11 अगस्त 2026
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कोलकाता के श्यामबाजार में ममता बनर्जी का विरोध, भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए 'चोर' के नारे

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कोलकाता के श्यामबाजार में ममता बनर्जी का विरोध, भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए 'चोर' के नारे

सारांश

दो दिनों में दूसरी बार ममता बनर्जी को भाजपा के विरोध का सामना करना पड़ा — इस बार कोलकाता के श्यामबाजार में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद। कांचरापाड़ा की घटना के बाद यह विरोध पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक टकराव की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी को 11 अगस्त को श्यामबाजार, कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने 'चोर' और 'गो बैक' के नारे लगाए; पुलिस ने स्थिति को जल्द नियंत्रण में लिया।
यह रविवार को कांचरापाड़ा, उत्तर 24 परगना में हुई घटना के दो दिन बाद का दूसरा विरोध है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने कार घेरी और कीचड़-चप्पल फेंकी थी।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि दौरे की जानकारी पहले दी जाए तो उचित सुरक्षा दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार, 11 अगस्त को उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार पांच रास्ता चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर वापस जाने लगीं।

मुख्य घटनाक्रम

ममता बनर्जी श्यामबाजार में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए पहुंची थीं। माल्यार्पण के दौरान स्थिति पूरी तरह शांत रही। हालाँकि, जैसे ही वे वहाँ से रवाना होने लगीं, कुछ भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हुए और उनके खिलाफ 'चोर' तथा 'गो बैक' के नारे लगाए। इससे कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बना, लेकिन बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल ने स्थिति को जल्द नियंत्रण में कर लिया।

दो दिन में दूसरा विरोध

यह विरोध प्रदर्शन रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में हुई घटना के ठीक दो दिन बाद हुआ। कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मृत एक तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थीं। उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर लिया था, उनकी ओर कीचड़ और एक चप्पल फेंकी थी तथा नारेबाजी की थी। गौरतलब है कि श्यामबाजार में विरोध की तीव्रता तुलनात्मक रूप से कम रही — यहाँ केवल नारेबाजी तक ही सीमित रहा।

भाजपा समर्थक का पक्ष

एक भाजपा समर्थक ने कहा, 'जब पूर्व मुख्यमंत्री नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रही थीं, तब हमने कोई नारा नहीं लगाया और न ही कोई प्रदर्शन किया, लेकिन उसके बाद हमने उन्हें सिर्फ चोर कहा। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।'

ममता बनर्जी का आरोप

माल्यार्पण कार्यक्रम के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत कई महान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी को सीधे निशाने पर लिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर अधिकारी का बयान

इससे एक दिन पहले सोमवार को विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी अपने दौरों की जानकारी पहले से पुलिस को देंगी, तो उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब लगातार दो दिनों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, जो पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव का संकेत देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित दबाव रणनीति की तरह दिखती है। सवाल यह है कि पुलिस हिरासत में कथित मौत का मुद्दा जहाँ तृणमूल कांग्रेस के लिए असुविधाजनक है, वहीं भाजपा का यह आक्रामक तरीका खुद उसकी 'जवाबदेही' की माँग को कमज़ोर कर सकता है। श्यामबाजार में माल्यार्पण के दौरान शांति और रवानगी के बाद नारेबाजी का यह क्रम बताता है कि प्रतीकात्मक स्थलों को भी राजनीतिक अखाड़े में बदला जा रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि इस पूरे विवाद की जड़ में पुलिस हिरासत में मौत का अनसुलझा सवाल है — जिस पर दोनों पक्षों की जवाबदेही अभी तय होनी बाकी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्यामबाजार में ममता बनर्जी का विरोध क्यों हुआ?
ममता बनर्जी 11 अगस्त को श्यामबाजार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने गई थीं। जब वे वहाँ से रवाना होने लगीं, तब भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर 'चोर' और 'गो बैक' के नारे लगाए।
कांचरापाड़ा में क्या हुआ था जो इस विरोध की पृष्ठभूमि बना?
रविवार को उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी पुलिस हिरासत में कथित तौर पर मृत एक TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थीं। वहाँ प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार घेर ली, कीचड़ और चप्पल फेंकी और नारेबाजी की थी।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की सुरक्षा पर क्या कहा?
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई लापरवाही नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ममता बनर्जी अपने दौरों की जानकारी पहले से पुलिस को दें, तो उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
श्यामबाजार और कांचरापाड़ा के विरोध में क्या फर्क था?
कांचरापाड़ा में विरोध अधिक हिंसक था — प्रदर्शनकारियों ने कार घेरी और कीचड़-चप्पल फेंकी। श्यामबाजार में विरोध केवल नारेबाजी तक सीमित रहा और पुलिस ने स्थिति जल्द नियंत्रित कर ली।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
माल्यार्पण के बाद ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत कई महान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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