FSSAI ने SAJ Food Products को नोटिस जारी किया, 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' पर भ्रामक दावों का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 27 जून 2025 को एसएजे फूड प्रोडक्ट्स के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई कंपनी के उत्पाद 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' पर किए गए कथित भ्रामक दावों को लेकर एक उपभोक्ता शिकायत की जाँच के बाद की गई है। FSSAI ने कंपनी को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
शिकायत का मूल आधार
एक उपभोक्ता ने FSSAI के समक्ष आरोप लगाया कि उत्पाद के फ्रंट लेबल पर '100 प्रतिशत आटा' लिखा गया है, जबकि उसी पैकेजिंग पर दी गई सामग्री सूची में केवल 72.33 प्रतिशत आटा दर्शाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उत्पाद की वास्तविक संरचना और पैकेट के सामने किए गए दावे के बीच यह अंतर उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए पर्याप्त है।
FSSAI को मिली अनियमितताएँ
प्राधिकरण ने जाँच में कई स्तरों पर अनियमितताएँ दर्ज की हैं। पहली, '100 प्रतिशत आटा' का दावा भ्रामक पाया गया क्योंकि उत्पाद में आटे के अतिरिक्त अन्य सामग्री और एडिटिव्स भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि FSSAI पहले ही इस प्रकार के '100 प्रतिशत' दावों को बंद करने की एडवाइजरी जारी कर चुका है, जिसका इस मामले में पालन नहीं किया गया।
दूसरी अनियमितता 'नो एडेड शुगर' के दावे को लेकर है। FSSAI के अनुसार, इस बिस्किट में माल्टोडेक्सट्रिन और ग्लूकोज सिरप सॉलिड्स जैसी सामग्री मौजूद है, जो इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।
उत्पाद के नाम पर भी सवाल
FSSAI ने 'ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट' नाम को लेकर भी आपत्ति जताई है। प्राधिकरण का कहना है कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन, 2018 के तहत किसी भी स्वास्थ्य-संबंधी या फिटनेस का संकेत देने वाले नाम के लिए वैज्ञानिक आधार और प्रमाणन आवश्यक होता है। इस मामले में ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
FSSAI ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर इस नोटिस की जानकारी साझा करते हुए बताया कि कंपनी को यह स्पष्ट करना होगा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत उसके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब FSSAI खाद्य उत्पादों पर भ्रामक लेबलिंग के खिलाफ देशभर में निगरानी बढ़ा रहा है।
आगे क्या होगा
कंपनी के जवाब के आधार पर FSSAI आगे की कार्रवाई तय करेगा। यदि कंपनी संतोषजनक उत्तर देने में विफल रहती है, तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।