ममता बनर्जी का बारुईपुर कांड के विरोध में कैंडल मार्च, कालीघाट के बाहर बैरिकेड तोड़े
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार, 6 जुलाई को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में मोमबत्ती मार्च का नेतृत्व किया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को काबू में रखने के लिए इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई थी।
मार्च का घटनाक्रम
ममता बनर्जी ने कालीघाट आवास से मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ लेकर मार्च की शुरुआत की। जैसे ही जुलूस गली से बाहर निकला, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ना जारी रखा। मार्च का मुख्य नारा था — 'बारुईपुर को न्याय दो'। यह जुलूस हाजरा मोड़ तक पहुँचा, जहाँ कुछ देर विरोध प्रदर्शन हुआ, इसके बाद ममता बनर्जी अपने आवास लौट आईं।
TMC नेत्रियों की भागीदारी
ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता भी मौजूद रहीं। डोला सेन, प्रतिमा मंडल और अपारूपा पोद्दार ने हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ थामकर बारुईपुर की घटना के खिलाफ आवाज़ उठाई। उल्लेखनीय है कि मार्च समाप्त होने के बाद ममता बनर्जी ने न तो पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और न ही मीडिया से कोई बात की।
बारुईपुर घटना की पृष्ठभूमि
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार से ही तनाव की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़िता के परिजनों से बातचीत की। ममता बनर्जी ने भी रविवार रात पीड़िता के परिवार से फोन पर संपर्क किया था। गौरतलब है कि उनके आवास के बाहर रविवार से ही पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है, जिस पर TMC प्रमुख ने नाराज़गी जताई। सोमवार दोपहर TMC का एक प्रतिनिधिमंडल बारुईपुर गया था और कोलकाता लौटकर उसने घटना का पूरा ब्यौरा ममता बनर्जी को दिया, जिसके बाद यह मार्च आयोजित किया गया।
आगे क्या होगा
पुलिस की जाँच जारी है और हिरासत में लिए गए तीन अन्य संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद विपक्ष और नागरिक समाज की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि मामले में न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ती है।