बोमन ईरानी बोले — उत्तर-दक्षिण बहस से थक गया हूं, भाषा नहीं कहानी और काम मायने रखता है

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बोमन ईरानी बोले — उत्तर-दक्षिण बहस से थक गया हूं, भाषा नहीं कहानी और काम मायने रखता है

सारांश

बोमन ईरानी ने साफ कहा — उत्तर-दक्षिण की बहस थका देने वाली है, हम सब पहले भारतीय हैं। 'पेड्डी' के प्रमोशन के दौरान उन्होंने याद दिलाया कि सिनेमा की असली भाषा कहानी और भाव है — और हैदराबाद में बनी फिल्म का मुंबई में प्रचार इसी एकता की मिसाल है।

मुख्य बातें

बोमन ईरानी ने 20 मई 2025 को मुंबई में उत्तर-दक्षिण सिनेमा बहस को 'थकाने वाला' करार दिया।
उन्होंने कहा — 'हर 200 किलोमीटर पर भाषा बदलती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई किसी को विदेशी समझे।' आगामी फिल्म 'पेड्डी' में राम चरण , जान्हवी कपूर और दिव्येंदु शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
फिल्म हैदराबाद में निर्मित है और 4 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
बोमन ने अभिनय में सबटेक्स्ट की अहमियत पर जोर दिया — भाव दर्शकों तक पहुंचना चाहिए, भाषा गौण है।

अभिनेता बोमन ईरानी ने 20 मई 2025 को मुंबई में अपनी आगामी फिल्म 'पेड्डी' के प्रमोशन के दौरान भारतीय सिनेमा में लंबे समय से चली आ रही उत्तर-दक्षिण बहस पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह विभाजन थका देने वाला है और असल मायने केवल कहानी और काम के रखते हैं — भाषा नहीं।

उत्तर-दक्षिण बहस पर बोमन की खरी बात

बोमन ईरानी ने कहा, 'सच कहूं तो, मैं अब इस उत्तर-दक्षिण भारत की बहस से ऊब चुका हूं। आखिरकार, हम सब भारतीय ही तो हैं। देश में हर 200 किलोमीटर पर भाषा बदल जाती है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कोई किसी दूसरे को विदेशी समझे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसानियत और देश से प्यार करने वाले लोग हर क्षेत्र में एक जैसे हैं।

उन्होंने यह भी जोड़ा, 'दिल्ली का रहने वाला व्यक्ति मुझसे अलग तरह की हिंदी बोलेगा, लेकिन सिनेमा वही रहता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब RRR, KGF और बाहुबली जैसी दक्षिण भारतीय फिल्मों की राष्ट्रव्यापी सफलता के बाद हिंदी बनाम क्षेत्रीय सिनेमा की बहस फिर से गरम हुई है।

'पेड्डी' — एकता का उदाहरण

बोमन ने अपनी आगामी फिल्म 'पेड्डी' को इसी एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'हैदराबाद में बनी फिल्म का प्रचार करने के लिए लोग मुंबई आ रहे हैं — यह हमारे खूबसूरत देश का ही हिस्सा है।' फिल्म में राम चरण, जान्हवी कपूर और दिव्येंदु शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं और यह 4 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

गौरतलब है कि यह फिल्म हैदराबाद में निर्मित है और इसके प्रमोशन के लिए पूरी टीम मुंबई में सक्रिय है — जो खुद ब खुद उत्तर-दक्षिण सहयोग की मिसाल पेश करती है।

अभिनय की भाषा — सबटेक्स्ट पर जोर

बोमन ईरानी ने अभिनय के तकनीकी पहलू पर भी बात की। उनके अनुसार, 'भाषा चाहे हिंदी हो, अंग्रेजी हो या मराठी — अभिनेता को संवाद के अंदरूनी अर्थ यानी सबटेक्स्ट को समझना चाहिए। आप पहले अपनी भाषा में सोचिए, फिर उसे कहिए। दर्शकों तक भाव पहुंच जाना चाहिए।'

यह दृष्टिकोण उनके अपने करियर में भी स्पष्ट दिखता है — 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', '3 ईडियट्स', 'खोसला का घोषला', 'डॉन' और 'पीके' जैसी विभिन्न भाषाओं और शैलियों की फिल्मों में उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।

भारतीय सिनेमा की बदलती तस्वीर

बोमन के अनुसार, 'आज भारतीय सिनेमा क्षेत्रीय सीमाओं से बहुत आगे निकल चुका है। अलग-अलग भाषाओं में बनी फिल्में पूरे देश के साथ ही दुनिया में भी सराही जा रही हैं।' यह बात ऐसे दौर में और भी प्रासंगिक है जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने भाषाई दीवारों को और कमज़ोर किया है और दर्शक सब-टाइटल्स के ज़रिए किसी भी भाषा की फिल्म देख रहे हैं।

फिल्म 'पेड्डी' की रिलीज के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह सर्व-भारतीय सहयोग बॉक्स ऑफिस पर भी उसी एकता को प्रतिबिंबित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सांस्कृतिक तनाव को संबोधित करती है जो पिछले कुछ वर्षों में हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बीच बॉक्स ऑफिस प्रतिस्पर्धा के साथ उभरा है। दिलचस्प यह है कि यह बयान तब आया है जब वे खुद एक हैदराबाद-निर्मित फिल्म का हिस्सा हैं — यानी उनका स्वार्थ और सिद्धांत, दोनों एक ही दिशा में हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि यह 'एकता' का संदेश प्रमोशनल दौरे के दौरान दिया गया है। असली सवाल यह है कि क्या उद्योग संरचनात्मक स्तर पर — वितरण, स्क्रीन शेयर, डबिंग नीति — इस एकता को व्यवहार में उतारता है, या यह केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस की भाषा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोमन ईरानी ने उत्तर-दक्षिण बहस पर क्या कहा?
बोमन ईरानी ने कहा कि वे इस बहस से पूरी तरह थक चुके हैं और हम सब पहले भारतीय हैं। उनके अनुसार देश में हर 200 किलोमीटर पर भाषा बदलती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई किसी को विदेशी समझे।
बोमन ईरानी की फिल्म 'पेड्डी' कब रिलीज होगी?
'पेड्डी' 4 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म हैदराबाद में बनी है और इसमें राम चरण, जान्हवी कपूर और दिव्येंदु शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं।
'पेड्डी' में कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म 'पेड्डी' में राम चरण, जान्हवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और बोमन ईरानी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म हैदराबाद में निर्मित है।
बोमन ईरानी के अनुसार अच्छे अभिनय का राज़ क्या है?
बोमन ईरानी के अनुसार अभिनेता को संवाद के सबटेक्स्ट यानी अंदरूनी अर्थ को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले अपनी भाषा में सोचो, फिर बोलो — दर्शकों तक भाव पहुंचना चाहिए, भाषा गौण है।
बोमन ईरानी की प्रमुख हिट फिल्में कौन सी हैं?
बोमन ईरानी 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', '3 ईडियट्स', 'खोसला का घोषला', 'डॉन' और 'पीके' जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। इन फिल्मों में उनकी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा है।
राष्ट्र प्रेस
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