6 जुलाई 2026
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ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर भारी पुलिस घेरा, TMC बोली — बारुईपुर पीड़िता के परिजनों से मिलने से रोका

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ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर भारी पुलिस घेरा, TMC बोली — बारुईपुर पीड़िता के परिजनों से मिलने से रोका

सारांश

बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म-हत्या के बाद भड़के जनाक्रोश के बीच ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर भारी पुलिस घेरे ने नई सियासत को जन्म दिया। TMC का आरोप है कि घेरेबंदी पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने की कोशिश थी, BJP ने इसे सुरक्षा बताया।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी के कालीघाट, कोलकाता आवास के बाहर 6 जुलाई को भारी पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहे।
TMC का आरोप — यह घेरेबंदी ममता को बारुईपुर की 11 वर्षीय दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के परिजनों से मिलने से रोकने के लिए की गई।
BJP नेता दिलीप घोष ने कहा — पुलिस तैनाती सुरक्षा के लिए है, 'ताकि कोई उन पर अंडे न फेंक सके।' बारुईपुर के सूर्यापुर हाट में रविवार को बच्ची का शव बोरे में बंद मिला था; पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया।
घटना के बाद इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए; भीड़ ने कथित तौर पर एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर सोमवार, 6 जुलाई को असामान्य रूप से भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात रहे। इस सुरक्षा घेरे को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखा राजनीतिक टकराव सामने आया। TMC का आरोप है कि यह व्यवस्था ममता बनर्जी को दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय दुष्कर्म-हत्या पीड़िता के परिजनों से मिलने जाने से रोकने के लिए की गई, जबकि BJP ने इसे महज सुरक्षा का सामान्य इंतजाम बताया।

सुरक्षा व्यवस्था का विस्तार

रविवार रात से ही कालीघाट आवास की ओर जाने वाली गली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, अर्धसैनिक बल और कई सरकारी वाहन तैनात कर दिए गए थे। सोमवार को भी यह व्यवस्था जारी रही। इस असामान्य सुरक्षा घेरे ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर बल की तैनाती की क्या आवश्यकता थी।

दोनों दलों के परस्पर विरोधी दावे

BJP नेता और मंत्री दिलीप घोष ने संवाददाताओं से कहा, 'वह (ममता बनर्जी) लगातार सड़कों पर घूमती रहती हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई उन पर अंडे न फेंक सके।' उनके इस बयान को TMC ने उकसावे वाला और तथ्यहीन बताया।

वहीं, TMC नेता बैसवानोर चटर्जी ने कहा, 'ममता बनर्जी निकलने के लिए तैयार थीं, लेकिन उन्हें जाने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर बैरिकेड लगा दिए गए।' TMC का आरोप है कि यह घेरेबंदी जानबूझकर की गई ताकि वे बारुईपुर में पीड़ित परिवार से न मिल सकें।

बारुईपुर में क्या हुआ

यह राजनीतिक विवाद उस समय सामने आया है जब बारुईपुर के सूर्यापुर हाट इलाके में रविवार को एक 11 वर्षीय बच्ची का शव बोरे में बंद मिला था। उसके लापता होने की सूचना एक दिन पहले दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले की जाँच जारी है और अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस वीभत्स घटना के बाद इलाके में जनाक्रोश भड़क उठा। आक्रोशित लोगों ने सड़कें जाम कीं, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। स्थिति तब और हिंसक हो गई जब भीड़ ने कथित तौर पर इस अपराध में शामिल एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि बारुईपुर की यह घटना पश्चिम बंगाल में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से चल रही राजनीतिक बहस में एक नया अध्याय जोड़ती है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में कानून-व्यवस्था पर विपक्ष लगातार सत्तारूढ़ TMC को घेर रहा है। BJP ने इस घटना को राज्य सरकार की विफलता बताया, जबकि TMC ने ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने से रोके जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया।

आगे क्या

पुलिस ने कहा है कि बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले की जाँच जारी है और अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ संभव हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में सत्ता और जवाबदेही के बीच बढ़ती खाई का प्रतीक है। बारुईपुर जैसी घटनाओं पर जब विपक्षी नेता या खुद सत्तारूढ़ दल के नेता पीड़ित परिवार से मिलने में अवरोध महसूस करें, तो सवाल उठता है कि राज्य तंत्र किसकी रक्षा कर रहा है। दिलीप घोष का 'अंडे फेंकने' वाला बयान राजनीतिक बहस को गंभीरता से हल्का करता है, जबकि असली मुद्दा एक बच्ची की निर्मम हत्या और उसके बाद की हिंसा है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है, वह यह है कि दोनों दलों का ध्यान पीड़ित परिवार के न्याय पर कम और राजनीतिक श्रेय-दोष पर अधिक है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर भारी पुलिस तैनाती क्यों हुई?
रविवार रात से ही कालीघाट आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए थे। BJP ने इसे ममता बनर्जी की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया, जबकि TMC का आरोप है कि यह घेरेबंदी उन्हें बारुईपुर जाने से रोकने के लिए की गई।
बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला क्या है?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के सूर्यापुर हाट इलाके में रविवार को एक 11 वर्षीय बच्ची का शव बोरे में बंद मिला था। एक दिन पहले उसके लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है और जाँच जारी है।
TMC और BJP के बीच इस मुद्दे पर क्या विवाद है?
TMC नेता बैसवानोर चटर्जी का दावा है कि ममता बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने निकलने वाली थीं, लेकिन पुलिस बैरिकेड से उन्हें रोका गया। BJP नेता दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस तैनाती महज सुरक्षा के लिए है। दोनों दलों के दावे परस्पर विरोधी हैं।
बारुईपुर में घटना के बाद क्या हुआ?
बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में भारी जनाक्रोश फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं, टायर जलाए और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की। कथित तौर पर भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या भी कर दी।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
पुलिस ने कहा है कि बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले की जाँच जारी है और अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। राजनीतिक विवाद के आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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