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ममता बनर्जी का चुनाव हार के बाद पहला धरना, TMC विधायकों की उपस्थिति पर सस्पेंस

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ममता बनर्जी का चुनाव हार के बाद पहला धरना, TMC विधायकों की उपस्थिति पर सस्पेंस

सारांश

चुनावी हार के बाद पहली बार सड़क पर उतर रही हैं ममता बनर्जी — लेकिन असली सवाल धरने का नहीं, विधायकों की गिनती का है। दो निष्कासन, एक रात की गुप्त बैठक और पूर्व मंत्रियों की खामोशी — TMC में टूट की आहट साफ सुनाई दे रही है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी मंगलवार, 3 जून को कोलकाता में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक धरना देंगी — चुनाव हार के बाद पहला सार्वजनिक कार्यक्रम।
धरना अवैध इमारतों की तोड़फोड़, फेरीवालों की बेदखली और अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में है।
TMC ने सोमवार को संदीपान साहा (एंटाली) और ऋतब्रत बनर्जी (उलुबेरिया पूर्व) को पार्टी से निष्कासित किया।
निष्कासित विधायकों की काइड स्ट्रीट हॉस्टल में पूर्व मंत्रियों जावेद अहमद खान और सेउली साहा के साथ रात की बैठक ने अटकलें बढ़ाईं।
दलबदल विरोधी कानून दोनों निष्कासित विधायकों पर लागू नहीं होगा; वे शेष कार्यकाल तक विधायक बने रहेंगे।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मंगलवार, 3 जून को पहली बार सड़क पर उतरने जा रही हैं। कोलकाता में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस दो घंटे के धरना प्रदर्शन में पार्टी के विधायकों की भागीदारी को लेकर गहरी अनिश्चितता बनी हुई है।

धरने का एजेंडा

कार्यक्रम के अनुसार, यह धरना मुख्य रूप से कोलकाता में अवैध इमारतों को ध्वस्त किए जाने और रेलवे भूमि पर काबिज फेरीवालों को हटाए जाने के विरोध में है। इसके अलावा, इस प्रदर्शन को अभिषेक बनर्जी पर हुए हालिया हमले के खिलाफ विरोध से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब TMC चुनावी पराजय के बाद आंतरिक दबाव से जूझ रही है।

दो विधायकों का निष्कासन, पार्टी में उथल-पुथल

धरने से ठीक एक दिन पहले सोमवार को TMC ने उत्तरी कोलकाता के एंटाली से विधायक संदीपान साहा और हावड़ा जिले के उलुबेरिया (पूर्व) से विधायक ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

यह कार्रवाई तब हुई जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों को लेकर आपराधिक जांच विभाग (CID) ने जांच शुरू कर दी है। संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने ही विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस को इन विसंगतियों की सूचना दी थी।

निष्कासित विधायकों की सक्रियता और रात की बैठक

निष्कासन के बाद से दोनों विधायक पार्टी के अन्य सदस्यों को अपने समर्थन में एकजुट करने में जुटे हुए हैं। सोमवार रात मध्य कोलकाता की काइड स्ट्रीट स्थित एमएलए हॉस्टल में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी के अलावा TMC के दो वरिष्ठ विधायक — जावेद अहमद खान और सेउली साहा — भी शामिल थे।

गौरतलब है कि सेउली साहा और जावेद अहमद खान दोनों ही पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य कैबिनेट के सदस्य रह चुके हैं।

सेउली साहा का बयान और अटकलें

बैठक के बाद सेउली साहा ने कहा, 'हम एमएलए हॉस्टल में अपने लिए आवंटित कमरे देखने आए थे। वहाँ संदीपान और ऋतब्रत से मुलाकात हुई। हमने एक कप चाय पर बातचीत की। याद रखिए, उन्हें पार्टी से निकाला गया है — विधायक के तौर पर नहीं।'

यह बयान आने वाले दिनों में TMC के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलों को हवा देने के लिए काफी है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, खान और साहा के अलावा TMC के कई अन्य विधायक भी निष्कासित सदस्यों के संपर्क में हैं।

दलबदल कानून और विधायकों की स्थिति

कानूनी दृष्टि से, चूँकि संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी को केवल पार्टी से निष्कासित किया गया है — विधायक पद से नहीं — इसलिए वे अपने पाँच साल के शेष कार्यकाल तक विधायक बने रहेंगे। दलबदल विरोधी कानून के प्रावधान उन पर लागू नहीं होंगे, जब तक वे किसी अन्य दल में विलय न करें।

ऐसे में मंगलवार को ममता बनर्जी के धरने में TMC विधायकों की संख्या और उपस्थिति का स्तर पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक उथल-पुथल का एक महत्वपूर्ण संकेतक बन जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उनकी नेतृत्व-क्षमता की परीक्षा है। चुनावी हार के बाद पार्टी में विधायकों का मनोबल और निष्ठा — दोनों दांव पर हैं। दो निष्कासन और पूर्व कैबिनेट मंत्रियों की रात की बैठक यह संकेत देती है कि असंतोष केवल हाशिये पर नहीं, बल्कि TMC के अनुभवी खेमे में भी पनप रहा है। अगर धरने में विधायकों की संख्या कम रही, तो यह ममता की पकड़ कमजोर होने का सार्वजनिक प्रमाण बन जाएगा — और विपक्ष इसे भुनाने में देर नहीं करेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ममता बनर्जी का कोलकाता धरना किन मुद्दों पर है?
यह धरना मुख्य रूप से कोलकाता में अवैध इमारतों की तोड़फोड़, रेलवे भूमि से फेरीवालों की बेदखली और अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में है। यह 3 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा।
TMC ने किन विधायकों को निष्कासित किया और क्यों?
तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को एंटाली से संदीपान साहा और उलुबेरिया (पूर्व) से ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी से निकाला। दोनों ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस को TMC विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों की सूचना दी थी, जिसके बाद CID जांच शुरू हुई।
निष्कासित TMC विधायकों पर दलबदल विरोधी कानून लागू होगा?
नहीं। चूँकि संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी को केवल पार्टी से निष्कासित किया गया है, विधायक पद से नहीं, इसलिए दलबदल विरोधी कानून उन पर तब तक लागू नहीं होगा जब तक वे किसी अन्य दल में विलय न करें। वे अपने शेष पाँच साल के कार्यकाल तक विधायक बने रहेंगे।
काइड स्ट्रीट की रात की बैठक में क्या हुआ?
सोमवार रात मध्य कोलकाता की काइड स्ट्रीट स्थित एमएलए हॉस्टल में निष्कासित विधायक संदीपान साहा और ऋतब्रत बनर्जी की मुलाकात पूर्व कैबिनेट मंत्रियों जावेद अहमद खान और सेउली साहा से हुई। बैठक के एजेंडे को लेकर साहा के अस्पष्ट जवाबों ने TMC में बड़े राजनीतिक बदलाव की अटकलों को बल दिया है।
धरने में TMC विधायकों की उपस्थिति क्यों अहम है?
यह ममता बनर्जी का चुनावी हार के बाद पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कई विधायक निष्कासित सदस्यों के संपर्क में हैं। धरने में विधायकों की संख्या TMC के भीतर ममता की पकड़ और पार्टी की एकजुटता का सार्वजनिक पैमाना बन जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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