मुंबई में भारी बारिश के बावजूद ट्रेन-बस सेवाएँ सामान्य, BMC की नाला सफाई का दिखा असर
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 24 जून को हुई भारी बारिश के बावजूद लोकल ट्रेन और बस सेवाएँ सामान्य रूप से चलती रहीं — और इसका श्रेय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा मानसून से पहले की गई नाला सफाई को दिया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक मनीषा चौधरी और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने बारिश, जलभराव और राज्य की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
मनीषा चौधरी का बयान: बारिश का स्वागत, प्लास्टिक पर चिंता
भाजपा विधायक मनीषा चौधरी ने इस बारिश का खुले दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'मैं इस बारिश का स्वागत करती हूँ क्योंकि इसकी जरूरत थी। लोग भीषण गर्मी और पीने के पानी की कमी से परेशान थे।' चौधरी ने आगे कहा कि बारिश से पहले BMC ने नालों की ठीक से सफाई की थी, जिसके परिणामस्वरूप न ट्रेनें रुकीं, न बसें और न ही कोई बड़ा ट्रैफिक जाम लगा।
हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर पानी भरा। चौधरी ने प्लास्टिक को एक बड़ी समस्या बताते हुए कहा, 'प्लास्टिक पूरी तरह से बंद होना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से नाले कितने भी अच्छे से साफ किए जाएँ, वहाँ पानी भर जाता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुंबई में हर मानसून में जलभराव एक स्थायी समस्या बनी रहती है।
संजय राउत के बयानों पर उदय सामंत की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत के हालिया बयानों पर महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'यह पिछले चार सालों से चल रहा है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। सुबह-सुबह ट्वीट करना, बयान देना और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करने वाले हम लोगों को अपशब्द कहना — यह सब हम पिछले चार सालों से देख रहे हैं।' सामंत ने स्पष्ट किया कि वे इन बयानों को गंभीरता से नहीं लेते।
TMC के अंदरूनी विवाद पर सामंत की राय
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायकों द्वारा पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को चेयरपर्सन के पद से हटाने की चर्चाओं पर मंत्री सामंत ने इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताया। उन्होंने कहा, 'किसे बदलना है, किसे अध्यक्ष बनाना है और किसके बारे में क्या फैसले लेने हैं — यह उनका आंतरिक विषय है।'
शिवसेना के दोनों धड़ों के विलय की संभावना
शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के संभावित विलय पर शिवसेना के विधान परिषद सदस्य (MLC) बच्चू कडू ने उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि महाराष्ट्र में शिवसेना का गठन मराठा पहचान और महाराष्ट्र के धर्म को मज़बूत करने के लिए किया गया था। अगर ये दोनों पार्टियाँ एक साथ आ जाएँ और दोनों नेता एकजुट हो जाएँ, तो उनकी आवाज़ और मज़बूत होगी।' कडू ने कहा कि भविष्य में महाराष्ट्र के हित को और बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा। गौरतलब है कि शिवसेना का विभाजन 2022 में हुआ था और तब से दोनों धड़ों के बीच राजनीतिक तनाव जारी है।
आगे क्या
मुंबई में मानसून की यह शुरुआत BMC की तैयारियों की पहली परीक्षा मानी जा रही है। प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण और नाला प्रबंधन की दीर्घकालिक चुनौती अभी भी बनी हुई है। राजनीतिक मोर्चे पर शिवसेना के दोनों गुटों के बीच एकता की संभावना और TMC के अंदरूनी घटनाक्रम पर नज़र बनी रहेगी।