बारुईपुर कांड के विरोध में ममता बनर्जी का कैंडल मार्च, कालीघाट से हाजरा मोड़ तक जुटी भीड़
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में मोमबत्ती मार्च का नेतृत्व किया। यह मार्च हाजरा मोड़ तक पहुँचा, जहाँ कुछ देर विरोध प्रदर्शन के बाद समाप्त हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
TMC प्रतिनिधिमंडल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर से कोलकाता लौटने और ममता बनर्जी को घटना की जानकारी देने के बाद यह मार्च आयोजित किया गया। मार्च का मुख्य नारा था — 'बारुईपुर को न्याय दो'। TMC की वरिष्ठ महिला नेता डोला सेन, प्रतिमा मंडल और अपारूपा पोद्दार हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ लेकर मार्च में शामिल रहीं।
बैरिकेड टूटे, तनाव का माहौल
पुलिस और केंद्रीय बलों ने ममता बनर्जी के आवास के सामने ही मार्च को रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर मार्च आगे बढ़ाया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी। हालाँकि, मौके पर तैनात पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोक लिया। मार्च समाप्त होने के बाद ममता बनर्जी अपने कालीघाट आवास लौट गईं; उन्होंने न तो पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और न ही मीडिया से कोई बात की।
बारुईपुर घटना की पृष्ठभूमि
दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना की जानकारी मिलने के बाद रविवार को तनाव उत्पन्न हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने रविवार रात पीड़िता के परिवार से फोन पर बातचीत की थी। वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।
सुरक्षा बलों की तैनाती
ममता बनर्जी के कालीघाट आवास के बाहर रविवार से ही पुलिस और केंद्रीय बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। TMC प्रमुख ने इस तैनाती पर नाराजगी जताई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।
आगे क्या
पुलिस जाँच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हो रही है। मामले में अदालती कार्यवाही की दिशा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। TMC और विपक्षी दलों के बीच इस घटना को लेकर राजनीतिक तनाव के और गहराने की आशंका है।