29 जून 2026
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असम बाढ़: अमित शाह ने हिमंता बिस्वा सरमा से की बात, 6 जिलों में 22,124 लोग प्रभावित

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असम बाढ़: अमित शाह ने हिमंता बिस्वा सरमा से की बात, 6 जिलों में 22,124 लोग प्रभावित

सारांश

असम के 6 जिलों में 22,124 लोग बाढ़ की चपेट में हैं और धेमाजी में रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से सीधे बात कर केंद्र की पूरी मदद का आश्वासन दिया — लेकिन असली परीक्षा राहत की रफ्तार की होगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जून 2026 को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
ASDMA के अनुसार असम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से 6 जिलों में 22,124 लोग प्रभावित।
सर्वाधिक प्रभावित धेमाजी जिले में अकेले 15,483 लोग बाढ़ की चपेट में।
बाढ़ का पानी 96 गाँवों में घुसा; 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि और 48,199 पशु प्रभावित।
सिमेन नदी पर रेलवे पुल आंशिक रूप से ढहने से नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने आर्चीपाथर–सिमेन चपारी के बीच ट्रेन सेवा निलंबित की।
शिवसागर में दिसांग नदी खतरे के निशान से ऊपर; और जिलों में जलभराव की आशंका।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जून 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बात कर राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश के चलते 6 जिलों में 22,124 लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने दी जानकारी

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि गृह मंत्री शाह ने खुद फोन करके धेमाजी जिले में बाढ़ के हालात के बारे में पूछा। सरमा ने लिखा, 'मैंने उन्हें अभी चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया है।' यह संपर्क ऐसे समय में हुआ है जब धेमाजी में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है।

सबसे अधिक प्रभावित जिले

ASDMA के बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार — ये छह जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं। अकेले धेमाजी में 15,483 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जहाँ लगातार बारिश से इलाके के बड़े हिस्से में पानी भर गया है। बाढ़ का पानी 96 गाँवों में घुस चुका है और लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा है, जिससे हजारों किसानों की आजीविका संकट में पड़ गई है।

पशुधन और बुनियादी ढाँचे को नुकसान

प्राधिकरण के अनुसार इस बाढ़ में 48,199 पशु भी प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा शिवसागर जिले में दिसांग नदी नांगलामुराघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में और अधिक जलभराव की आशंका बनी हुई है।

रेलवे पुल आंशिक रूप से ढहा, ट्रेन सेवा ठप

भारी बारिश और कटाव के चलते धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। अधिकारियों के अनुसार 110 मिमी से अधिक बारिश के कारण नदी के किनारे का वह हिस्सा बह गया जो पुल के एक खंभे (पियर) को सहारा दे रहा था। इससे पूरे क्षेत्र में रेल संपर्क बाधित हो गया है।

राहत कार्य और आगे की स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्य जारी हैं, जबकि लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है और इस बार अरुणाचल प्रदेश से आने वाले अतिरिक्त जल प्रवाह ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। केंद्र की ओर से मदद का भरोसा मिलने के बाद अब राज्य सरकार की नजर राहत सामग्री और वित्तीय सहायता की त्वरित तैनाती पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहत कार्यों की घोषणा और फिर अगले साल उतनी ही तबाही। गृह मंत्री का फोन संवेदनशीलता का संकेत है, लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्रीय मदद कितनी जल्दी और किस रूप में ज़मीन पर पहुँचती है। धेमाजी में रेलवे पुल का ढहना बुनियादी ढाँचे की उस कमज़ोरी को उजागर करता है जो दशकों से बनी हुई है। 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि की बर्बादी और 48,199 पशुओं का प्रभावित होना दर्शाता है कि आपदा सिर्फ जन-हानि नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ पर भी चोट है — जिसकी भरपाई महीनों बाद भी मुश्किल होती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 29 जून 2026 तक असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण 6 जिलों में कुल 22,124 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें सबसे अधिक 15,483 लोग धेमाजी जिले में प्रभावित हैं।
अमित शाह ने हिमंता बिस्वा सरमा से क्यों बात की?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति, विशेष रूप से धेमाजी जिले के हालात जानने के लिए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को फोन किया। शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया।
धेमाजी में रेलवे पुल क्यों ढहा?
धेमाजी जिले में सिमेन नदी पर बना रेलवे पुल 110 मिमी से अधिक बारिश और नदी के कटाव के कारण आंशिक रूप से ढह गया। नदी के किनारे का वह हिस्सा बह जाने से पुल के एक खंभे (पियर) का आधार कमज़ोर पड़ गया, जिसके बाद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने आर्चीपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवा निलंबित कर दी।
असम बाढ़ से कृषि और पशुधन पर क्या असर पड़ा है?
ASDMA के अनुसार बाढ़ से लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुँचा है, जिससे हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा 48,199 पशु भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जो ग्रामीण आजीविका पर गहरा असर डालता है।
असम में कौन-से जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
ASDMA के बाढ़ बुलेटिन के अनुसार धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार — ये छह जिले बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं। धेमाजी में स्थिति सबसे गंभीर है जहाँ 96 गाँवों में पानी घुस चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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