यिनछुआन में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी: 50 से अधिक देशों ने चीन के गरीबी उन्मूलन मॉडल पर की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
चीन के निंगश्या हुई जाति स्वायत्त प्रदेश के यिनछुआन में 10 जुलाई 2026 को 'शी चिनफिंग के नए युग में चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर विचार और दुनिया' विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का केंद्रीय विषय था — 'आधुनिकीकरण की राह पर: चीन के गरीबी उन्मूलन सिद्धांत और अभ्यास से सीख।' 50 से अधिक देशों की 120 से अधिक विदेशी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, राजदूतों, विद्वानों और मीडिया प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
प्रमुख प्रतिभागी और उपस्थिति
संगोष्ठी में जिम्बाब्वे अफ्रीकी राष्ट्रीय संघ – देशभक्ति मोर्चा के केंद्रीय राजनीतिक ब्यूरो की सदस्य, महिला संघ की सचिव एवं सीनेट अध्यक्ष चिनोमोना, मोरक्को की जनता आंदोलन पार्टी के महासचिव एवं प्रतिनिधि सभा के उपाध्यक्ष उजनी, तथा एंडियन संसद की उपाध्यक्ष बूल्क्स विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह आयोजन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।
मुख्य भाषण: गरीबी उन्मूलन की ऐतिहासिक उपलब्धि
सीपीसी केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के निदेशक ल्यू हाइशिंग ने मुख्य भाषण में कहा कि 2012 में 18वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से शी चिनफिंग पर केंद्रित सीपीसी केंद्रीय समिति ने गरीबी उन्मूलन को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया। उनके अनुसार, इस दिशा में चीन ने ऐतिहासिक रूप से पूर्ण गरीबी की समस्या का समाधान किया और चीनी विशेषता वाले गरीबी-विरोधी सिद्धांत का निर्माण किया, जो नए युग के लिए चीनी विशेषता वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों का एक महत्वपूर्ण घटक बन गया है।
ल्यू ने यह भी कहा कि गरीबी उन्मूलन में चीन की सफलता ने विकासशील देशों को गरीबी से बाहर निकलने का साहस और आत्मविश्वास दिया है, और मानवता के लिए गरीबी उन्मूलन के नए मार्ग की खोज की है।
विदेशी अतिथियों की प्रतिक्रिया
संगोष्ठी में उपस्थित विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन ने पूर्ण गरीबी को समाप्त करने में जो ऐतिहासिक विजय प्राप्त की है, वह मानव सभ्यता की प्रगति में एक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि चीन का अनुभव यह सिद्ध करता है कि गरीबी कोई अपरिवर्तनीय नियति नहीं है, और विकासशील देश इससे प्रेरणा ले सकते हैं।
प्रतिभागियों ने सीपीसी के साथ आदान-प्रदान को मजबूत करने और अपने-अपने देशों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग की इच्छा भी व्यक्त की। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर विकासशील देश आर्थिक असमानता और गरीबी से जूझ रहे हैं।
संगोष्ठी का महत्व
गौरतलब है कि यह संगोष्ठी सीपीसी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई, जो इसके राजनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। निंगश्या हुई जाति स्वायत्त प्रदेश, जो स्वयं चीन के गरीबी उन्मूलन अभियान का एक प्रमुख क्षेत्र रहा है, इस आयोजन के लिए एक प्रतीकात्मक स्थल के रूप में चुना गया। आगे इस मंच के माध्यम से सीपीसी और विश्व की राजनीतिक पार्टियों के बीच वैचारिक संवाद जारी रहने की संभावना है।