19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी करके निवेशक धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में छापेमारी करके निवेशक धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया?

सारांश

गुरुग्राम स्थित प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है, जिससे इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड के खिलाफ चल रही जांच में नई जानकारियाँ सामने आई हैं। जानें इस मामले की गहराई और इसके पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

ईडी की कार्रवाई 450 करोड़ रुपए आईआरएएल पहले से कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत है।
जांच में कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
सरकार ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

गुरुग्राम, 28 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने दिल्ली-एनसीआर के पांच स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत की गई है, जो कि इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड (आईआरएएल) से संबंधित एक बड़े निवेशक धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है।

यह जांच कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई, जो गुरुग्राम पुलिस और दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड, ईओडी अम्यूजमेंट पार्क प्राइवेट लिमिटेड, गियन विजेश्वर, रॉबिन विजेश्वर और उनकी अन्य संबंधित कंपनियों के खिलाफ दर्ज की थीं। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने निवेशकों को ठगा है और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की है।

आईआरएएल ने लगभग 1,500 निवेशकों से 450 करोड़ रुपए से अधिक राशि एकत्रित की। निवेशकों को सेक्टर 29 और 52-ए, गुरुग्राम में रिटेल शॉप या वर्चुअल स्पेस देने का वादा किया गया था, लेकिन कंपनी समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं कर सकी और न ही निवेशकों को मासिक निश्चित रिटर्न का भुगतान किया गया।

ईडी की जांच में पता चला कि इस राशि को उनकी होल्डिंग कंपनी में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद एक तीसरे पक्ष के शेयर खरीद समझौते के माध्यम से ईओडी अम्यूजमेंट पार्क प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी तरीके से निपटाया गया, जिसमें खरीदार ने उचित भुगतान नहीं किया। आईआरएएल के खिलाफ की गई फोरेंसिक ऑडिट से भी इस धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।

जांच में यह भी सामने आया है कि आईआरएएल पहले से कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत है, लेकिन 7 साल बीत जाने के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ है।

इससे पहले इस मामले में दो प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। पहला 28 मई 2024 को 291.31 करोड़ रुपए का, जिसमें जयपुर की जमीन और नोएडा का शॉपिंग मॉल शामिल है। दूसरा 24 दिसंबर 2024 को 120.98 करोड़ रुपए का, जिसमें अप्पू हाउस ग्रुप के इंटरनेशनल रीक्रिएशन एंड एम्यूजमेंट लिमिटेड शामिल है।

ये आदेश आईआरएएल के खिलाफ जारी हुए थे और दोनों आदेशों की पुष्टि न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा की गई। छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं, जिनमें कई छुपे हुए बैंक खाते और डिजिटल उपकरण शामिल हैं। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने छापेमारी क्यों की?
ईडी ने इंटरनेशनल रिक्रिएशन एंड अम्यूजमेंट लिमिटेड से जुड़ी निवेशक धोखाधड़ी मामले में छापेमारी की।
आईआरएएल ने निवेशकों से कितनी राशि एकत्रित की?
आईआरएएल ने लगभग 450 करोड़ रुपए की राशि एकत्रित की।
छापेमारी के दौरान क्या जब्त किया गया?
छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण सबूत जैसे छुपे हुए बैंक खाते और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले