अयोध्या: 200 चांदी की ईंटों के विवाद में सिंधी समाज ने राम मंदिर ट्रस्ट का जवाब माना संतोषजनक, सितंबर-अक्टूबर में सामूहिक दर्शन का अनुरोध
सारांश
मुख्य बातें
विश्व सिंधी सेवा संगम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा 200 चांदी की ईंटों के दान-विवाद पर दिए गए स्पष्टीकरण को संतोषजनक मानते हुए इस मामले को औपचारिक रूप से बंद करने का संकेत दिया है। संगठन ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को पत्र लिखकर जानकारी दी कि सभी 200 दानदाता ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी से पूर्णतः संतुष्ट हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
हाल के दिनों में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों को लेकर कुछ दानदाताओं की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए थे, जिससे यह मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया था। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 1 जुलाई 2026 को संगठन को विस्तृत उत्तर भेजा था।
ट्रस्ट के स्पष्टीकरण से शंका दूर
संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ. राजू मनवानी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि सिंधी समुदाय के 200 सदस्यों ने चांदी की ईंटों का भुगतान सीधे संबंधित जौहरी को किया था और प्रत्येक दानदाता को भुगतान की रसीद भी जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के विस्तृत स्पष्टीकरण के बाद इस मामले में अब कोई भ्रम या शंका शेष नहीं है।
दानदाताओं की सूची ट्रस्ट को सौंपी
विश्व सिंधी सेवा संगम ने ट्रस्ट के अनुरोध पर सभी 200 दानदाताओं की सूची उनके संपर्क नंबरों सहित उपलब्ध कराई है। इस सूची में 35 भारतीय शहरों और 17 देशों के प्रतिनिधि दानदाता शामिल हैं, जो इस दान अभियान की व्यापक अंतरराष्ट्रीय पहुँच को दर्शाता है।
सामूहिक दर्शन का अनुरोध
संगठन ने ट्रस्ट से सितंबर या अक्टूबर 2026 में किसी उपयुक्त तिथि पर सभी दानदाताओं को सामूहिक रूप से श्रीराम मंदिर के दर्शन की अनुमति देने का अनुरोध किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अधिकांश दानदाताओं को अब तक मंदिर में दर्शन का अवसर नहीं मिल सका है। समुदाय की इच्छा है कि सभी 200 दानदाता एकसाथ अयोध्या पहुँचकर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करें।
आगे की राह
डॉ. राजू मनवानी ने पत्र में ट्रस्ट के सहयोग और विस्तृत उत्तर के लिए आभार व्यक्त किया। विश्व सिंधी सेवा संगम का ध्यान अब विवाद से हटकर आगामी सामूहिक दर्शन की तैयारियों पर केंद्रित हो गया है। ट्रस्ट की ओर से दर्शन की तिथि की पुष्टि का इंतज़ार किया जा रहा है।