पंजाब पुलिस ने जालंधर में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन गिरफ्तार; 5 पिस्तौलें बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 29 मई 2026 को अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में पुलिस ने पाँच .32-बोर पिस्तौलें, नौ मैगजीन और 22 कारतूस बरामद किए। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने यह जानकारी शुक्रवार को चंडीगढ़ में दी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
हिरासत में लिए गए तीनों आरोपी गुरदासपुर जिले के निवासी हैं। इनकी पहचान ढेसियां गांव के मनजोत सिंह, जगोवाल गांव के संदीप सिंह और भैनी पसवाल गांव के अमनदीप सिंह उर्फ अमन के रूप में हुई है। तीनों पर पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की आपूर्ति में शामिल होने का आरोप है।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सबसे पहले जालंधर बस स्टैंड के निकट से मनजोत सिंह को दबोचा, जिसके पास से .32-बोर की एक पिस्तौल बरामद हुई।
पूछताछ में मनजोत सिंह ने अपने दो साथियों — संदीप सिंह और अमनदीप सिंह — का नाम लिया। इसके बाद पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरदासपुर के भैनी पसवाल गांव से दोनों को गिरफ्तार किया।
अमनदीप के खुलासे के बाद पुलिस ने भैनी पसवाल गांव में धूसी बांध के समीप एक छिपे हुए ठिकाने से .32-बोर की चार और पिस्तौलें, आठ मैगजीन और 18 कारतूस जब्त किए।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
DGP गौरव यादव के अनुसार, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि यह मॉड्यूल पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क के आपूर्तिकर्ताओं और ग्राहकों — दोनों सिरों — की पहचान के लिए जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और बरामदगियाँ संभव हैं।
व्यापक संदर्भ
यह कार्रवाई पंजाब सरकार की उस मुहिम के तहत हुई है जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध हथियारों और नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। गौरतलब है कि पंजाब में सीमा-पार हथियार तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। इस गिरफ्तारी से उस आपूर्ति श्रृंखला की एक कड़ी टूटी है जो संगठित अपराध को हथियार मुहैया कराती है।