महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: अमित शाह ने CM फडणवीस को दिलाया केंद्र की पूरी मदद का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 8 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर महाराष्ट्र में बाढ़ और भारी बारिश से उत्पन्न संकट की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। लगातार चार से पाँच दिनों की मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
केंद्र का भरोसा
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह संपर्क ऐसे समय में हुआ जब राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात बिगड़ते जा रहे हैं और स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।
बाँधों और नदियों की स्थिति
लगातार भारी बारिश के कारण जिले के बाँधों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। धामनी बाँध अपनी कुल क्षमता का 53 प्रतिशत भर चुका है, जबकि कवडास बाँध ओवरफ्लो हो रहा है और लगभग 50,000 क्यूसेक पानी सूर्य नदी में छोड़ा गया है। कोल्हापुर जिले में पाँच दिनों में 366 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो अपेक्षित 517 मिमी से कम है, लेकिन जिले में 54 बैराज अभी भी जलमग्न हैं और नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
पालघर और नवी मुंबई में हालात
पालघर के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में भारी बारिश ने जनजीवन ठप कर दिया। सफाले-सखारे मुख्य सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया। एक मरीज़ को ले जा रही निजी गाड़ी बाढ़ के पानी में फँस गई, जिसे सखारे और नवझे गाँवों के स्थानीय युवाओं ने रस्सियों की मदद से बाहर निकाला और मरीज़ समेत सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया। नवी मुंबई में एपीएमसी सब्जी मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर भारी जलजमाव के कारण व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों की आवाजाही बाधित हो रही है।
अलर्ट और सावधानी
विधान परिषद के उप-सभापति सचिन अहीर ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और आज भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की तीव्रता राज्य के कई हिस्सों में एक साथ चरम पर है।
आगे की स्थिति
राज्य सरकार और केंद्र के बीच समन्वय जारी है। राहत और बचाव अभियान कई जिलों में सक्रिय हैं। बाँधों के जलस्तर पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता के आधार पर और कदम उठाए जाने की संभावना है।