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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का ऐलान: 'गाय को माता कहने वाली सरकार को देंगे वोट'

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का ऐलान: 'गाय को माता कहने वाली सरकार को देंगे वोट'

सारांश

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फतेहपुर में गौ-रक्षा को वोट की शर्त बना दिया — BJP को साफ संदेश दिया कि गाय को राजमाता का दर्जा मिले, वरना समर्थन नहीं। एक दिन पहले बांदा में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में 'फेल' करार दिया था।

मुख्य बातें

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 28 मई को फतेहपुर में ऐलान किया — 'गाय को माता कहने वाली सरकार को वोट देंगे।' उन्होंने BJP को चुनौती दी कि गाय को राजमाता का दर्जा दे, तभी यात्रा बंद होगी।
27 मई को बांदा में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गौ-रक्षा के मामले में 'फेल' कहा।
आश्रय स्थलों में गायों की दुर्दशा और गौ-तस्करों पर अंकुश न लगने को उन्होंने सरकार की विफलता बताया।
जनसंख्या पर कहा — नेताओं की अक्षमता के कारण जनसंख्या 'भार' लगती है, अन्यथा यह शक्ति है।

फतेहपुर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 28 मई को गौ-रक्षा के मुद्दे पर सीधा राजनीतिक संदेश दिया — जो सरकार गाय को माता का दर्जा देगी, उसी को वोट मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों को यह प्रेरणा दे रहे हैं कि 'गाय को पशु कहने वाली सरकार हटाओ, गाय को माता कहने वाली सरकार लाओ।'

गौ-भक्ति केवल मंचों तक सीमित

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि गाय की सुरक्षा को लेकर बातें तो होती हैं, लेकिन यह गौ-भक्ति केवल मंचों और वक्तव्यों तक सिमटी हुई है। उनके अनुसार, धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है — आश्रय स्थलों में गायों की दशा बदतर है, गौ-तस्करों पर अब तक अंकुश नहीं लगा है और गायों के लिए केवल कागजी कार्रवाई हो रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गाय के बारे में सच्चाई बोल रहे हैं, उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि जनता प्रचार में आकर वास्तविक स्थिति से अनजान रहती है।

भाजपा को सीधी चुनौती

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) गाय को राजमाता का दर्जा दे दे, तो वे अपनी यात्रा तत्काल बंद कर देंगे। उन्होंने कहा, 'हमने भाजपा को वोट देकर गौ-रक्षा के लिए सरकार बनाई है। हमारा वोट चाहिए तो गाय को माता कहकर आना पड़ेगा।' उनके अनुसार, पक्ष-विपक्ष राजनीतिक दलों के लिए होता है — उनके लिए तो जो सरकार गाय की रक्षा करे, वही उनकी सरकार है।

योगी आदित्यनाथ पर कड़ी टिप्पणी

एक दिन पूर्व, 27 मई को बांदा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गौ-रक्षा के मामले में 'फेल' करार दिया था। उनका तर्क था कि गोरक्षपीठ से जुड़े होने के कारण योगी से इस दिशा में सबसे अधिक उम्मीदें थीं, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा था, 'योगी आदित्यनाथ बुलडोजर लेकर आए हैं और सबको डरा-धमकाकर शासन कर रहे हैं।'

जनसंख्या पर भी बोले स्वामी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जनसंख्या के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि नेता इतने अक्षम हैं कि जनसंख्या के लिए काम नहीं ढूंढ पा रहे, इसलिए उन्हें जनसंख्या भार लगती है। उनके अनुसार, यदि नेता काम खोजने में सक्षम होते, तो अधिक जनसंख्या एक शक्ति बनती, बोझ नहीं। उन्होंने कहा, 'जनसंख्या जितनी भगवान बढ़ाए, अच्छा है।'

आगे क्या

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की यह 'गौ-रक्षा यात्रा' विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जारी है। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है। गौ-रक्षा को वोट की शर्त बनाने का यह सीधा संदेश धार्मिक-राजनीतिक विमर्श में एक नया आयाम जोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक दबाव की रणनीति है — वह भी उस BJP के विरुद्ध जिसे हिंदुत्व का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभार्थी माना जाता है। योगी आदित्यनाथ को उनके ही धार्मिक आधार पर 'फेल' कहना दर्शाता है कि हिंदुत्व की छतरी के भीतर भी आंतरिक जवाबदेही की माँग उठ रही है। गौशालाओं की दुर्दशा और गौ-तस्करी की निरंतरता — जो खुद सरकारी रिपोर्टों में भी दर्ज है — इस आलोचना को केवल विपक्षी राजनीति नहीं कहा जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन मतदाताओं के एक वर्ग को वास्तव में प्रभावित कर सकता है, या यह चुनावी मौसम में एक और दबाव-समूह की मोलभाव की कोशिश बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ-रक्षा यात्रा क्या है?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उत्तर प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों को यह संदेश दे रहे हैं कि गाय को माता का दर्जा देने वाली सरकार को चुनें। इस यात्रा का उद्देश्य गौ-रक्षा को राजनीतिक एजेंडे पर केंद्रीय मुद्दा बनाना है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने BJP को क्या चेतावनी दी?
उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी गाय को 'राजमाता का दर्जा' दे दे, तो वे अपनी यात्रा तत्काल बंद कर देंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जो सरकार गाय को माता कहकर आएगी, उसी को उनका वोट मिलेगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी आदित्यनाथ को 'फेल' क्यों कहा?
27 मई को बांदा में उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से जुड़े होने के कारण उनसे गौ-रक्षा में सबसे अधिक उम्मीदें थीं, लेकिन वे इस दिशा में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योगी 'बुलडोजर' से शासन कर रहे हैं।
गौ-रक्षा के मामले में धरातल पर क्या स्थिति बताई गई?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, आश्रय स्थलों में गायों की हालत बहुत बुरी है, गौ-तस्करों पर अब तक कोई प्रभावी अंकुश नहीं लगा है और सरकारी स्तर पर केवल कागजी कार्रवाई हो रही है।
जनसंख्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का क्या मत है?
उनका कहना है कि नेताओं की अक्षमता के कारण जनसंख्या उन्हें भार लगती है। यदि नेता लोगों के लिए काम ढूंढ पाते, तो अधिक जनसंख्या एक बड़ी शक्ति होती। उन्होंने कहा, 'जनसंख्या जितनी भगवान बढ़ाए, अच्छा है।'
राष्ट्र प्रेस
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