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मुंगेर में हथियार तस्करी का भंडाफोड़: 5 देसी पिस्तौल, 10 मैगजीन सहित तस्कर गिरफ्तार

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मुंगेर में हथियार तस्करी का भंडाफोड़: 5 देसी पिस्तौल, 10 मैगजीन सहित तस्कर गिरफ्तार

सारांश

मुंगेर पुलिस ने तीनबटिया के पास गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक हथियार तस्कर को दबोचा — 5 देसी पिस्तौल और 10 मैगजीन बरामद। पूछताछ में भागलपुर-मुंगेर तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ; मुख्य साथी फलोसन अभी भी फरार।

मुख्य बातें

मुंगेर पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को तीनबटिया के पास हथियार तस्कर मोहम्मद सदाकत अंसारी उर्फ करकू को गिरफ्तार किया।
आरोपी के पास से 5 देसी पिस्तौल और 10 मैगजीन के अलावा एक मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन बरामद।
हथियारों की खेप भागलपुर से लाई गई थी; वर्धा निवासी मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन को सौंपी जानी थी।
सदाकत को प्रत्येक खेप के बदले मात्र ₹2,000–₹3,000 मिलते थे; वह पहले भी एक बार खेप पहुंचा चुका है।
फलोसन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी; भागलपुर के आपूर्तिकर्ता की पहचान के लिए तकनीकी जांच चल रही है।

मुंगेर पुलिस ने 10 जुलाई 2026 को अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 5 देसी पिस्तौल, 10 मैगजीन, एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह हथियारों की खेप भागलपुर से लाई गई थी और इसे मुंगेर में एक अन्य व्यक्ति को सौंपी जानी थी।

कैसे हुई गिरफ्तारी

सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि बरियारपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति काले रंग की मोटरसाइकिल पर अवैध हथियार लेकर गुजरने वाला है। सूचना की पुष्टि होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क किया गया। इसके बाद बरियारपुर थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की संयुक्त टीम ने तीनबटिया के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया।

जांच के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, जिसने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया और तलाशी ली। मोटरसाइकिल पर टंगे एक झोले से 5 देसी पिस्तौल बरामद हुईं। इसके अलावा पाँच अलग मैगजीन और पाँचों पिस्तौलों में लगी मैगजीन — यानी कुल 10 मैगजीन — भी जब्त की गईं।

आरोपी की पहचान और पूछताछ में खुलासे

गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान मोहम्मद सदाकत अंसारी उर्फ करकू के रूप में बताई। वह कल्याणचक, सीताकुंड (मुफस्सिल थाना क्षेत्र) का निवासी है। पूछताछ में सदाकत ने बताया कि उसे भागलपुर में भगवाननाथ चौक के पास स्थित एक लाइन होटल के निकट एक अज्ञात व्यक्ति ने हथियारों की यह खेप सौंपी थी। वह इन हथियारों को मुंगेर लाकर वर्धा निवासी अपने साथी मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन को देने जा रहा था।

एसडीपीओ अभिषेक आनंद के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि सदाकत इससे पहले भी एक बार इसी तरह हथियारों की खेप भागलपुर से लाकर फलोसन तक पहुंचा चुका है। प्रत्येक खेप पहुंचाने के बदले उसे मात्र ₹2,000 से ₹3,000 दिए जाते थे। उसने स्वीकार किया कि हथियार देने वाले व्यक्ति की पहचान उसे भी नहीं पता।

नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस का अनुमान है कि फलोसन तक पहुंचने के बाद ये हथियार आगे अन्य लोगों को बेचे जाते थे। फिलहाल मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पुलिस भागलपुर में उस अज्ञात आपूर्तिकर्ता की पहचान के लिए तकनीकी और मैन्युअल दोनों माध्यमों से जांच कर रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब मुंगेर — जो कि देश में अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है — में पुलिस ने तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किया है। गौरतलब है कि मुंगेर से जुड़े हथियार तस्करी के मामले राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं।

आगे की कार्रवाई

एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने स्पष्ट किया कि पूरे हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए गहन जांच की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य भागलपुर से मुंगेर तक फैली इस आपूर्ति श्रृंखला की हर कड़ी को उजागर करना है। फलोसन की जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह गिरफ्तारी उस पुरानी समस्या की एक नई परत उजागर करती है — अब निर्माण नहीं, बल्कि संगठित आपूर्ति श्रृंखला। ₹2,000–₹3,000 की मामूली मज़दूरी पर काम करने वाले 'रनर' यह बताते हैं कि नेटवर्क का असली सरगना कितनी चालाकी से खुद को बचाए रखता है। जब तक भागलपुर के अज्ञात आपूर्तिकर्ता और फलोसन जैसे मध्यस्थों तक पहुंच नहीं बनती, तब तक ऐसी गिरफ्तारियाँ श्रृंखला की सबसे कमज़ोर कड़ी को ही तोड़ती हैं — नेटवर्क को नहीं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंगेर हथियार तस्करी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने मोहम्मद सदाकत अंसारी उर्फ करकू को गिरफ्तार किया, जो कल्याणचक, सीताकुंड (मुफस्सिल थाना क्षेत्र) का निवासी है। उसे तीनबटिया के पास वाहन जांच के दौरान पकड़ा गया।
बरामद हथियारों की खेप कहाँ से आई थी?
पूछताछ के अनुसार हथियारों की यह खेप भागलपुर में भगवाननाथ चौक के पास एक लाइन होटल के निकट एक अज्ञात व्यक्ति ने सदाकत को सौंपी थी। इसे मुंगेर में वर्धा निवासी मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन को देना था।
इस मामले में अभी कौन फरार है और पुलिस क्या कर रही है?
मुख्य साथी मोहम्मद सलीम उर्फ फलोसन अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। भागलपुर के अज्ञात आपूर्तिकर्ता की पहचान के लिए तकनीकी और मैन्युअल दोनों माध्यमों से जांच की जा रही है।
तस्कर को हथियार पहुंचाने के कितने पैसे मिलते थे?
सदाकत ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसे प्रत्येक खेप पहुंचाने के बदले मात्र ₹2,000 से ₹3,000 दिए जाते थे। वह पहले भी एक बार इसी तरह हथियार पहुंचा चुका है और तब भी उतनी ही रकम मिली थी।
मुंगेर में हथियार तस्करी की यह घटना क्यों महत्वपूर्ण है?
मुंगेर पहले से अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है। यह मामला भागलपुर से मुंगेर तक फैले एक संगठित तस्करी नेटवर्क को उजागर करता है, जो बताता है कि अब हथियार न केवल बनाए जा रहे हैं बल्कि आपूर्ति श्रृंखला के ज़रिए वितरित भी किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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