9 जुलाई 2026
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मुंबई-पुणे रेल मार्ग बहाली: घाट सेक्शन में 1,100 से अधिक कर्मचारी तैनात, गुरुवार रात तक दूसरी लाइन चालू होने की उम्मीद

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मुंबई-पुणे रेल मार्ग बहाली: घाट सेक्शन में 1,100 से अधिक कर्मचारी तैनात, गुरुवार रात तक दूसरी लाइन चालू होने की उम्मीद

सारांश

मुंबई-पुणे घाट सेक्शन में भारी बारिश से बाधित रेल मार्ग को बहाल करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने 1,100 से अधिक कर्मचारी और दर्जनभर से अधिक भारी मशीनें तैनात की हैं। गुरुवार को बारिश की तीव्रता कम होने से काम में तेजी आई और रात तक दूसरी लाइन चालू होने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

सेंट्रल रेलवे ने मुंबई-पुणे रेल मार्ग बहाली के लिए 1,100 से अधिक कर्मचारी तैनात किए हैं।
10 से अधिक जेसीबी, पोकलेन मशीनें , विशेष डीबीकेएम उपकरण और ब्लास्टिंग मशीनें अभियान में लगाई गई हैं।
सीपीआरओ स्वप्निल नीला के अनुसार गुरुवार रात तक दूसरी रेलवे लाइन चालू होने की उम्मीद है।
मुंबई की चारों उपनगरीय रेल लाइनें — मेन, हार्बर, ट्रांस-हार्बर और चौथा कॉरिडोर — पूरी तरह सुचारू हैं।
दूसरी लाइन बहाल होने के बाद तीसरी लाइन पर भी युद्धस्तर पर काम जारी रहेगा।

सेंट्रल रेलवे ने मुंबई-पुणे रेल मार्ग को बहाल करने के लिए 9 जुलाई को युद्धस्तर पर अभियान तेज कर दिया है। घाट सेक्शन में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के चलते रेल मार्ग बाधित हो गया था, जिसे जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए 1,100 से अधिक कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि गुरुवार को बारिश की तीव्रता में कमी आने से बहाली कार्य को गति मिली है और गुरुवार रात तक एक और रेलवे लाइन चालू किए जाने की उम्मीद है।

मुख्य घटनाक्रम

सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि पिछले दिनों की तुलना में 9 जुलाई को वर्षा कम रही, जिससे घाट सेक्शन में मरम्मत और बहाली का काम तेज हो सका। रेलवे टीमें ट्रैक से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में जुटी हैं। यह बाधा ऐसे समय में आई है जब मानसून के चलते पश्चिमी घाट क्षेत्र में भूस्खलन और मलबे की समस्या हर वर्ष रेल परिचालन को प्रभावित करती है।

संसाधन और मशीनरी

बहाली अभियान में 1,100 से अधिक कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। इनके साथ 10 से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें, विशेष डीबीकेएम उपकरण तथा ब्लास्टिंग मशीनें भी तैनात हैं। इन आधुनिक संसाधनों की मदद से ट्रैक पर जमा मलबा हटाने और रेल मार्ग को यात्रा के लिए सुरक्षित बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।

बहाली की प्राथमिकता

नीला ने स्पष्ट किया कि रेलवे की तत्काल प्राथमिकता दूसरी लाइन को गुरुवार रात तक चालू करना है। इसके बाद तीसरी लाइन को भी युद्धस्तर पर बहाल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बहाली पूरी होते ही मुंबई और पुणे के बीच रेल यातायात पूरी तरह सामान्य हो जाएगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।

मुंबई उपनगरीय सेवाओं पर कोई असर नहीं

सीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाएँ इस स्थिति से अप्रभावित हैं। मेन लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और चौथा कॉरिडोर — चारों प्रमुख रेल गलियारों पर ट्रेन सेवाएँ पूरी तरह सुचारू हैं। इन मार्गों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।

आगे क्या होगा

रेलवे प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय से काम किया जा रहा है। स्वप्निल नीला ने बताया कि बहाली कार्य पूरा होने तक आवश्यक संसाधन और मानवबल मौके पर तैनात रहेंगे। दूसरी और तीसरी लाइन बहाल होते ही मुंबई-पुणे रेल संपर्क पूर्ण क्षमता पर लौट आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान की रफ्तार सवाल उठाती है। 1,100 कर्मचारियों और आधुनिक मशीनरी की तैनाती प्रतिक्रिया क्षमता दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या घाट सेक्शन में दीर्घकालिक संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण पर निवेश हो रहा है। हर मानसून में बाधा और हर बार युद्धस्तरीय बहाली — यह चक्र तब तक नहीं टूटेगा जब तक भूस्खलन-रोधी और जल-निकासी अवसंरचना पर ठोस काम न हो।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई-पुणे रेल मार्ग क्यों बाधित हुआ?
घाट सेक्शन में भारी बारिश के कारण ट्रैक पर मलबा जमा हो गया और रेल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मुंबई और पुणे के बीच रेल सेवाएँ प्रभावित हुईं।
रेल मार्ग कब तक सामान्य होगा?
सीपीआरओ स्वप्निल नीला के अनुसार गुरुवार रात तक दूसरी रेलवे लाइन चालू होने की उम्मीद है। इसके बाद तीसरी लाइन को भी जल्द बहाल करने का लक्ष्य है।
बहाली अभियान में कितने कर्मचारी और मशीनें लगी हैं?
बहाली में 1,100 से अधिक कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। इनके साथ 10 से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें, विशेष डीबीकेएम उपकरण और ब्लास्टिंग मशीनें भी तैनात हैं।
क्या मुंबई की उपनगरीय ट्रेन सेवाएँ प्रभावित हैं?
नहीं, मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाएँ पूरी तरह सुचारू हैं। मेन लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और चौथा कॉरिडोर — सभी चार गलियारों पर ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं।
सेंट्रल रेलवे की बहाली में क्या प्राथमिकता है?
रेलवे की तत्काल प्राथमिकता दूसरी लाइन को गुरुवार रात तक चालू करना है, उसके बाद तीसरी लाइन पर भी युद्धस्तर पर काम किया जाएगा। रेलवे प्रशासन सभी विभागों के समन्वय से स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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