असम बाढ़ 2026: 77,000 से अधिक लोग अभी भी राहत शिविरों में, CM हिमंता ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
असम में बाढ़ की विकराल स्थिति के बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 अगस्त 2026 को बताया कि राज्य के विभिन्न राहत शिविरों में अभी भी 77,000 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और बहाली कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने कहा, 'प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और बहाली के काम तेज़ किए जा रहे हैं।' सरमा ने आश्वस्त किया कि प्रशासन हर ज़रूरी मोर्चे पर सक्रिय है।
राहत शिविरों की स्थिति
राज्य भर में चल रहे सरकारी राहत शिविरों में 77,000 से अधिक विस्थापित नागरिक आश्रय, भोजन और बुनियादी सुविधाओं के लिए निर्भर हैं। यह आँकड़ा असम के सामने मौजूद मानवीय संकट की गहराई को दर्शाता है। ज़िला प्रशासन और राज्य आपदा प्रबंधन दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
बुनियादी ढाँचे पर असर
इस मानसून सीज़न में बाढ़ के कारण असम के कई ज़िलों में सड़कें, संचार नेटवर्क और सार्वजनिक सुविधाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हज़ारों परिवारों के घर और आजीविका के साधन बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अधिकारी बड़ी नदियों के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों में तटबंधों की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं।
आगे की राह
राज्य सरकार का ध्यान अब तत्काल राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक पुनर्वास पर भी केंद्रित है। अधिकारियों से अपेक्षा है कि जब तक नदियों का जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता और प्रभावित परिवार सुरक्षित रूप से अपने घरों को नहीं लौट जाते, तब तक राहत तंत्र पूरी क्षमता से काम करता रहेगा। सरमा ने संकेत दिया कि जहाँ भी ज़रूरत होगी, बहाली कार्यों में और तेज़ी लाई जाएगी।