मुंबई-पुणे रेल मार्ग बहाली: घाट सेक्शन में 1,100 से अधिक कर्मचारी तैनात, गुरुवार रात तक दूसरी लाइन चालू होने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
सेंट्रल रेलवे ने मुंबई-पुणे रेल मार्ग को बहाल करने के लिए 9 जुलाई को युद्धस्तर पर अभियान तेज कर दिया है। घाट सेक्शन में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के चलते रेल मार्ग बाधित हो गया था, जिसे जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए 1,100 से अधिक कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि गुरुवार को बारिश की तीव्रता में कमी आने से बहाली कार्य को गति मिली है और गुरुवार रात तक एक और रेलवे लाइन चालू किए जाने की उम्मीद है।
मुख्य घटनाक्रम
सीपीआरओ स्वप्निल नीला ने बताया कि पिछले दिनों की तुलना में 9 जुलाई को वर्षा कम रही, जिससे घाट सेक्शन में मरम्मत और बहाली का काम तेज हो सका। रेलवे टीमें ट्रैक से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में जुटी हैं। यह बाधा ऐसे समय में आई है जब मानसून के चलते पश्चिमी घाट क्षेत्र में भूस्खलन और मलबे की समस्या हर वर्ष रेल परिचालन को प्रभावित करती है।
संसाधन और मशीनरी
बहाली अभियान में 1,100 से अधिक कर्मचारी चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। इनके साथ 10 से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें, विशेष डीबीकेएम उपकरण तथा ब्लास्टिंग मशीनें भी तैनात हैं। इन आधुनिक संसाधनों की मदद से ट्रैक पर जमा मलबा हटाने और रेल मार्ग को यात्रा के लिए सुरक्षित बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
बहाली की प्राथमिकता
नीला ने स्पष्ट किया कि रेलवे की तत्काल प्राथमिकता दूसरी लाइन को गुरुवार रात तक चालू करना है। इसके बाद तीसरी लाइन को भी युद्धस्तर पर बहाल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बहाली पूरी होते ही मुंबई और पुणे के बीच रेल यातायात पूरी तरह सामान्य हो जाएगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।
मुंबई उपनगरीय सेवाओं पर कोई असर नहीं
सीपीआरओ ने स्पष्ट किया कि मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाएँ इस स्थिति से अप्रभावित हैं। मेन लाइन, हार्बर लाइन, ट्रांस-हार्बर लाइन और चौथा कॉरिडोर — चारों प्रमुख रेल गलियारों पर ट्रेन सेवाएँ पूरी तरह सुचारू हैं। इन मार्गों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।
आगे क्या होगा
रेलवे प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय से काम किया जा रहा है। स्वप्निल नीला ने बताया कि बहाली कार्य पूरा होने तक आवश्यक संसाधन और मानवबल मौके पर तैनात रहेंगे। दूसरी और तीसरी लाइन बहाल होते ही मुंबई-पुणे रेल संपर्क पूर्ण क्षमता पर लौट आएगा।