17 जुलाई 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ऐतिहासिक तीन-देशीय दौरा: 19–25 जुलाई तक मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ऐतिहासिक तीन-देशीय दौरा: 19–25 जुलाई तक मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 19–25 जुलाई का तीन-देशीय दौरा पूर्वी यूरोप में भारत की कूटनीतिक पहुँच का विस्तार है — मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया में पहली बार, और रोमानिया में तीन दशकों बाद। व्यापार, आईटी और फार्मा साझेदारी पर फोकस के साथ यह यात्रा भारत-EU संबंधों को नई ऊँचाई देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19–25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा , उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी।
मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया में यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा है।
रोमानिया में तीन दशकों से अधिक के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की यात्रा हो रही है।
तीनों देशों में बिजनेस फोरम , संसदीय संबोधन और द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम है।
कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में सहयोग विस्तार पर जोर रहेगा।
रोमानिया EU सदस्य है; प्रस्तावित भारत-EU FTA के संदर्भ में यह यात्रा आर्थिक रूप से भी अहम है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 के बीच मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना होंगी — तीनों में से दो देशों में यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा होगा। यह यात्रा पूर्वी यूरोप के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

मोल्दोवा: पहली बार किसी भारतीय राष्ट्रपति का दौरा

राष्ट्रपति मुर्मु 20 जुलाई 2026 को मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया सैंडू के निमंत्रण पर किशिनेव पहुँचेंगी। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा का पहला राजकीय दौरा है।

इस दौरान वह राष्ट्रपति सैंडू के साथ प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता करेंगी और मोल्दोवा गणराज्य की संसद के अध्यक्ष इगोर ग्रोसु से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, मोल्दोवा-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से संवाद, एक बिजनेस फोरम को संबोधन और भारतीय समुदाय के साथ बातचीत भी कार्यक्रम में शामिल है।

दोनों देशों के बीच कृषि, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं। यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को एक नई साझेदारी की दिशा में ले जाने का अवसर माना जा रहा है।

उत्तरी मैसेडोनिया: संसद को संबोधन और द्विपक्षीय वार्ता

राष्ट्रपति मुर्मु 21–22 जुलाई 2026 को उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर स्कोप्जे पहुँचेंगी। यह भी किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा होगा।

वह राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय बातचीत, प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की और असेंबली के अध्यक्ष से भेंट करेंगी। उत्तरी मैसेडोनिया की असेंबली को संबोधन और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भागीदारी भी इस यात्रा का अहम हिस्सा होगी।

दोनों देश कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को गहरा करने में रुचि रखते हैं। गौरतलब है कि उत्तरी मैसेडोनिया बाल्कन क्षेत्र में भारत के लिए एक उभरता हुआ साझेदार है।

रोमानिया: तीन दशकों बाद भारतीय राष्ट्रपति की वापसी

राष्ट्रपति मुर्मु 23 से 25 जुलाई 2026 तक रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर डैन के निमंत्रण पर बुखारेस्ट में होंगी। तीन दशकों से अधिक समय के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा है।

इस यात्रा में राष्ट्रपति मुर्मु, रोमानिया के अंतरिम प्रधानमंत्री इली बोलोजान, सीनेट के अध्यक्ष मिर्सिया अब्रुडीन, चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडेनु और रोमानिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात करेंगी।

भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधन और भारतीय समुदाय के साथ संवाद भी कार्यक्रम में शामिल है। रोमानिया यूरोपीय संघ (EU) का सदस्य है और प्रस्तावित भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के परिप्रेक्ष्य में यह यात्रा आर्थिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।

व्यापक कूटनीतिक संदर्भ

यह तीन-देशीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी विदेश नीति में पूर्वी यूरोप के साथ संबंधों को नई प्राथमिकता दे रहा है। गौरतलब है कि मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया दोनों में यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का पहला दौरा है, जो इन देशों के साथ भारत के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत को रेखांकित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा व्यापार, प्रौद्योगिकी और संसदीय कूटनीति के जरिये भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति से परे यूरोपीय क्षितिज को विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में इन देशों के साथ हस्ताक्षरित समझौतों और घोषणाओं पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि तीनों बिजनेस फोरम किस हद तक ठोस समझौतों में बदलते हैं। मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया छोटी अर्थव्यवस्थाएँ हैं, इसलिए व्यापारिक लाभ सीमित रह सकते हैं — लेकिन संसदीय कूटनीति और भू-राजनीतिक संकेत महत्त्वपूर्ण हैं। रोमानिया का दौरा सबसे रणनीतिक है: EU सदस्य के रूप में वह भारत-EU FTA वार्ता में एक प्रभावशाली आवाज़ हो सकता है। तीन दशकों की खामोशी के बाद यह पुनर्जुड़ाव सही दिशा में है, पर इसे नियमित उच्च-स्तरीय जुड़ाव में बदलने की ज़रूरत है — अन्यथा यह भी एक प्रतीकात्मक दौरे तक सिमट जाएगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु किन देशों की यात्रा पर जा रही हैं और कब?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 के बीच मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी। यह दौरा पूर्वी यूरोप के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
क्या किसी भारतीय राष्ट्रपति ने पहले मोल्दोवा या उत्तरी मैसेडोनिया का दौरा किया है?
नहीं, मोल्दोवा और उत्तरी मैसेडोनिया दोनों में राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा होगी। रोमानिया में तीन दशकों से अधिक समय के बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की यात्रा हो रही है।
इस दौरे में किन विषयों पर चर्चा होगी?
तीनों देशों में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। प्रत्येक देश में बिजनेस फोरम और संसदीय बैठकें भी आयोजित होंगी।
रोमानिया के संदर्भ में यह दौरा क्यों खास है?
रोमानिया यूरोपीय संघ का सदस्य है और प्रस्तावित भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते के नज़रिए से यह यात्रा आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। तीन दशकों से अधिक के अंतराल के बाद यह पुनर्जुड़ाव दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति दे सकता है।
राष्ट्रपति मुर्मु उत्तरी मैसेडोनिया में क्या करेंगी?
राष्ट्रपति मुर्मु 21–22 जुलाई को उत्तरी मैसेडोनिया की राष्ट्रपति गोर्दाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से मिलेंगी। वह उत्तरी मैसेडोनिया की असेंबली को संबोधित करेंगी और भारत-उत्तरी मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाग लेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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