मुंगेर में बड़ी कार्रवाई: STF और पुलिस ने तारापुर दियारा में अवैध बंदूक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, 4 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- STF और मुंगेर पुलिस ने 25 अप्रैल 2025 को तारापुर दियारा में अवैध बंदूक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
- गिरफ्तार चार आरोपी: मोहम्मद सरफराज उर्फ लंगड़ा, मोहम्मद अतीक, प्रकाश सिंह उर्फ प्रकाश बिंद और विकास कुमार।
- बरामद सामग्री में 2 तैयार पिस्तौल, 3 अधबनी पिस्तौल, 7 जिंदा कारतूस, 4 बेस मशीनें और अन्य उपकरण शामिल।
- पुलिस टीम ने मनियारचक घाट से नाव के जरिए गंगा पार कर दुर्गम दियारा क्षेत्र में छापा मारा।
- यह 9 दिनों में मुंगेर की दूसरी अवैध हथियार फैक्ट्री है — इससे पहले 16 अप्रैल को कासिम बाजार क्षेत्र में फैक्ट्री पकड़ी गई थी।
- सभी आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया; बड़े नेटवर्क की जांच जारी।
मुंगेर (बिहार), 25 अप्रैल। बिहार में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुंगेर पुलिस की संयुक्त टीम ने गंगा नदी के उस पार तारापुर दियारा क्षेत्र में संचालित एक अवैध बंदूक फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। शुक्रवार शाम को की गई इस छापेमारी में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में हथियार व निर्माण उपकरण बरामद किए गए।
कैसे हुआ ऑपरेशन — गंगा पार नाव से पहुंची पुलिस
पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले तारापुर दियारा इलाके में एक अवैध हथियार फैक्ट्री चल रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए STF और मुंगेर पुलिस की संयुक्त टीम ने मनियारचक घाट से नाव के जरिए गंगा नदी पार की।
यह तथ्य इस बात की ओर इशारा करता है कि अपराधी जानबूझकर दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में इस तरह की गतिविधियां संचालित करते हैं, ताकि पुलिस की पहुंच मुश्किल हो सके। दियारा क्षेत्र — गंगा के बाढ़ के मैदान में बसा यह इलाका — वर्षों से अवैध गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है।
गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामग्री
छापेमारी में चार आरोपियों को मौके से दबोचा गया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मोहम्मद सरफराज उर्फ लंगड़ा, मोहम्मद अतीक, प्रकाश सिंह उर्फ प्रकाश बिंद और विकास कुमार के रूप में हुई है।
मौके से बरामद सामग्री में २ तैयार पिस्तौल, ३ अधबनी पिस्तौल, ७ जिंदा कारतूस, ४ बेस मशीनें, १ हैंड ड्रिल मशीन और हथियार निर्माण में प्रयुक्त अन्य औजार शामिल हैं। इन उपकरणों की मौजूदगी यह साबित करती है कि यह कोई छोटी-मोटी गतिविधि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हथियार उत्पादन केंद्र था।
कानूनी कार्रवाई और न्यायिक हिरासत
मुफस्सिल थाना प्रभारी (SHO) विपिन कुमार सिंह ने पुष्टि की कि चारों आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली गई है। सभी को जिला अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध फैक्ट्री के पीछे के बड़े नेटवर्क, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। यह देखना अहम होगा कि ये हथियार किन्हें आपूर्ति किए जा रहे थे।
मुंगेर में अवैध हथियार उद्योग — एक गहरी समस्या
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। 16 अप्रैल 2025 को भी पुलिस ने मुंगेर के कासिम बाजार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक अवैध बंदूक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, जो पुरानगंज स्थित कोयरी टोला में एक आवासीय मकान के भीतर चल रही थी। यानी केवल नौ दिनों के भीतर मुंगेर में दूसरी अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है।
मुंगेर ऐतिहासिक रूप से देश में अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है। यहां का 'कंट्री मेड' हथियार उद्योग दशकों पुरानी समस्या है, जो बिहार ही नहीं, पड़ोसी राज्यों में भी अपराध को बढ़ावा देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हथियारों की आपूर्ति संगठित अपराध गिरोहों, नक्सल प्रभावित इलाकों और राजनीतिक हिंसा में भी होती रही है।
यह भी विचारणीय है कि दियारा जैसे भौगोलिक रूप से अलग-थलग क्षेत्रों में ऐसी फैक्ट्रियां चलाना अपराधियों की बदलती रणनीति को दर्शाता है — शहरी इलाकों में बढ़ती निगरानी के कारण वे अब दुर्गम इलाकों का रुख कर रहे हैं।
आगे की राह — जांच और बड़े नेटवर्क पर नजर
STF और मुंगेर पुलिस अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह जानना जरूरी है कि कच्चा माल कहां से आता था, तैयार हथियार किन्हें और कहां भेजे जाते थे, और इस पूरे तंत्र को संचालित करने वाला मास्टरमाइंड कौन है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।