आसाराम की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राजस्थान सरकार को 21 जुलाई तक मेडिकल रिपोर्ट देने का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जुलाई 2026 को जोधपुर नाबालिग दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह आसाराम की ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट 21 जुलाई तक अदालत में पेश करे। आसाराम ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सीमित अवधि की अंतरिम जमानत की माँग की है, जिस पर सरकार की रिपोर्ट आने के बाद ही अदालत कोई निर्णय लेगी।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार को हुई सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि मेडिकल रिपोर्ट से आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में गंभीर साबित होती है, तो अदालत केवल इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार कर सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहती कि किसी के साथ कोई अनहोनी हो।
सरकार की प्रतिक्रिया
राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि फिलहाल आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे, जहाँ उन्होंने पैदल घूमकर दर्शन किए थे। इसके बावजूद सरकार ने संबंधित अधिकारियों से ताज़ा स्वास्थ्य रिपोर्ट और आवश्यक जानकारी जुटाकर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 1 सितंबर 2013 को जोधपुर स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। वर्षों तक चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अप्रैल 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तब से वह जेल में बंद हैं।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान सरकार को 21 जुलाई तक अपना जवाब और मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही अदालत अंतरिम जमानत की माँग पर अपना अंतिम निर्णय सुनाएगी। यह मामला न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तय करेगा कि गंभीर अपराधों में सजायाफ्ता व्यक्तियों को स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम राहत किन परिस्थितियों में दी जा सकती है।