8 जुलाई 2026
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एफएसएसएआई ने लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और एफएनपी को भेजा नोटिस, भ्रामक लेबलिंग पर 7 दिन में माँगा जवाब

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एफएसएसएआई ने लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और एफएनपी को भेजा नोटिस, भ्रामक लेबलिंग पर 7 दिन में माँगा जवाब

सारांश

FSSAI ने एक साथ तीन कंपनियों — लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और FNP — को भ्रामक लेबलिंग पर घेरा है। '100% नेचुरल' लिखकर प्रिजर्वेटिव डालना हो या 'प्रीमियम चॉकलेट' में हाइड्रोजेनेटेड फैट छुपाना — ये मामले बताते हैं कि पैकेज्ड फूड की लेबलिंग पर उपभोक्ता का भरोसा कितना दाँव पर है।

मुख्य बातें

FSSAI ने 8 जुलाई 2026 को लोटे इंडिया , कुबेरा फूड्स और FNP को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
लोटे इंडिया पर पुराने लेबल के अनधिकृत उपयोग, चोको पाई पर भ्रामक ' 100% शाकाहारी ' दावे और फ्रूट्ज एक्लेयर्स में फल न होने के बावजूद भ्रामक नामकरण के आरोप हैं।
कुबेरा फूड्स के ' सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल ' पर ' 100% नेचुरल ' व 'नो प्रिजर्वेटिव्स' का दावा, जबकि लेबल पर INS 282 और INS 110 दर्ज हैं।
FNP के ' रोस्टेड आलमंड चॉकलेट ' को 'प्रीमियम चॉकलेट' बताया गया, जबकि उसमें हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल फैट है और RDA जानकारी व बादाम की प्रतिशत मात्रा अनुपस्थित है।
तीनों कंपनियों को 7 दिन में जवाब देना होगा; संतोषजनक उत्तर न मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई संभव।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 8 जुलाई 2026 को लोटे इंडिया कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, कुबेरा फूड्स और फर्न्स एन पेटल्स प्राइवेट लिमिटेड (FNP) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। तीनों कंपनियों पर अपने-अपने खाद्य उत्पादों पर कथित भ्रामक दावे करने और लेबलिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। नियामक ने सभी कंपनियों को सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

लोटे इंडिया पर क्या आरोप हैं

FSSAI के अनुसार, लोटे इंडिया कॉर्पोरेशन ने बिना पूर्व अनुमति के कंपनी के पुराने नाम वाले पहले से छपे लेबल का उपयोग किया। इसके अतिरिक्त, कंपनी के चोको पाई उत्पादों पर किया गया '100 प्रतिशत शाकाहारी' का दावा भ्रामक पाया गया।

नियामक ने यह भी पाया कि पेपेरो क्रंची बिस्किट स्टिक्स और पेपेरो ओरिजिनल बिस्किट स्टिक्स के कार्टन पर पोषण संबंधी जानकारी निर्धारित प्रारूप में नहीं दी गई थी। लॉली ब्लिस लॉलीपॉप में विटामिन की मात्रा FSS (विज्ञापन और दावे) विनियमों के मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

गौरतलब है कि फ्रूट्ज एक्लेयर्स उत्पाद के नाम से उपभोक्ताओं में यह भ्रम पैदा हो सकता है कि उसमें फल मौजूद हैं, जबकि उत्पाद में वास्तव में फल नहीं होते। साथ ही, नियमों के तहत पैक के सामने अनिवार्य डिस्क्लेमर भी नहीं दिया गया था।

कुबेरा फूड्स पर आरोप

कुबेरा फूड्स को उसके 'सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल' उत्पाद पर कथित भ्रामक दावों के लिए नोटिस जारी किया गया है। FSSAI के अनुसार, इस उत्पाद के पैक पर '100 प्रतिशत नेचुरल' और 'नो प्रिजर्वेटिव्स, कलर्स एंड फ्लेवर्स' जैसे दावे किए गए थे।

हालाँकि, उसी लेबल पर प्रिजर्वेटिव (INS 282), सिंथेटिक फूड कलर (INS 110) और अतिरिक्त फ्लेवरिंग पदार्थों का उल्लेख भी मौजूद है — जो दावों के सीधे विरोधाभास में है। नियामक ने स्पष्ट किया कि 'शुद्ध', 'ताजा' और 'प्राकृतिक' जैसे शब्दों का इस संदर्भ में उपयोग FSS (विज्ञापन और दावे) विनियमों का उल्लंघन है।

