क्या बोमन ईरानी ने अपने खास फ़िल्म ‘शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी’ के 13 साल पूरे होने का जश्न मनाया?

सारांश
Key Takeaways
- फिल्म ‘शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी’ का 13 साल का जश्न।
- बोमन ईरानी का खास अनुभव और उनकी फिल्म के प्रति भावनाएँ।
- फिल्म की कहानी में पारिवारिक रिश्तों का महत्व।
- संजय लीला भंसाली की लेखनी और बेला भंसाली का निर्देशन।
- बोमन का भविष्य प्रोजेक्ट ‘खोसला का घोसला’ पार्ट 2।
मुंबई, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता बोमन ईरानी की फिल्म ‘शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी’ को रविवार को 13 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें साझा कीं और बताया कि यह फिल्म उनके लिए आज भी कितनी महत्वपूर्ण है।
इस पोस्ट में उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को एनिमेटेड तरीके से प्रस्तुत किया है। इसे साझा करते हुए अभिनेता ने लिखा, "कुछ फिल्में अपने किरदारों के कारण खास होती हैं, कुछ लोगों की वजह से, और शिरीन फरहाद तो निकल पड़ी दोनों कारणों से मेरे लिए विशेष है। फरहाद पस्ताकिया का किरदार निभाना, शिरीन यानी फराह खान के साथ काम करना और बेला का निर्देशन करना, इन सभी ने इस मूवी को एक अविस्मरणीय यात्रा बना दिया। यह एक कॉमेडी से भरपूर और दिल को छू लेने वाली फिल्म है। इसे फिर से मनाना कितना अद्भुत है।"
फिल्म में 45 सालसंजय लीला भंसाली ने लिखा था और इसे बेला भंसाली ने निर्देशित किया था।
बोमन ईरानी के कार्यक्षेत्र की बात करें तो उन्हें हाल ही में फिल्म 'त्नवी द ग्रेट' में देखा गया था, जो 78वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई थी। इसके अलावा, बोमन जल्द ही फिल्म 'खोसला का घोसला' के दूसरे भाग में नजर आएंगे, जिसकी शूटिंग नवंबर 2025 में शुरू होगी।
कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में, बोमन ईरानी ने शाहरुख के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, "शाहरुख को सेट पर रहना बहुत पसंद है। उन्हें लोगों के साथ रहना अच्छा लगता है। उनके लिए उनका एक शरारती पक्ष भी है। वह बहुत उदार हैं। उनका दिल बहुत बड़ा है। उनके सुइट का दरवाजा हमेशा खुला रहता है। एक ओर सारे स्नैक्स रखे होते हैं। लोग आते-जाते हैं, स्नैक्स लेते हैं। जब उनके पास समय होता है, तो वह उनके साथ खेलते हैं। सेट हमेशा मजेदार रहता है।"