चीन की नई ऊर्जा भंडारण: राष्ट्रीय रणनीति को मिली नई ताकत
सारांश
Key Takeaways
- नई ऊर्जा भंडारण को राष्ट्रीय रणनीतिक उद्योगों में शामिल किया गया है।
- 2030 तक क्षमता 37 करोड़ किलोवाट से अधिक होने का अनुमान।
- 2025 में नव-स्थापित क्षमता 6.6 करोड़ किलोवाट तक पहुंचने की उम्मीद।
- नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन में वृद्धि।
- दीर्घकालिक मांग में वृद्धि की संभावना।
बीजिंग, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में नई ऊर्जा भंडारण जैसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इसे नई ऊर्जा प्रणाली का एक मुख्य आधार माना गया है और इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रीय रणनीतिक उभरते प्रमुख उद्योगों में शामिल किया गया है।
हाल ही में जारी 'ऊर्जा भंडारण उद्योग अनुसंधान श्वेत पत्र 2026' के अनुसार, 2030 तक चीन की नई ऊर्जा भंडारण की संचयी स्थापित क्षमता 37 करोड़ किलोवाट से अधिक हो जाएगी। यह 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-2025) की समाप्ति की तुलना में 1.5 गुना अधिक वृद्धि को दर्शाता है।
2025 में चीन की नई ऊर्जा भंडारण की नव-स्थापित क्षमता 6.6 करोड़ किलोवाट तक पहुंच गई, जो 2024 की तुलना में 51.9 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 के अंत तक कुल स्थापित क्षमता 13.6 करोड़ किलोवाट हो गई, जो 2024 के अंत की तुलना में 84 प्रतिशत और 2020 के अंत की तुलना में 40 गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। इस तेज विकास के साथ, चीन ने इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है।
चीनी विज्ञान अकादमी के इंजीनियरिंग थर्मोफिजिक्स संस्थान के निदेशक चन हाइशेंग ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के अनुपात में वृद्धि के साथ ऊर्जा भंडारण की दीर्घकालिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। उनका अनुमान है कि 2030 तक संचयी स्थापित क्षमता की औसत अवधि वर्तमान 2.58 घंटे से बढ़कर 3.47 घंटे हो जाएगी।
श्वेत पत्र के अनुसार, नई ऊर्जा से बिजली उत्पादन के बढ़ते हिस्से के साथ, बिजली प्रणाली में दीर्घकालिक विनियमन संसाधनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)