राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की 19-25 जुलाई यूरोप यात्रा: मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और पर्यटन पर फोकस
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना होंगी — यह दौरा मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के संबंधों में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा का केंद्रीय उद्देश्य ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म — तीन 'टी' — के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देना है।
यात्रा का ऐतिहासिक महत्व
सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने 17 जुलाई 2026 को एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि यह पहली बार होगा जब किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया में द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। रोमानिया के संदर्भ में यह दौरा और भी उल्लेखनीय है — किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 से अधिक वर्षों में पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले 1994 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा बुखारेस्ट गए थे; उनसे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन और राष्ट्रपति वी.वी. गिरि भी रोमानिया की यात्रा कर चुके हैं।
गौरतलब है कि मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था, जबकि उत्तर मैसिडोनिया ने 2008 में। इस लिहाज से राष्ट्रपति स्तर की यह यात्रा दोनों देशों के साथ राजनयिक संबंधों को एक नई परिपक्वता प्रदान करती है।
मोल्दोवा में कार्यक्रम
मोल्दोवा प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु वहाँ के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगी, जिसके बाद एक राजकीय रात्रिभोज का आयोजन होगा। वे प्रधानमंत्री, संसद अध्यक्ष और संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मिलेंगी। इसके अतिरिक्त, मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ मिलकर एक व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगी। सहयोग के प्रस्तावित क्षेत्रों में व्यापार व निवेश, डिजिटल तकनीक, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और संस्कृति शामिल हैं।
उत्तर मैसिडोनिया में एजेंडा
उत्तर मैसिडोनिया में भी कार्यक्रम की संरचना समान रहेगी — राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक, प्रधानमंत्री और संसद अध्यक्ष से मुलाकात, तथा प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त व्यापार मंच। जॉर्ज ने याद दिलाया कि उत्तर मैसिडोनिया के प्रधानमंत्री 2012 और जनवरी 2015 में गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान भारत आए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। यह यात्रा उस संपर्क को राष्ट्रपति स्तर तक ले जाने का अवसर है।
रोमानिया: तीन दशक बाद पुनर्मिलन
रोमानिया प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीनेट के अध्यक्ष और चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष से मिलेंगी। दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। भारतीय कंपनियाँ रोमानिया में आईटी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, स्टील, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संकट के दौरान रोमानिया ने भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसने दोनों देशों के बीच विश्वास को और गहरा किया।
भारत की व्यापक यूरोप रणनीति
सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि यह दौरा केवल तीन देशों तक सीमित नहीं है — यह भारत की मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ व्यापक साझेदारी को सुदृढ़ करने और यूरोपीय संघ के साथ समग्र संबंधों को गति देने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। ब्रीफिंग में राष्ट्रपति की प्रेस सचिव डॉ. मनीषा वर्मा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और दक्षिणी यूरोप क्षेत्र की संयुक्त सचिव अल्पना दुबे भी उपस्थित रहीं। इस यात्रा के परिणाम भारत-यूरोप संबंधों की अगली पीढ़ी की नींव रखेंगे।