14 जुलाई 2026
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जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: 9 पिस्तौल, 40 कारतूस बरामद, तीन गिरफ्तार

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जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: 9 पिस्तौल, 40 कारतूस बरामद, तीन गिरफ्तार

सारांश

जालंधर बस स्टैंड से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई गुरदासपुर के भैनी पसवाल गांव तक पहुँची और कुल 9 पिस्तौल, 17 मैगजीन व 40 कारतूस बरामद हुए। तीन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पंजाब के भीतर चल रहे व्यापक हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।

मुख्य बातें

जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने 29 मई 2026 को हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कुल 9 पिस्तौल , 17 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद; पहली खेप जालंधर बस स्टैंड के पास से।
दूसरी बरामदगी गुरदासपुर जिले के भैनी पसवाल गांव के निकट छिपाए गए हथियारों की।
पंजाब DGP ने अवैध हथियार तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की।
बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच जारी; आपूर्तिकर्ताओं और अन्य साथियों की तलाश तेज।

पंजाब पुलिस ने 29 मई 2026 को जालंधर में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 9 पिस्तौल, 17 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई को राज्य में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी सफलता बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस ने सबसे पहले जालंधर बस स्टैंड के निकट एक संदिग्ध को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में मिली सूचनाओं के आधार पर टीम ने 5 पिस्तौल (.32 बोर), 9 मैगजीन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए।

इसके बाद मिले सुरागों के आधार पर पुलिस गुरदासपुर जिले के भैनी पसवाल गांव के पास पहुँची, जहाँ छिपाकर रखे गए अतिरिक्त हथियार बरामद हुए — 4 और पिस्तौलें, 8 मैगजीन तथा 18 जिंदा कारतूस। इस दोहरी कार्रवाई में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

नेटवर्क की पृष्ठभूमि

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की आपूर्ति का एक संगठित नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस के अनुसार, ऐसे गिरोह प्रायः अंतरराज्यीय माध्यमों से हथियार मँगाते हैं और स्थानीय स्तर पर उनका वितरण करते हैं।

गौरतलब है कि पंजाब में पिछले कुछ वर्षों से अवैध हथियारों की बरामदगी और उनके आपराधिक उपयोग की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य पुलिस संगठित अपराध और हथियार तस्करी पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चला रही है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है। राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।'

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों तथा हथियार आपूर्तिकर्ताओं का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

आगे की जांच

बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि इन्हें पहले किन आपराधिक घटनाओं में इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने तक जांच जारी रहेगी और गिरोह के सभी संभावित संपर्कों की पहचान की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि हथियार पंजाब में पहुँचे कहाँ से — क्योंकि राज्य में पिछले कई वर्षों से अंतरराज्यीय हथियार आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हो पाई है। गुरदासपुर जैसे सीमावर्ती जिले में छिपाए गए हथियार यह संकेत देते हैं कि नेटवर्क की जड़ें स्थानीय से कहीं गहरी हैं। फोरेंसिक जांच यदि इन हथियारों को किसी पुरानी आपराधिक घटना से जोड़ती है, तो यह मामला और गंभीर हो सकता है। पंजाब पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि आपूर्तिकर्ताओं तक जांच कितनी दूर जाती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह के भंडाफोड़ में क्या बरामद हुआ?
पंजाब पुलिस ने कुल 9 पिस्तौल, 17 मैगजीन और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए। पहली खेप जालंधर बस स्टैंड के पास और दूसरी गुरदासपुर के भैनी पसवाल गांव के निकट से मिली।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम ने इस अभियान में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे गहन पूछताछ जारी है और अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
क्या यह गिरोह पंजाब के बाहर से भी हथियार मँगाता था?
पुलिस के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि गिरोह पंजाब के भीतर हथियार तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ऐसे गिरोह अक्सर अंतरराज्यीय माध्यमों से हथियार मँगाते हैं, हालांकि इस मामले में आपूर्ति स्रोत की जांच अभी जारी है।
बरामद हथियारों की आगे क्या जांच होगी?
बरामद पिस्तौलों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ था या नहीं। साथ ही हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पूरा खुलासा करने के प्रयास जारी हैं।
पंजाब में अवैध हथियार तस्करी की स्थिति क्या है?
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों से अवैध हथियारों की बरामदगी और उनके आपराधिक उपयोग की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। पंजाब DGP ने इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि की है और राज्य पुलिस ऐसे नेटवर्क के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है।
राष्ट्र प्रेस
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