9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर को दान की 200 किलो चांदी पर श्रीराम ट्रस्ट का जवाब, रिकॉर्ड और तस्वीरें जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर को दान की 200 किलो चांदी पर श्रीराम ट्रस्ट का जवाब, रिकॉर्ड और तस्वीरें जारी

सारांश

राम मंदिर को 2021 में दान की गई 200 किलो चांदी का हिसाब माँगे जाने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिकॉर्ड, तस्वीरें और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की। चांदी को पिघलाकर 99.99% शुद्धता की सिल्वर बार बनाई गईं, जो अब SBI अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित हैं।

मुख्य बातें

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 9 जुलाई 2025 को राम मंदिर को दान की गई 200 किलो चांदी पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया।
विश्व सिंधी सेवा संगम ने 26 जनवरी 2021 को दान की गई 200 चांदी की ईंटों का हिसाब माँगते हुए ट्रस्ट को पत्र लिखा था।
ट्रस्ट के अनुसार, चांदी को पिघलाकर 99.99% शुद्धता वाली 20-20 किलोग्राम की सिल्वर बार तैयार कराई गईं।
सिल्वर बार फिलहाल भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित हैं।
ट्रस्ट ने सभी 200 दानदाताओं की जानकारी मिलने पर अलग-अलग आधिकारिक रसीद जारी करने का आश्वासन दिया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 9 जुलाई 2025 को अयोध्या के राम मंदिर को 26 जनवरी 2021 को दान में मिली 200 किलो चांदी को लेकर उठे सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। ट्रस्ट ने दस्तावेज़, तस्वीरें और विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा है कि पूरी चांदी का रिकॉर्ड सुरक्षित है और उसे नियमानुसार संरक्षित रखा गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि

विश्व सिंधी सेवा संगम ने कुछ दिन पूर्व ट्रस्ट को एक पत्र भेजकर यह जानकारी माँगी थी कि 26 जनवरी 2021 को दान की गई 200 चांदी की ईंटों का क्या हुआ। संगठन का कहना था कि दानदाताओं को अब तक न तो आधिकारिक रसीद प्रदान की गई और न ही यह बताया गया कि मंदिर निर्माण या अन्य कार्यों में इस चांदी का उपयोग कहाँ किया गया। इसी आधार पर संगठन ने पूरे मामले में पारदर्शिता की माँग की थी।

ट्रस्ट का आधिकारिक स्पष्टीकरण

ट्रस्ट ने अपने जवाब में बताया कि दान में प्राप्त सभी 200 चांदी की ईंटों का विवरण ट्रस्ट के मूल्यवान धातु रजिस्टर में दर्ज है। ट्रस्ट के अनुसार, एक निर्णय के तहत इन ईंटों के साथ अन्य उपलब्ध चांदी को पिघलाकर 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाली 20-20 किलोग्राम की सिल्वर बार तैयार कराई गईं। ट्रस्ट का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार पूरी की गई।

गौरतलब है कि राम मंदिर को देशभर से बड़ी मात्रा में दान प्राप्त हुए हैं और इस तरह के सवाल पहले भी उठते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर विभिन्न संगठन सक्रिय हो रहे हैं।

तस्वीरें और साक्ष्य

अपने दावे के समर्थन में ट्रस्ट ने कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। इन तस्वीरों में चांदी का वजन, उसे पिघलाने की प्रक्रिया और तैयार की गई सिल्वर बार दिखाई गई हैं। ट्रस्ट ने बताया कि फिलहाल ये सिल्वर बार भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित रखी गई हैं।

दानदाताओं को रसीद का आश्वासन

ट्रस्ट ने विश्व सिंधी सेवा संगम से अनुरोध किया है कि वह सभी 200 दानदाताओं के नाम, पते, मोबाइल नंबर, पैन और ईमेल की जानकारी उपलब्ध कराए। ट्रस्ट का कहना है कि यह जानकारी प्राप्त होते ही प्रत्येक दानदाता के नाम से अलग-अलग आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी।

आगे क्या होगा

ट्रस्ट के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में रखी इन सिल्वर बार का उपयोग भविष्य में मंदिर से जुड़ी आवश्यकताओं और निर्माण कार्यों में किया जाएगा। इस मामले में ट्रस्ट के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद अब दानदाताओं की रसीद और आगे की प्रक्रिया पर नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब 200 दानदाताओं को वास्तव में रसीद मिलेगी — जो अभी तक चार साल बाद भी नहीं मिली। यह मामला यह भी रेखांकित करता है कि बड़े धार्मिक ट्रस्टों के लिए स्वतंत्र ऑडिट और दानदाता-सूचना तंत्र की अनिवार्यता कितनी ज़रूरी है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर को दान की गई 200 किलो चांदी का क्या हुआ?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, 26 जनवरी 2021 को दान में मिली 200 चांदी की ईंटों को अन्य उपलब्ध चांदी के साथ पिघलाकर 99.99% शुद्धता वाली 20-20 किलोग्राम की सिल्वर बार तैयार कराई गईं। ये सिल्वर बार अब भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में सुरक्षित रखी हैं।
विश्व सिंधी सेवा संगम ने ट्रस्ट से क्या माँगा था?
विश्व सिंधी सेवा संगम ने ट्रस्ट को पत्र लिखकर यह जानकारी माँगी थी कि 26 जनवरी 2021 को दान की गई 200 चांदी की ईंटों का उपयोग कहाँ किया गया। संगठन का कहना था कि दानदाताओं को अब तक न आधिकारिक रसीद मिली और न ही चांदी के उपयोग की जानकारी दी गई।
दानदाताओं को रसीद कब मिलेगी?
ट्रस्ट ने कहा है कि विश्व सिंधी सेवा संगम द्वारा सभी 200 दानदाताओं के नाम, पते, मोबाइल नंबर, पैन और ईमेल की जानकारी उपलब्ध कराने के बाद प्रत्येक दानदाता के नाम से अलग-अलग आधिकारिक रसीद जारी की जाएगी।
सिल्वर बार का भविष्य में क्या उपयोग होगा?
ट्रस्ट के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा के लॉकर में रखी सिल्वर बार का उपयोग भविष्य में ट्रस्ट की आवश्यकताओं और मंदिर से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। अभी तक इनके उपयोग की कोई विशिष्ट समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
ट्रस्ट ने पारदर्शिता के क्या साक्ष्य प्रस्तुत किए?
ट्रस्ट ने चांदी के वजन, उसे पिघलाने की प्रक्रिया और तैयार सिल्वर बार की तस्वीरें साझा की हैं। इसके अलावा ट्रस्ट ने बताया कि सभी 200 ईंटों का विवरण उनके मूल्यवान धातु रजिस्टर में दर्ज है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले