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खरगोन पुलिस ने रूपा नदी किनारे अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी, 5 गिरफ्तार; ₹2.75 लाख के हथियार जब्त

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खरगोन पुलिस ने रूपा नदी किनारे अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी, 5 गिरफ्तार; ₹2.75 लाख के हथियार जब्त

सारांश

खरगोन पुलिस ने रूपा नदी किनारे सिग्नूर गांव में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया — 9 देसी पिस्तौलें, 2 कट्टे और पूरा निर्माण उपकरण जब्त। पाँच आरोपी गिरफ्तार, आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी।

मुख्य बातें

खरगोन पुलिस ने 28 मई 2026 को सिग्नूर गांव , रूपा नदी किनारे अवैध हथियार फैक्ट्री पर छापा मारा।
मौके से 9 देसी पिस्तौलें , 2 कट्टे , 11 बैरल , 3 ग्राइंडिंग मशीनें सहित लगभग ₹2.75 लाख मूल्य का सामान जब्त।
विकास सिंह सिकलीगर, कान्हा सिकलीगर, सूरज सिंह सिकलीगर, गुरुबदल सिंह सिकलीगर और रोशन सिंह — सभी सिग्नूर गांव निवासी — गिरफ्तार।
कुछ आरोपियों के विरुद्ध पहले से शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
कार्रवाई गोगवान और सनावद पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीम ने एएसपी शकुंतला रुहाल की निगरानी में की।
पुलिस हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए पूछताछ कर रही है।

खरगोन पुलिस ने शुक्रवार, 28 मई 2026 को मध्य प्रदेश के सिग्नूर गांव में रूपा नदी के किनारे संचालित एक अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर छापा मारकर पाँच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में लगभग ₹2.75 लाख मूल्य के हथियार, गोला-बारूद के पुर्जे और निर्माण उपकरण बरामद किए गए। यह छापेमारी जिले में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।

छापेमारी का घटनाक्रम

विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर गोगवान और सनावद पुलिस स्टेशनों की एक संयुक्त टीम ने शाम को सिग्नूर गांव में दबिश दी। पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक अनुराग (इंदौर ग्रामीण) और उप महानिरीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (निमार रेंज) के निर्देशों पर की गई। छापेमारी का पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुंतला रुहाल ने किया।

बरामद हथियार और उपकरण

मौके से पुलिस ने 9 देसी पिस्तौलें और 2 देसी बंदूकें (कट्टा) बरामद कीं। इसके अलावा 2 अधूरी पिस्तौलें, 11 बैरल, 2 मैगजीन, 4 अधूरी मैगजीन, 3 ग्राइंडिंग मशीनें, पिस्तौल और मैगजीन के सांचे, एक फर्नेस ब्लोअर, हथौड़े, चिमटे और स्क्रूड्राइवर भी जब्त किए गए। बरामद सामग्री एक पूर्णतः कार्यशील अवैध हथियार उत्पादन इकाई की ओर स्पष्ट संकेत करती है।

गिरफ्तार आरोपी

पकड़े गए पाँचों आरोपी सिग्नूर गांव के निवासी हैं। इनकी पहचान विकास सिंह सिकलीगर (19), कान्हा सिकलीगर (30), सूरज सिंह सिकलीगर (40), गुरुबदल सिंह सिकलीगर (22) और रोशन सिंह (19) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ आरोपियों के विरुद्ध पहले से ही शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

आगे की जांच

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है ताकि हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाया जा सके और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। गौरतलब है कि खरगोन जिला अवैध हथियार निर्माण के मामले में संवेदनशील माना जाता है, और यह कार्रवाई उस दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सिकलीगर समुदाय के कुछ तत्व पारंपरिक लोहारी कौशल का दुरुपयोग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि अभियान 'कारगर' है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या आपूर्ति नेटवर्क तक पहुँचा जाएगा — अन्यथा यह कार्रवाई केवल खुदरा स्तर पर रहेगी, जबकि थोक आपूर्तिकर्ता बचे रहेंगे। पिछले वर्षों में इसी क्षेत्र से कई ऐसी बरामदगियाँ हुई हैं, जो बताती हैं कि केवल छापेमारी से समस्या हल नहीं होगी — सामाजिक-आर्थिक हस्तक्षेप और खुफिया तंत्र की मज़बूती भी ज़रूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरगोन में रूपा नदी किनारे क्या पकड़ा गया?
खरगोन पुलिस ने सिग्नूर गांव में रूपा नदी के किनारे एक पूर्णतः कार्यशील अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। मौके से 9 देसी पिस्तौलें, 2 कट्टे, 11 बैरल, 3 ग्राइंडिंग मशीनें और अन्य निर्माण उपकरण सहित लगभग ₹2.75 लाख मूल्य की सामग्री जब्त की गई।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
इस मामले में पाँच लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इनके नाम विकास सिंह सिकलीगर (19), कान्हा सिकलीगर (30), सूरज सिंह सिकलीगर (40), गुरुबदल सिंह सिकलीगर (22) और रोशन सिंह (19) हैं — ये सभी सिग्नूर गांव के निवासी हैं।
यह छापेमारी किसके निर्देश पर और किसने की?
यह कार्रवाई महानिरीक्षक अनुराग (इंदौर ग्रामीण) और उप महानिरीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (निमार रेंज) के निर्देशों पर की गई। गोगवान और सनावद पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीम ने यह छापा मारा, जिसका पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुंतला रुहाल ने किया।
क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के विरुद्ध पहले से ही शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर आपूर्ति नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।
खरगोन में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ क्या अभियान चल रहा है?
खरगोन जिले में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के विरुद्ध एक विशेष जिलाव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा के अनुसार यह अभियान कारगर साबित हो रहा है, और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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