्वरित और समग्र संपत्ति-वसूली तंत्र के, यह नीलामी राहत का प्रतीक तो बन सकती है, लेकिन वास्तविक न्याय की गारंटी नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हीरा ग्रुप घोटाला क्या है?
हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज पर आरोप है कि उसने आम निवेशकों को 36% से अधिक वार्षिक रिटर्न का वादा कर ₹5,978 करोड़ से अधिक का निवेश जुटाया और बाद में मूलधन तक वापस नहीं किया। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जाँच शुरू की और संपत्तियाँ जब्त कीं।
ईडी ने कितनी और कौन-सी संपत्तियाँ नीलाम कीं?
ईडी ने 19 जून 2026 को एमएसटीसी के माध्यम से हीरा ग्रुप और नोहेरा शेख से जुड़ी 23 अचल संपत्तियाँ नीलाम कीं, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹159 करोड़ है। ये संपत्तियाँ पीएमएलए के तहत पहले जब्त की गई थीं और न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने जब्ती की पुष्टि की थी।
नीलामी से प्राप्त राशि निवेशकों को कैसे मिलेगी?
नीलामी से प्राप्त राशि सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में वास्तविक पीड़ित निवेशकों को वितरित की जाएगी। यह प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के उन्हीं निर्देशों के तहत चल रही है जिनके अनुपालन में नीलामी कराई गई।
नोहेरा शेख को कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
ईडी अधिकारियों ने 21 मई 2026 को हरियाणा के गुरुग्राम से नोहेरा शेख को गिरफ्तार किया। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी और हैदराबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने 7 मई 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
नाजनीन अंसारी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ईडी के अनुसार, नोहेरा शेख की निजी सहायक नाजनीन अंसारी उर्फ आबिदा ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की जानकारी होने के बावजूद नीलामी प्रक्रिया में बाधा डाली और जब्त संपत्तियों के निरीक्षण में रुकावट पैदा की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले