अमृता राव ने ठुकराईं सलमान खान और रणबीर कपूर की फिल्में, 'विवाह' से बनाई अलग पहचान
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता राव ने अपने करियर में न केवल कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं, बल्कि कुछ बड़े सुपरस्टार्स की फिल्मों को भी दृढ़ता से अस्वीकार किया — और यही उनकी अलग पहचान का आधार बना। रिपोर्टों के अनुसार, सलमान खान और रणबीर कपूर जैसे बड़े नामों से जुड़े प्रोजेक्ट उन्होंने अपनी शर्तों पर ठुकरा दिए। मुंबई में जन्मी इस अभिनेत्री ने साबित किया कि सफलता के लिए हर बड़ा ऑफर स्वीकार करना ज़रूरी नहीं।
शुरुआती करियर और बड़ा ब्रेक
7 जून 1981 को मुंबई में जन्मी अमृता राव ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर मॉडलिंग और विज्ञापन की दुनिया में कदम रखा। 2002 में फिल्म 'अब के बरस' से बॉलीवुड में उनका आगाज़ हुआ, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता नहीं पा सकी, लेकिन उनके अभिनय ने ध्यान खींचा। इसी दौरान वह 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' में भी नज़र आईं।
असली टर्निंग पॉइंट आया 2003 में, जब शाहिद कपूर के साथ फिल्म 'इश्क विश्क' ने उन्हें रातोंरात दर्शकों की पसंदीदा अभिनेत्री बना दिया। इस फिल्म के लिए उन्हें प्रतिष्ठित आईफा स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर अवॉर्ड से भी नवाज़ा गया।
'विवाह' ने दिलाई देशव्यापी पहचान
'इश्क विश्क' की सफलता के बाद अमृता ने 'मस्ती', 'मैं हूं ना', 'वाह! लाइफ हो तो ऐसी' और 'प्यारे मोहन' जैसी फिल्मों में काम किया। लेकिन 2006 में रिलीज़ हुई फिल्म 'विवाह' ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊँचाई दी। इस फिल्म में उनके द्वारा निभाया गया पूनम का किरदार दर्शकों के दिलों में उतर गया। उनकी सादगी और स्वाभाविक अभिनय शैली इतनी प्रभावशाली रही कि बताया जाता है कि फिल्म के बाद उन्हें देश-विदेश से विवाह प्रस्ताव तक मिलने लगे थे।
बड़े ऑफर ठुकराने की वजह
अमृता राव हमेशा अपनी शर्तों पर काम करने के लिए जानी गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, रणबीर कपूर की फिल्म 'बचना ऐ हसीनों' का प्रस्ताव उन्हें पहले मिला था, लेकिन फिल्म में किसिंग सीन होने के कारण उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। इस फैसले के साथ यशराज फिल्म्स के साथ एक बड़े अनुबंध का अवसर भी उनके हाथ से निकल गया।
इसी तरह, सलमान खान की सुपरहिट फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो' में उन्हें सलमान की बहन का किरदार ऑफर किया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। 'नील एन निक्की' जैसी फिल्म को भी उन्होंने बोल्ड दृश्यों की वजह से करने से मना कर दिया। आलोचकों का कहना है कि इन फैसलों ने उनके करियर की गति को प्रभावित किया, लेकिन उनकी छवि को सुरक्षित रखा।
करियर के उतार-चढ़ाव और विविधता
करियर में कई उतार-चढ़ाव के बावजूद अमृता ने हार नहीं मानी। 'वेलकम टू सज्जनपुर', 'जॉली एलएलबी', 'सिंह साब द ग्रेट', 'सत्याग्रह' और 'ठाकरे' जैसी फिल्मों में उन्होंने विविध भूमिकाएँ निभाईं। 'मैं हूं ना' के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस श्रेणी में नामांकन भी मिला। टेलीविज़न की दुनिया में भी उन्होंने 'मेरी आवाज ही पहचान है' के ज़रिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
निजी जीवन और वर्तमान
अमृता राव ने रेडियो जॉकी अनमोल सूद से विवाह किया और आज वह अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत कर रही हैं। आईफा अवॉर्ड और स्टारडस्ट अवॉर्ड समेत कई सम्मान उनके खाते में हैं। अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए उन्होंने बॉलीवुड में जो जगह बनाई, वह आज भी उनकी विशिष्ट पहचान है — और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल भी।