बोमन ईरानी का 'फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम' पर संदेश: 'ऑटिज्म जागरूकता तब तक अधूरी है जब तक इस पर बात न हो'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता बोमन ईरानी ने शुक्रवार, 17 जुलाई को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। यह संदेश उन्होंने 22 जुलाई को मनाए जाने वाले 'विश्व फ्रेजाइल एक्स जागरूकता दिवस' से ठीक पहले दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब तक इस विषय पर खुलकर बातचीत नहीं होगी, ऑटिज्म के प्रति जागरूकता का अभियान अधूरा रहेगा।
क्यों उठाई आवाज़
बोमन ईरानी ने अपनी पोस्ट में 'फ्रेजाइल' नामक फिल्म का उल्लेख करते हुए लिखा, 'फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम ऑटिज्म का सबसे आम एकल जीन कारण माना जाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति से प्रभावित लोग और उनके परिवार हर दिन हिम्मत, धैर्य, संघर्ष और प्यार के साथ इसका सामना करते हैं — फिर भी यह विषय सार्वजनिक चर्चा में हाशिए पर रहता है।
सिनेमा की ताकत पर जोर
अभिनेता ने अपने संदेश में कहा, 'एक कलाकार के रूप में हम अपनी जिंदगी की कहानियाँ सुनाने में व्यक्त हैं, लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं, जो सिर्फ देखने के लिए नहीं, बल्कि हमें रुककर, सुनकर और उन लोगों की दुनिया को समझने के लिए प्रेरित करती हैं, जिनके बारे में हम शायद बहुत कम जानते हैं।' उनका मानना है कि एक अच्छी फिल्म सोच बदल सकती है और संवाद की शुरुआत कर सकती है।
फिल्म 'फ्रेजाइल' के बारे में
बोमन ईरानी ने बताया कि फिल्म 'फ्रेजाइल' पूरी सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ फ्रेजाइल एक्स सिंड्रोम से जुड़ी चुनौतियों को दर्शाती है। यह उन परिवारों की वास्तविक संघर्षगाथा है जो इस स्थिति के साथ जीते हैं। उन्होंने दर्शकों से आग्रह किया कि वे यह फिल्म देखें और इसका संदेश आगे फैलाएँ।
समाज से अपील
अपनी पोस्ट के अंत में बोमन ईरानी ने लिखा, 'कई बार किसी को समझने की शुरुआत सिर्फ एक कहानी से होती है।' उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस ज़रूरी बातचीत का हिस्सा बनें और 22 जुलाई के जागरूकता दिवस से पहले अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुँचाएँ। यह अपील ऐसे समय में आई है जब भारत में मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों पर सार्वजनिक चर्चा धीरे-धीरे बढ़ रही है।