32एंड एवेन्यू ग्रुप पर ईडी की सख्त कार्रवाई: करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने 32एंड एवेन्यू ग्रुप पर कार्रवाई की।
- कंपनी के प्रमोटरों के खिलाफ जांच जारी है।
- कई करोड़ों की संपत्ति और नकदी जब्त की गई।
- अन्य निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई।
- जांच में और खुलासे की संभावना है।
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 32एंड एवेन्यू ग्रुप और इसके प्रमोटरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। 13 और 14 अप्रैल को, दिल्ली-एनसीआर, गोवा, जयपुर और मुंबई में सात स्थानों पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कंपनी के प्रमोटर-डायरेक्टर अनुभव शर्मा, ध्रुव शर्मा और अन्य के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई।
ईडी ने यह जांच दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि आरोपियों ने निवेशकों को धोखे में रखकर संगठित तरीके से धोखाधड़ी की, संपत्तियों का कब्जा नहीं दिया, राशि का गबन किया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पैसे की हेराफेरी की।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने निवेशकों के धन का दुरुपयोग कर 500 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई की। इसके बाद इस रकम को कई शेल और बेनामी कंपनियों के खातों के माध्यम से इधर-उधर घुमाया गया।
ईडी के अनुसार, आरोपियों ने एक ही वर्चुअल कमर्शियल स्पेस को कई निवेशकों को बेचकर बड़ा घोटाला किया। पहले निवेशकों को आकर्षित रिटर्न का लालच दिया गया और कुछ समय तक किराया भी दिया गया, फिर उसी स्पेस को नक्शे में बदलाव कर दोबारा अन्य निवेशकों को बेच दिया गया। इस प्रकार एक पोंजी स्कीम के माध्यम से आम लोगों से धोखाधड़ी की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के प्रमोटर निवेशकों के पैसे से ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे, जिसमें गुरुग्राम के महंगे अपार्टमेंट और गोवा में यॉट-बोट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान, ईडी ने 1.05 करोड़ रुपए नकद बरामद किए, जबकि लगभग 1.5 करोड़ रुपए के सोने के बिस्किट और आभूषण भी जब्त किए गए। इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है और कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।
ईडी ने गुरुग्राम, गोवा और महाराष्ट्र में कई जमीन और इमारतों की पहचान की है, जो कथित तौर पर अवैध कमाई से खरीदी गई हैं।
इस मामले में ध्रुव शर्मा और शिरीन शर्मा को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अनुभव शर्मा और ममता शर्मा फरार बताए जा रहे हैं।
ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।