फर्न्स एन पेटल्स (FNP) पर आरोप

फर्न्स एन पेटल्स (FNP) को उसके 'रोस्टेड आलमंड चॉकलेट' उत्पाद पर कथित भ्रामक दावों और लेबलिंग में खामियों को लेकर नोटिस भेजा गया है। FSSAI के अनुसार, इस उत्पाद को 'प्रीमियम चॉकलेट' के रूप में प्रचारित किया गया, जबकि इसमें हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल फैट मौजूद है और ऐसे उत्पादों के लिए अनिवार्य घोषणा लेबल पर नहीं की गई।

इसके अलावा, उत्पाद के पोषण संबंधी विवरण में अनुशंसित आहार भत्ता (RDA) की जानकारी अनुपस्थित पाई गई। पैकेजिंग पर बादाम को प्रमुखता से दर्शाने के बावजूद सामग्री सूची में बादाम की वास्तविक प्रतिशत मात्रा का उल्लेख नहीं किया गया था।

आगे क्या होगा

FSSAI ने तीनों कंपनियों को सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया है। नियामक ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब FSSAI देशभर में खाद्य लेबलिंग अनुपालन पर अपनी निगरानी को सख्त कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि नियामक पैकेज्ड फूड लेबलिंग पर सख्ती बढ़ा रहा है। लेकिन असली सवाल यह है कि नोटिस के बाद कितनी बार वास्तविक दंडात्मक कार्रवाई होती है — क्योंकि अतीत में कई मामलों में 'संतोषजनक जवाब' के नाम पर मामले रफा-दफा हो गए। '100% नेचुरल' और 'नो प्रिजर्वेटिव्स' जैसे दावे उसी पैक पर जहाँ सिंथेटिक रंग और परिरक्षक दर्ज हों — यह उपभोक्ता विश्वास के साथ सीधा खिलवाड़ है। जब तक जुर्माने और लाइसेंस निलंबन जैसे कड़े परिणाम नियमित नहीं होते, नोटिस की संख्या बढ़ने से अनुपालन संस्कृति नहीं बदलेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FSSAI ने लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और FNP को नोटिस क्यों जारी किया?
FSSAI ने तीनों कंपनियों को उनके खाद्य उत्पादों पर कथित भ्रामक दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के कारण 8 जुलाई 2026 को नोटिस जारी किए। इनमें '100% नेचुरल' जैसे असत्यापित दावे, अनिवार्य पोषण जानकारी की अनुपस्थिति और भ्रामक उत्पाद नामकरण शामिल हैं।
लोटे इंडिया के चोको पाई पर '100% शाकाहारी' दावा भ्रामक कैसे है?
FSSAI के अनुसार, लोटे इंडिया के चोको पाई उत्पादों पर किया गया '100 प्रतिशत शाकाहारी' दावा FSS (विज्ञापन और दावे) विनियमों के मानकों पर खरा नहीं उतरता। नियामक ने इसे भ्रामक पाया है और कंपनी से स्पष्टीकरण माँगा है।
कुबेरा फूड्स के उत्पाद पर क्या विरोधाभास पाया गया?
कुबेरा फूड्स के 'सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल' पर '100% नेचुरल' और 'नो प्रिजर्वेटिव्स, कलर्स एंड फ्लेवर्स' का दावा किया गया था, लेकिन उसी लेबल पर प्रिजर्वेटिव INS 282, सिंथेटिक फूड कलर INS 110 और अतिरिक्त फ्लेवरिंग पदार्थ दर्ज थे। यह सीधा विरोधाभास FSS विनियमों का उल्लंघन है।
FNP के 'रोस्टेड आलमंड चॉकलेट' पर क्या आपत्तियाँ हैं?
FSSAI ने पाया कि FNP के इस उत्पाद को 'प्रीमियम चॉकलेट' बताया गया जबकि इसमें हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल फैट है और अनिवार्य घोषणा लेबल पर नहीं की गई। इसके अलावा, पोषण विवरण में RDA जानकारी और बादाम की वास्तविक प्रतिशत मात्रा भी अनुपस्थित थी।
जवाब न देने पर तीनों कंपनियों पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, उत्पाद वापसी या लाइसेंस संबंधी कदम शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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