17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बृजभूषण शरण सिंह बोले — शंकराचार्य की गोरक्षा यात्रा में दूध के उचित दाम की मांग भी जुड़े

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बृजभूषण शरण सिंह बोले — शंकराचार्य की गोरक्षा यात्रा में दूध के उचित दाम की मांग भी जुड़े

सारांश

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने शंकराचार्य की गोरक्षा यात्रा का समर्थन करते हुए एक अहम सवाल उठाया — गौ-पालन तभी बचेगा जब दूध को ₹150/लीटर का उचित दाम मिले। नकली डेयरी उत्पादों और बढ़ती लागत ने पशुपालकों को घाटे में धकेल दिया है।

मुख्य बातें

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जुलाई 2026 को गोंडा में शंकराचार्य की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि दूध का उचित मूल्य ₹150 प्रति लीटर होना चाहिए, जबकि अभी यह ₹35–₹40 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
भूसे की कीमत अभी ₹1,200 प्रति क्विंटल है और सर्दियों तक ₹1,800 प्रति क्विंटल तक पहुँच सकती है।
पशु आहार ₹35 प्रति किलो और दूध की बिक्री दर लगभग बराबर होने से पशुपालकों को कोई लाभ नहीं।
नकली घी, पनीर, खोवा और दही जैसे उत्पादों पर प्रभावी रोक न लगने से असली दूध का मूल्य प्रभावित हो रहा है।
बुडापेस्ट रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के प्रदर्शन पर उन्होंने प्रसन्नता जताई, कहा भारत अब शीर्ष पाँच टीमों में शामिल।

कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 17 जुलाई 2026 को गोंडा में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पर अपनी राय रखते हुए कहा कि गौ-रक्षा आंदोलन स्वागतयोग्य है, परंतु इसमें दूध के उचित मूल्य की मांग को भी केंद्र में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार जब तक पशुपालकों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिलता, तब तक गौ-पालन को बढ़ावा देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होगा।

गौ-पालन बना घाटे का सौदा

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में गौ-पालन आर्थिक रूप से नुकसानदेह हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस समय भूसे का भाव लगभग ₹1,200 प्रति क्विंटल है, जो सर्दियों तक ₹1,600 से ₹1,800 प्रति क्विंटल तक पहुँचने की आशंका है। इसके साथ ही मजदूरों की कमी और पशु आहार की बढ़ती लागत ने पशुपालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सामान्य गाय को प्रतिदिन कम से कम चार किलो और बड़ी गाय को छह किलो तक दाना देना आवश्यक होता है। पशु आहार की कीमत लगभग ₹35 प्रति किलो है, जबकि दूध बाज़ार में ₹35 से ₹40 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है — यानी उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य में लगभग कोई अंतर नहीं बचता।

नकली डेयरी उत्पाद बड़ी समस्या

पूर्व सांसद ने कहा कि बाज़ार में बड़े पैमाने पर नकली घी, पनीर, खोवा, दही और मिल्क पाउडर जैसे उत्पाद बिक रहे हैं, जिनके कारण असली दूध को उसका उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा। उनका मानना है कि जब तक नकली डेयरी उत्पादों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जाती, तब तक असली दूध उत्पादकों की स्थिति नहीं सुधरेगी। उन्होंने कहा कि यदि दूध का वाजिब मूल्य तय किया जाए तो यह लगभग ₹150 प्रति लीटर होना चाहिए।

बुडापेस्ट कुश्ती चैंपियनशिप पर प्रसन्नता

इसी बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह ने बुडापेस्ट रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एक समय भारत विश्व कुश्ती में पिछड़ा हुआ था, लेकिन अब भारत दुनिया की शीर्ष पाँच टीमों में शामिल हो चुका है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले दो-तीन वर्षों में भारतीय कुश्ती में कुछ व्यवधान आया था, परंतु अब खेल सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आगे की उम्मीद

बृजभूषण शरण सिंह ने विश्वास जताया कि भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण और रजत पदक जीतने का सिलसिला जारी रखेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले ओलंपिक में भी भारतीय पहलवान पहले की तुलना में अधिक पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेंगे। गौ-रक्षा के मोर्चे पर, उनका संदेश स्पष्ट है — आंदोलन तभी सार्थक होगा जब पशुपालकों की आर्थिक पीड़ा को भी उसका अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो गौ-पालन को 'धर्म' के नाम पर जीवित नहीं रखा जा सकता। नकली डेयरी उत्पादों पर नियामकीय सख्ती की माँग वर्षों से उठती रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई अभी भी अधूरी है। असली सवाल यह है कि क्या गोरक्षा आंदोलन इस आर्थिक एजेंडे को भी उतनी ही ताकत से उठाएगा जितनी धार्मिक भावना को।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बृजभूषण शरण सिंह ने शंकराचार्य की गोरक्षा यात्रा पर क्या कहा?
उन्होंने यात्रा का समर्थन करते हुए कहा कि गौ-रक्षा आंदोलन में दूध के उचित मूल्य की मांग को भी शामिल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार जब तक पशुपालकों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिलता, गौ-पालन को बढ़ावा देना व्यावहारिक नहीं होगा।
दूध का उचित मूल्य कितना होना चाहिए?
बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार दूध का उचित मूल्य लगभग ₹150 प्रति लीटर होना चाहिए। अभी यह ₹35 से ₹40 प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि पशु आहार की लागत ₹35 प्रति किलो तक पहुँच चुकी है।
गौ-पालन घाटे का सौदा क्यों बन गया है?
भूसे की कीमत ₹1,200 प्रति क्विंटल है जो सर्दियों तक ₹1,800 तक जा सकती है, पशु आहार ₹35 प्रति किलो है और मजदूरों की कमी भी है। इन सबके मुकाबले दूध का बिक्री मूल्य बेहद कम है, जिससे पशुपालकों को कोई लाभ नहीं मिल पाता।
नकली डेयरी उत्पादों का दूध की कीमत पर क्या असर है?
बृजभूषण शरण सिंह के अनुसार बाज़ार में नकली घी, पनीर, खोवा, दही और मिल्क पाउडर बड़े पैमाने पर बिक रहे हैं। इनकी वजह से असली दूध और डेयरी उत्पादों की मांग और कीमत दोनों प्रभावित हो रही हैं।
बुडापेस्ट रेसलिंग चैंपियनशिप पर उन्होंने क्या कहा?
उन्होंने भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई और कहा कि भारत अब विश्व की शीर्ष पाँच कुश्ती टीमों में शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले ओलंपिक में भारतीय पहलवान और अधिक पदक जीतेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले