6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में डेयरी क्रांति: CM भजनलाल का बड़ा फैसला, 85 लाख लीटर दूध खरीद का लक्ष्य

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में डेयरी क्रांति: CM भजनलाल का बड़ा फैसला, 85 लाख लीटर दूध खरीद का लक्ष्य

सारांश

राजस्थान CM भजनलाल शर्मा ने डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए बड़े निर्देश दिए। दूध खरीद 45 लाख से बढ़ाकर 85 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य, 530 करोड़ के नए प्लांट और 'सरस' ब्रांड का राष्ट्रीय विस्तार।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 अप्रैल को राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
राजस्थान में दूध खरीद को 45 लाख लीटर से बढ़ाकर 85 लाख लीटर प्रतिदिन करने का दो चरणीय लक्ष्य तय किया गया।
दूध खरीद दर 50 रुपए से बढ़ाकर 52 रुपए प्रति किलोग्राम फैट की गई, जिससे पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
530 करोड़ रुपए के निवेश से नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
सरस स्मार्ट, सरस कैफे और सरस सिग्नेचर प्लाजा के जरिए 'सरस' ब्रांड का आधुनिक विस्तार होगा।
खाटू श्यामजी, पुष्कर, नाथद्वारा सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों और अन्य राज्यों में 'सरस' आउटलेट खुलेंगे।

जयपुर, 24 अप्रैल। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की समीक्षा बैठक में डेयरी क्षेत्र को प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिकाधिक पशुपालक किसानों को डेयरी सहकारी ढांचे से जोड़ा जाए और दुग्ध उत्पादों के विपणन के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। यह बैठक मुख्यमंत्री कार्यालय, जयपुर में आयोजित हुई।

दूध खरीद में बड़ा विस्तार — दो चरणों में 85 लाख लीटर का लक्ष्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में फिलहाल प्रतिदिन लगभग 45 लाख लीटर दूध की खरीद हो रही है। इसे पहले चरण में 65 लाख लीटर और दूसरे चरण में 85 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने की योजना है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिन क्षेत्रों में डेयरी सहकारी समितियां अनुपस्थित हैं, वहां नई समितियां स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही दूध खरीद दर को 50 रुपए से बढ़ाकर 52 रुपए प्रति किलोग्राम फैट कर दिया गया है, जिससे पशुपालकों की आय में सीधा इजाफा होगा।

530 करोड़ के निवेश से बढ़ेगी प्रसंस्करण क्षमता

राज्य में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 530 करोड़ रुपए के निवेश से नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही मौजूदा इकाइयों का विस्तार भी किया जा रहा है। यह कदम 'सरस' ब्रांड की उत्पादन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम है।

मुख्यमंत्री दूध उत्पादक संबल योजना के तहत डेयरी किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि 'सरस' उत्पाद उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक बन चुके हैं।

सरस ब्रांड का आधुनिक विस्तार — धार्मिक स्थलों से लेकर स्मार्ट आउटलेट तक

बैठक में सरस स्मार्ट, सरस कैफे और सरस सिग्नेचर प्लाजा जैसे आधुनिक आउटलेट्स के माध्यम से 'सरस' ब्रांड के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खाटू श्यामजी, सालासर, नाथद्वारा, पुष्कर और अजमेर जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर ऐसे आउटलेट खोलने के निर्देश दिए।

इसके अलावा राजीविका के माध्यम से कलेक्टरेट जैसे सरकारी कार्यालयों में संचालित सरस स्मार्ट पार्लरों की प्रगति की समीक्षा की गई। सरकारी अस्पतालों, राजस्थान रोडवेज बस स्टैंड और पर्यटन विकास निगम के होटलों में भी सरस आउटलेट्स के विस्तार की योजना पर मुहर लगाई गई।

अन्य राज्यों में विस्तार और मिलावट पर कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों में 'सरस' उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के साथ टाई-अप करने की योजना बनाने के निर्देश दिए। यह कदम 'सरस' को राष्ट्रीय डेयरी ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मिलावट रोकने के लिए दूध की खरीद से लेकर अंतिम उत्पाद के वितरण तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता निगरानी की मजबूत प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए गए। 'विकसित ग्राम' और 'विकसित वार्ड' अभियानों के डेटा के आधार पर नए डेयरी बूथ स्थापित करने की भी योजना बनाई गई।

बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव (पशुपालन) सीताराम भाले, सहकारिता सचिव डॉ. समीत शर्मा तथा राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि राजस्थान, देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शुमार है और यहां का 'सरस' ब्रांड अमूल जैसे राष्ट्रीय ब्रांड्स को टक्कर देने की क्षमता रखता है। आने वाले महीनों में नए प्रसंस्करण संयंत्रों के चालू होने और खरीद दर बढ़ने से राजस्थान के लाखों पशुपालक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई से देखें तो यह ग्रामीण वोट बैंक को साधने की दीर्घकालिक रणनीति भी है — जहां पशुपालक समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है। 530 करोड़ का निवेश और खरीद दर में वृद्धि स्वागतयोग्य है, लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी, क्योंकि राजस्थान में पहले भी डेयरी विस्तार की योजनाएं कागजों तक सिमट जाती रही हैं। 'सरस' को अमूल जैसे स्थापित ब्रांड से टक्कर लेनी है — इसके लिए केवल आउटलेट खोलना पर्याप्त नहीं, गुणवत्ता नियंत्रण और कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी उतना ही निवेश जरूरी है। मुख्यधारा की मीडिया जो नहीं बता रही वो यह है कि दूध खरीद दर में मात्र 2 रुपए की वृद्धि तब आई जब किसान संगठन लंबे समय से उचित मूल्य की मांग कर रहे थे।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में दूध खरीद का नया लक्ष्य क्या है?
राजस्थान सरकार ने दूध खरीद को मौजूदा 45 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर पहले चरण में 65 लाख लीटर और दूसरे चरण में 85 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए नई डेयरी सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं।
राजस्थान में दूध खरीद दर कितनी बढ़ाई गई है?
राजस्थान सरकार ने दूध खरीद दर को 50 रुपए से बढ़ाकर 52 रुपए प्रति किलोग्राम फैट कर दिया है। यह वृद्धि पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
सरस ब्रांड को किन स्थानों पर विस्तार दिया जाएगा?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खाटू श्यामजी, सालासर, नाथद्वारा, पुष्कर और अजमेर जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर सरस आउटलेट खोलने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों, बस स्टैंड और होटलों में भी विस्तार होगा।
राजस्थान डेयरी क्षेत्र में कितना निवेश हो रहा है?
राजस्थान में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 530 करोड़ रुपए के निवेश से नए दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। मौजूदा इकाइयों का भी विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री दूध उत्पादक संबल योजना क्या है?
मुख्यमंत्री दूध उत्पादक संबल योजना राजस्थान सरकार की एक योजना है जो डेयरी किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह योजना पशुपालकों की आय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले