14 जुलाई 2026
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पंजाब पुलिस ने जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार; 5 पिस्तौलें बरामद

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पंजाब पुलिस ने जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार; 5 पिस्तौलें बरामद

सारांश

जालंधर पुलिस ने हथियार तस्करी के एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए गुरदासपुर के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और पाँच पिस्तौलें बरामद कीं। DGP गौरव यादव के अनुसार, पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है।

मुख्य बातें

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 29 मई 2026 को हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार तीनों आरोपी — मनजोत सिंह , संदीप सिंह और अमनदीप सिंह उर्फ अमन — गुरदासपुर के निवासी हैं।
बरामदगी में 5 .32-बोर पिस्तौलें , 9 मैगजीन और 22 कारतूस शामिल हैं।
DGP गौरव यादव ने कहा कि मॉड्यूल पंजाब में अवैध हथियार आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ा है।
आगे की जांच में और गिरफ्तारियाँ व बरामदगियाँ संभव — पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ।

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 29 मई 2026 को अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने पाँच .32-बोर पिस्तौलें, नौ मैगजीन और 22 कारतूस बरामद किए। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने यह जानकारी शुक्रवार को चंडीगढ़ में दी।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

हिरासत में लिए गए तीनों आरोपी गुरदासपुर जिले के निवासी हैं। इनकी पहचान ढेसियां गांव के मनजोत सिंह, जगोवाल गांव के संदीप सिंह और भैनी पसवाल गांव के अमनदीप सिंह उर्फ अमन के रूप में हुई है। तीनों पर पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की आपूर्ति में शामिल होने का आरोप है।

ऑपरेशन का घटनाक्रम

पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सबसे पहले जालंधर बस स्टैंड के निकट से मनजोत सिंह को दबोचा, जिसके पास से .32-बोर की एक पिस्तौल बरामद हुई।

पूछताछ में मनजोत सिंह ने अपने दो साथियों — संदीप सिंह और अमनदीप सिंह — का नाम लिया। इसके बाद पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरदासपुर के भैनी पसवाल गांव से दोनों को गिरफ्तार किया।

अमनदीप के खुलासे के बाद पुलिस ने भैनी पसवाल गांव में धूसी बांध के समीप एक छिपे हुए ठिकाने से .32-बोर की चार और पिस्तौलें, आठ मैगजीन और 18 कारतूस जब्त किए।

जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

DGP गौरव यादव के अनुसार, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह मॉड्यूल पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क के आपूर्तिकर्ताओं और ग्राहकों — दोनों सिरों — की पहचान के लिए जांच जारी है।

पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और बरामदगियाँ संभव हैं।

व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई पंजाब सरकार की उस मुहिम के तहत हुई है जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध हथियारों और नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। गौरतलब है कि पंजाब में सीमा-पार हथियार तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। इस गिरफ्तारी से उस आपूर्ति श्रृंखला की एक कड़ी टूटी है जो संगठित अपराध को हथियार मुहैया कराती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये हथियार पंजाब पहुँचे कहाँ से — क्या यह सीमा-पार तस्करी है या राज्य के भीतर का ही नेटवर्क? DGP ने 'आगे और अगले संपर्कों' की बात कही है, लेकिन अब तक आपूर्तिकर्ता की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई। पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में हथियार तस्करी के कई मॉड्यूल पकड़े गए हैं, फिर भी अवैध हथियारों का प्रवाह थमा नहीं — यह दर्शाता है कि छोटे मॉड्यूल तोड़ने से नेटवर्क की जड़ें नहीं कटतीं। जब तक आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे पर कार्रवाई नहीं होती, ऐसी गिरफ्तारियाँ संरचनात्मक बदलाव की बजाय प्रतीकात्मक सफलता बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ने हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कैसे किया?
विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जालंधर बस स्टैंड के पास से मनजोत सिंह को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गुरदासपुर से दो और आरोपी पकड़े गए और भैनी पसवाल गांव में धूसी बांध के पास छिपाए गए हथियार बरामद किए गए।
इस ऑपरेशन में कुल कितने हथियार बरामद हुए?
पुलिस ने कुल पाँच .32-बोर पिस्तौलें, नौ मैगजीन और 22 कारतूस बरामद किए। इनमें से एक पिस्तौल मनजोत सिंह के पास से और शेष चार भैनी पसवाल गांव में छिपे ठिकाने से मिलीं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और वे कहाँ के रहने वाले हैं?
तीनों आरोपी गुरदासपुर जिले के हैं — मनजोत सिंह (ढेसियां गांव), संदीप सिंह (जगोवाल गांव) और अमनदीप सिंह उर्फ अमन (भैनी पसवाल गांव)। सभी पर पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ व बरामदगियाँ संभव हैं। DGP गौरव यादव के अनुसार, नेटवर्क के आपूर्तिकर्ताओं और ग्राहकों दोनों सिरों की पहचान की जा रही है।
यह गिरफ्तारी पंजाब की सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में कितनी अहम है?
पंजाब सरकार राज्य में अवैध हथियारों और नशे के नेटवर्क के खिलाफ अभियान चला रही है। यह ऑपरेशन उसी मुहिम का हिस्सा है और इससे एक सक्रिय हथियार आपूर्ति मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जो संगठित अपराध को हथियार मुहैया कराता था।
राष्ट्र प्रेस
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