अमृता राव का खुलासा: सूरज बड़जात्या ने सिर्फ 7 मिनट के रोल देखकर दिया 'विवाह' में पूनम का किरदार
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री अमृता राव ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में एक भावुक किस्सा साझा किया — कि कैसे निर्देशक सूरज बड़जात्या ने उन्हें फिल्म 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' में महज सात मिनट के स्क्रीन टाइम को देखकर 'विवाह' (2006) के लिए चुना। अमृता के लिए यह खबर उतनी ही अप्रत्याशित थी जितनी भावुक करने वाली, क्योंकि उन्हें खुद उम्मीद नहीं थी कि इतने छोटे रोल पर किसी बड़े निर्देशक की नज़र पड़ेगी।
पहली मुलाकात का वह यादगार पल
अमृता राव ने बताया कि जब वे पहली बार सूरज बड़जात्या से मिलने पहुँचीं, तो उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि किस तरह के किरदार के लिए उन्हें बुलाया गया है। उन्होंने कहा, 'जब मैं पहली बार उनसे मिली थी, तो मुझे पता नहीं था कि उन्हें मुझसे क्या उम्मीदें हैं। इसलिए मैं एक मॉडर्न मुंबई की लड़की की तरह जींस और टी-शर्ट पहनकर उनसे मिलने पहुँची।' वहाँ जाकर पता चला कि सूरज जी उन्हें 'मधुपुर' की एक सीधी-सादी छोटे शहर की लड़की 'पूनम' का किरदार देना चाहते हैं — जो उनके उस दिन के लुक से बिल्कुल अलग था।
सात मिनट जिसने बदल दी तकदीर
अमृता ने बताया कि जब सूरज बड़जात्या ने कहा कि उन्हें वे किसी फिल्म में बहुत पसंद आई थीं, तो उन्हें लगा कि शायद उनकी किसी हिट फिल्म की बात हो रही है। लेकिन सूरज जी ने स्पष्ट किया कि वे 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' की बात कर रहे थे। अमृता ने कहा, 'उस फिल्म में मेरा स्क्रीन टाइम मुश्किल से सात मिनट का था। यह बात मेरे लिए बेहद भावुक करने वाली थी, क्योंकि इतने छोटे से रोल ने भी सूरज बड़जात्या जैसे निर्देशक पर गहरी छाप छोड़ी थी।' यह वाकया उनके करियर का एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
'विवाह' की अभूतपूर्व सफलता
सूरज बड़जात्या निर्देशित 'विवाह' में अमृता राव के साथ शाहिद कपूर मुख्य भूमिका में थे। राजश्री प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित और वितरित इस फिल्म ने महज ₹8 करोड़ के बजट में बनकर बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए। पूनम की सादगी और मासूमियत ने दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बनाई कि अमृता-शाहिद की जोड़ी रातोंरात घर-घर की पसंद बन गई।
आज भी बरकरार है 'विवाह' की विरासत
फिल्म के रोमांटिक दृश्य, संवाद और गाने सोशल मीडिया पर आज भी वायरल होते रहते हैं। 'विवाह' को हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में गिना जाता है जिन्होंने पारिवारिक मूल्यों और सरल प्रेमकथा को व्यावसायिक सफलता के साथ जोड़ा। यह फिल्म इस बात का प्रमाण है कि एक छोटा-सा प्रदर्शन भी सही नज़र में आने पर करियर की दिशा बदल सकता है।