क्या मध्य प्रदेश के इंदौर में दो आरोपियों को पांच अत्याधुनिक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- इंदौर में पांच पिस्तौलें जब्त की गईं।
- दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
- पुलिस की विशेष कार्य बल द्वारा की गई कार्रवाई।
- आरोपियों के पास कोई वैध शस्त्र लाइसेंस नहीं था।
- अवैध हथियारों के खिलाफ निरंतर मुहिम जारी है।
इंदौर, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुहिम जारी है। इसी क्रम में इंदौर में विशेष कार्य बल ने दो आरोपियों के पास से पांच अत्याधुनिक किस्म की पिस्तौलें बरामद की हैं।
आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने इंदौर में अवैध शस्त्रों के विरुद्ध कार्रवाई कर बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर मैगजीन सहित पांच अत्याधुनिक पिस्तौल जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, एसटीएफ इंदौर के उपपुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चौहान के निर्देशन में दो विशेष टीमें बनाई गईं। इनमें एक टीम में इंस्पेक्टर रमेश चौहान, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुप्ता एवं आरक्षक विवेक द्विवेदी तथा दूसरी टीम में प्रधान आरक्षक आदर्श दीक्षित, आरक्षक देवराज बघेल एवं आरक्षक देवेन्द्र सिंह शामिल थे।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध हथियारों के कारोबार में लगे हुए हैं। सूचना के आधार पर अवैध शस्त्रों की धरपकड़ के लिए दोनों टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया।
सूचना के अनुसार बताए गए स्थान पर पहुंचकर टीमों द्वारा घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से पांच अत्याधुनिक पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गईं।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने गांव बोराड़िया, थाना भिकनगांव, जिला खरगोन का रहने वाला बताया। दोनों आरोपी किसी भी प्रकार का विधिक शस्त्र लाइसेंस नहीं दिखा पाए, जिस पर सभी हथियारों को जब्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रकरण में अवैध शस्त्रों की आपूर्ति, नेटवर्क तथा इनके संभावित उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।