असम में छोटे उद्योगों को 3 साल की मंजूरी-मुक्ति, हिमंता सरमा का ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर बड़ा दांव
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 जुलाई 2026 को गुवाहाटी में घोषणा की कि राज्य के छोटे और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को अब कारोबार शुरू करने के लिए पहले तीन वर्षों तक किसी भी सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। यह फैसला असम में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नई गति देने और उद्यमियों के सामने आने वाली नौकरशाही बाधाओं को कम करने की दिशा में राज्य सरकार का अब तक का सबसे सीधा कदम माना जा रहा है।
फैसले की मुख्य बातें
इस नई व्यवस्था के तहत स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) तथा पहली बार उद्यम शुरू करने वाले कारोबारी — विशेष रूप से वे जिनका पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है — बिना पूर्व सरकारी अनुमति के अपनी गतिविधियाँ शुरू कर सकेंगे। मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि नए उद्यमी अपनी ऊर्जा मंजूरियों की दौड़ में लगाने की बजाय कारोबार को मजबूत करने और रोजगार पैदा करने में लगाएँ।
सरमा ने कहा, 'हम असम में कारोबार करना और आसान बना रहे हैं। छोटे और गैर-प्रदूषणकारी उद्योग अब पहले तीन वर्षों तक बिना सरकारी मंजूरी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। मैं चाहता हूँ कि हमारे उद्यमी मंजूरियों के पीछे भागने के बजाय लोगों के लिए मूल्य और अवसर पैदा करने पर ध्यान दें।'
व्यापक रणनीति का हिस्सा
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, यह निर्णय असम में व्यापार-अनुकूल माहौल तैयार करने, अधिक निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य ने व्यापार-संबंधी नियमों को सरल बनाने, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और उद्योगों पर अनुपालन-भार घटाने के लिए कई सुधार लागू किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 'एडवांटेज असम' शिखर सम्मेलन और विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैयार औद्योगिक नीतियों के जरिए असम को पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
सरकारी अनुमान के अनुसार, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा क्षेत्र और अन्य कम जोखिम वाले आर्थिक क्षेत्रों में इस छूट का सबसे अधिक लाभ मिलेगा। पात्र उद्योगों की स्थापना में समय और लागत दोनों घटने की उम्मीद है, जिससे निजी निवेश और भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय उद्यमिता मजबूत होगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और असम का औद्योगिक आधार और विस्तृत होगा।
आगे क्या होगा
सरकार जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी, जिनमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन श्रेणियों के उद्योगों को इस छूट का लाभ मिलेगा और तीन वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें किन नियामक प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इन दिशानिर्देशों की प्रतीक्षा उद्यमी और उद्योग संगठन दोनों कर रहे हैं, क्योंकि छूट की वास्तविक सीमा और पात्रता मानदंड इन्हीं से स्पष्ट होंगे।